सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तांबा उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के शेयरों में 25 अगस्त 2026 को भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। केंद्र सरकार द्वारा कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) खोलने की घोषणा के बाद निवेशकों ने तेजी से अपने शेयर बेचे। सरकार द्वारा तय किया गया फ्लोर प्राइस बाजार में शेयर की पिछली बंद कीमत से काफी नीचे रखा गया था, जिसके चलते कारोबारी सत्र के दौरान स्टॉक में 7 प्रतिशत से अधिक का गोता देखा गया।
शेयर बाजार में हिंदुस्तान कॉपर का प्रदर्शन और उतार-चढ़ाव
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 25 अगस्त 2026 को दोपहर 12:57 बजे हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड का शेयर 41.45 रुपये यानी 7.22 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 532.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था। कारोबारी सत्र की शुरुआत में शेयर 542 रुपये पर खुला था और खरीदारी के बल पर 551.85 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंचा था। हालांकि, दिन के निचले स्तर 529.35 रुपये तक फिसलने से पूरे सत्र में भारी अस्थिरता नजर आई।
फ्लोर प्राइस और डिस्काउंट का गणित
बाजार में बिकवाली के इस दबाव का मुख्य कारण सरकार द्वारा घोषित OFS का फ्लोर प्राइस था। केंद्र सरकार ने हिंदुस्तान कॉपर के इस ऑफर के लिए न्यूनतम कीमत 514 रुपये प्रति शेयर निर्धारित की थी। सोमवार को शेयर 573.55 रुपये पर बंद हुआ था, जिसकी तुलना में यह फ्लोर प्राइस लगभग 10 प्रतिशत के भारी डिस्काउंट को दर्शाता है। जब कोई बड़ा शेयरधारक बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर शेयर बेचने की पेशकश करता है, तो आम तौर पर निवेशक अपनी स्थिति की समीक्षा करते हैं और बाजार में नए शेयरों की अतिरिक्त आपूर्ति के कारण शेयर की कीमत में गिरावट आती है।
OFS का ढांचा, हिस्सेदारी बिक्री और ग्रीन शू ऑप्शन
सरकार ने इस OFS के जरिए हिंदुस्तान कॉपर में शुरुआती तौर पर 3 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई है। गैर-खुदरा यानी संस्थागत निवेशकों के लिए बोली लगाने की खिड़की 25 अगस्त को सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे के बीच खुली। खुदरा निवेशकों के लिए इस ऑफर में भाग लेने का मौका 26 अगस्त को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सरकार ने 3 प्रतिशत का ग्रीन शू ऑप्शन भी अपने पास सुरक्षित रखा है। यदि इस ग्रीन शू ऑप्शन का पूरी तरह से उपयोग किया जाता है, तो इस ऑफर के माध्यम से कुल हिस्सेदारी बिक्री 6 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
आरक्षण और बोली प्रक्रिया का विवरण
इश्यू के कुल आकार में से विभिन्न श्रेणियों के लिए हिस्सा तय किया गया है। बेस OFS साइज का 10 प्रतिशत हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया है। इसके अलावा, कंपनी के पात्र कर्मचारियों के लिए 25,000 शेयरों का एक अलग कोटा निर्धारित किया गया है। पूरी बिक्री प्रक्रिया स्टॉक एक्सचेंज के प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित की जा रही है, जिसके तहत इच्छुक निवेशकों को अपने अधिकृत ब्रोकर के जरिए निर्धारित समय सीमा में बोलियां जमा करनी होंगी।
निवेशकों के लिए आगे का दृष्टिकोण
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि 514 रुपये का फ्लोर प्राइस केवल एक न्यूनतम बोली सीमा है और इसे अंतिम आवंटन मूल्य नहीं माना जाना चाहिए। अंतिम कीमत निवेशकों की मांग, संस्थागत भागीदारी और आवंटन प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। OFS की समाप्ति के बाद हिंदुस्तान कॉपर के शेयर की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि संस्थागत निवेशकों से कितना मजबूत रिस्पॉन्स मिलता है और क्या सरकार 3 प्रतिशत के अतिरिक्त ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला करती है।



















