घरेलू शेयर बाजार में सोमवार, 21 सितंबर को लॉर्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों में जोरदार लिवाली देखने को मिली। दिग्गज वैश्विक वित्तीय संस्था गोल्डमैन सैक्स से जुड़े बल्क डील सौदे की खबर सामने आने के बाद निवेशकों ने इस स्मॉलकैप काउंटर पर आक्रामक खरीदारी की। कंपनी की शेयरधारिता संरचना में बदलाव और हालिया कारोबारी विस्तार योजनाओं के बीच इस शेयर की मांग में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बीएसई पर 5 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार
सोमवार के कारोबारी सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर कंपनी का शेयर लगभग 89 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 89.58 रुपये पर खुला। बाजार खुलते ही शेयर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और इसने 87.60 रुपये का इंट्राडे निचला स्तर छुआ। इसके बाद खरीदारों की जोरदार वापसी हुई और शेयर 5 फीसदी की छलांग लगाकर 93.45 रुपये के इंट्राडे उच्चतम स्तर तक पहुंच गया।
इस जोरदार तेजी के बाद 21 सितंबर को लॉर्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण बढ़कर करीब 3,986.78 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो आईसीआईसीआई डायरेक्ट के डेटा के मुताबिक शेयर का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 669.70 रुपये रहा है, जबकि इसका 52 हफ्तों का निचला स्तर 60 रुपये है। इस प्रकार 93.45 रुपये का मौजूदा भाव अब भी अपने एक साल के शीर्ष स्तर से काफी नीचे बना हुआ है।
गोल्डमैन सैक्स और हिसारिया ग्रुप की हिस्सेदारी खरीद
बाजार के आंकड़ों के अनुसार, इस ताजा तेजी की मुख्य वजह 18 सितंबर को हुआ एक बड़ा संस्थागत सौदा है। इस तारीख को गोल्डमैन सैक्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस 1 लिमिटेड ने लॉर्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज के शेयर खरीदे थे। इसके अलावा सामने आए घटनाक्रम बताते हैं कि कंपनी के एक प्रमोटर ने अपनी 4.3 फीसदी हिस्सेदारी बेची है। इस बिकवाली के मुकाबले गोल्डमैन सैक्स और हिसारिया ग्रुप ने मिलकर कंपनी में लगभग 1.9 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है।
कंपनी के शेयरधारिता पैटर्न में इस बड़े संस्थागत प्रवेश ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विशेष रूप से इसलिए भी क्योंकि कंपनी ने हाल ही में कॉरपोरेट पुनर्गठन और रिवर्स मर्जर की प्रक्रिया पूरी करके शेयर बाजार में कदम रखा है। नई सूचीबद्धता के बाद वैश्विक स्तर की वित्तीय फर्मों द्वारा दांव लगाए जाने से खुदरा और संस्थागत दोनों श्रेणियों के निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
क्रैटोस एनर्जी से लॉर्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज बनने का सफर
लॉर्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज को पहले क्रैटोस एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम से जाना जाता था। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी एनसीएलटी द्वारा स्वीकृत समाधान योजना और रिवर्स मर्जर प्रक्रिया के बाद इसका नाम बदलकर लॉर्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज रखा गया। यह पूरा पुनर्गठन प्री-पैकेज्ड इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन फ्रेमवर्क के तहत व्यवस्थित तरीके से पूरा किया गया था।
पुनर्गठन के बाद यह कंपनी एक विविध व्यापारिक समूह के रूप में काम कर रही है। कंपनी का परिचालन इतिहास चार दशकों से अधिक पुराना है और इसका मुख्य कारोबार हेल्थकेयर, डायग्नोस्टिक्स, एलईडी और सोलर सॉल्यूशंस से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा कंपनी ने रिन्यूएबल एनर्जी और मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
विभिन्न सहायक इकाइयों में निवेश और भविष्य की दिशा
लॉर्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज के पोर्टफोलियो में हेल्थकेयर ऑपरेशंस के तहत अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक और मेडिकल टेक्नोलॉजी गतिविधियां शामिल हैं, जबकि एलईडी-सोलर सेगमेंट इसका दूसरा सबसे बड़ा परिचालन स्तंभ बनकर उभरा है। इसके साथ ही कंपनी ने कई सहायक व्यवसायों में रणनीतिक निवेश किया हुआ है, जिनमें लॉर्ड्स मोबिलिटी, लॉर्ड्स मार्क बायोटेक और लॉर्ड्स मार्क माइक्रोबायोटेक प्रमुख रूप से शामिल हैं।
हालांकि गोल्डमैन सैक्स द्वारा हिस्सेदारी खरीदा जाना कंपनी के लिए एक अहम घटनाक्रम है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि केवल किसी संस्थागत निवेशक की एंट्री शेयर के भविष्य के प्रदर्शन की पूरी गारंटी नहीं होती। लंबी अवधि में किसी भी कंपनी की सेहत उसके वित्तीय नतीजों, कारोबारी योजनाओं के क्रियान्वयन, भविष्य के कॉरपोरेट फैसलों और शेयरों की ट्रेडिंग लिक्विडिटी पर निर्भर करती है, जिन पर निवेशकों को पैनी नजर रखनी चाहिए।

















