अमेरिकी फेडरल रिजर्व की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (बीपीएस) की बढ़ोतरी और आगे भी उच्च ब्याज दर पथ बनाए रखने के रुख के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) ने अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखी है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में आई तेजी ने डॉलर को सहारा दिया है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि मुद्रा में और तेजी आने की राह अब पहले से अधिक कठिन हो गई है। ओसीबीसी के क्रिस्टोफर वोंग का कहना है कि डॉलर को और ऊपर जाने के लिए या तो बॉन्ड यील्ड्स में नया उछाल देखना होगा या फिर अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों को उम्मीद से ज्यादा मजबूत आना होगा। फिलहाल निकट अवधि में 100.32 से 100.60 का स्तर डॉलर के लिए मुख्य प्रतिरोध और 99.90 से 99.20 का दायरा महत्वपूर्ण सपोर्ट बना हुआ है।
फेड की सख्ती के बीच डॉलर इंडेक्स के सामने कड़े तकनीकी अवरोध
फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत रुख और ट्रेजरी यील्ड्स के ऊंचे स्तरों ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी है, जिससे DXY 100.22 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, दैनिक मोमेंटम सकारात्मक दिखने के बावजूद रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) ओवरबॉट यानी अत्यधिक खरीद वाले क्षेत्र के पास धीमा पड़ता दिखाई दिया है। शुक्रवार के कारोबारी ढांचे से संकेत मिले हैं कि डॉलर इंडेक्स का ऊपर की ओर बढ़ता दबाव प्रतिरोध स्तरों के पास अपनी गति खो रहा है। यह स्थिति निकट अवधि में तेजी की थकान को दर्शाती है, भले ही इसे पूर्ण ट्रेंड रिवर्सल नहीं कहा जा सकता। बाजार सहभागियों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या आने वाले सत्रों में बिकवाली का दबाव और गहराता है या नहीं।
तकनीकी चार्ट पर डॉलर इंडेक्स के लिए 100.32 का स्तर पहला बड़ा प्रतिरोध है, जो 2026 के निचले और उच्च स्तर का 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर है। इसके बाद 100.60 का स्तर अगला महत्वपूर्ण अवरोध माना जा रहा है। नीचे की ओर, डॉलर को 99.90 पर सहारा मिल रहा है, जहां 50 और 100 दिनों के दैनिक मूविंग एवरेज (DMAs) मौजूद हैं। इसके अलावा 99.40 का स्तर 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट और 21 DMA का संगम है, जबकि 99.20 का स्तर 200 DMA के रूप में अंतिम मजबूत सपोर्ट प्रदान कर रहा है।
एशियाई सत्र में AUD/USD की स्थिरता और लाइव तकनीकी रुझान
अमेरिकी डॉलर के हालिया उच्च स्तर से पीछे हटने की गति थमने के बावजूद सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD 0.7100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर मजबूती से टिका रहा। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) द्वारा लोन प्राइम रेट्स को यथावत रखने के फैसले ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर कुछ दबाव बनाया, लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी किए जाने की संभावनाओं ने मुद्रा को नीचे गिरने से बचाया। वैश्विक बाजार अब होने वाले ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, AUD/USD 0.7131 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 0.7115 से 0.22 प्रतिशत अधिक है। मुद्रा जोड़ी का 52 सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है और कारोबारी वॉल्यूम अपने 20 दिवसीय औसत के 1.00 गुना के बराबर बना हुआ है। 14 दिवसीय RSI 49 पर तटस्थ है। मूविंग एवरेज की बात करें तो 50 दिवसीय EMA 0.7107 और 200 दिवसीय EMA 0.6956 पर स्थित हैं, जो गोल्डन क्रॉस के साथ दीर्घकालिक तेजी के रुझान की पुष्टि करते हैं। 20 दिवसीय बोलिंजर बैंड 0.7094 से 0.7238 के बीच हैं, जहां मध्य स्तर 0.7166 है और भाव वर्तमान में इन सीमाओं के भीतर चल रहा है। आज के लिए मुख्य पिवट पॉइंट 0.7127 है, जबकि प्रतिरोध स्तर R1 0.7140 और R2 0.7148 पर हैं। नीचे की ओर समर्थन स्तर S1 0.7119 और S2 0.7106 पर स्थित हैं।
येन में तेजी और बैंक ऑफ जापान का बड़ा नीतिगत कदम
एशियाई बाजारों में USD/JPY फिसलकर 157.00 से नीचे आ गया। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा दर जांच किए जाने के बाद संभावित मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिमों ने जापानी येन को सहारा दिया। जापान में छुट्टी होने के बावजूद रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशक सतर्क बने हुए हैं। अमेरिकी डॉलर की गिरावट रुकने के कारण इस जोड़ी की गिरावट भी एक सीमित दायरे तक ही सिमटी रही।
इस बीच, बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है। नीति समिति में यह निर्णय 7-2 के बहुमत से पारित हुआ, जो बाजार की हफ्तों पुरानी उम्मीदों के पूरी तरह अनुरूप रहा। इस नीतिगत बदलाव ने येन को अतिरिक्त स्थिरता प्रदान की है।
सोने में नरमी और क्रिप्टो बाजार में जीकैश की बड़ी छलांग
यूरोपीय सत्र के पहले भाग में सोने की कीमतों पर दबाव बना रहा। पीली धातु 0.50 प्रतिशत से अधिक गिरकर 4,350 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है। हालांकि, सोना पिछले बुधवार को छुए गए अपने छह सप्ताह के निचले स्तर से काफी ऊपर बना हुआ है। व्यापारी पश्चिम एशिया संकट के घटनाक्रमों और मुद्रास्फीति पर इसके असर पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे ब्याज दरों के भविष्य की दिशा तय होगी। चूंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए दर परिदृश्य का इस पर सीधा असर पड़ता है।
दूसरी ओर, संस्थागत पूंजी प्रवाह और व्यापक क्रिप्टो बाजार में सुधार के दम पर जीकैश (ZEC) 1,500 डॉलर के स्तर के ऊपर पहुंच गया। पिछले सप्ताह इसमें 40 प्रतिशत से अधिक की भारी तेजी दर्ज की गई। ग्रेस्केल के ZEC-केंद्रित एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) ने पिछले सप्ताह 98.21 मिलियन डॉलर का शुद्ध प्रवाह दर्ज किया। साथ ही, नेटवर्क के डेवलपर्स निजी भुगतान की गति बढ़ाने के उद्देश्य से NU7 अपग्रेड की तैयारियों पर काम कर रहे हैं।
तीसरी तिमाही के अंत में वित्तीय बाजारों की अनूठी स्थिति
तीसरी तिमाही के अंतिम सप्ताहों में प्रवेश करते हुए वैश्विक वित्तीय बाजार एक असामान्य स्थिति का सामना कर रहे हैं। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और बाजार की अस्थिरता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है, जबकि यूरोपीय और अमेरिकी शेयर बाजारों के मजबूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। वास्तविक तनाव सरकारी बॉन्ड बाजार में देखा गया है, जहां शुक्रवार के अंतिम घंटों में यूरोपीय और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में आए नए उछाल ने बॉन्ड बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

















