अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरोप और ब्रिटेन से आए हालिया आर्थिक आंकड़ों के बाद प्रमुख मुद्राओं में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। यूरो और ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग के बीच विनिमय दर (EUR/GBP) 0.8561 के आसपास कारोबार कर रही है। एक तरफ जहां ब्रिटेन के सेवा क्षेत्र में मजबूती दर्ज की गई है, वहीं यूरोज़ोन की अर्थव्यवस्था से भी मिले-जुला संकेत सामने आए हैं। इसके अलावा मध्य पूर्व से कूटनीतिक मोर्चे पर जारी बयानों ने भी वैश्विक बाजार की धारणा को प्रभावित किया है।
यूरोज़ोन और ब्रिटेन के पीएमआई आंकड़ों में रहा अंतर
यूरोज़ोन के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की गतिविधि को दर्शाने वाला फ्लैश परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) नौ महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इसमें सबसे मजबूत प्रदर्शन जर्मनी के विनिर्माण क्षेत्र का रहा, जहां फैक्टरी गतिविधि चार साल से भी अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। हालांकि, जर्मनी का सेवा क्षेत्र उम्मीदों के विपरीत प्रदर्शन करते हुए संकुचन के दायरे में लौट आया और इसका पीएमआई इंडेक्स 50 अंक के स्तर से नीचे आ गया। 50 से ऊपर का आंकड़ा वृद्धि और 50 से नीचे का आंकड़ा गिरावट को दर्शाता है। सेवा क्षेत्र में सुस्ती के कारण यूरो की बढ़त पर ब्रेक लग गया।
दूसरी ओर, ब्रिटेन में संयुक्त पीएमआई आंकड़ा उम्मीद से बेहतर रहा, जिसका मुख्य कारण देश के सेवा क्षेत्र में हुई मजबूत वृद्धि रही। हालांकि ब्रिटेन का विनिर्माण क्षेत्र थोड़ा धीमा रहा, लेकिन यह विश्लेषकों के अनुमानों के अनुरूप ही था। ब्रिटेन के खुदरा बिक्री आंकड़ों में दर्ज की गई गिरावट के बावजूद ब्रिटिश पाउंड पर इसका कोई खास नकारात्मक असर देखने को नहीं मिला।
EUR/GBP का तकनीकी विश्लेषण और अहम सपोर्ट स्तर
तकनीकी चार्ट पर दृष्टि डालें तो 4-घंटे के समय अंतराल में EUR/GBP की जोड़ी 0.8561 से 0.8563 के दायराबद्ध क्षेत्र में बनी हुई है। ऊपरी स्तरों पर 20-पीरियड सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 0.8566 और एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20) 0.8557 के करीब मजबूत प्रतिरोध देखा जा रहा है। इसके अलावा 0.8571 और 0.8576 के स्तर पर भी बिकवाली का दबाव देखा जा सकता है।
निचले स्तरों पर 100-पीरियड SMA 0.8559 और पिवट स्तर 0.8564 तात्कालिक सहारे का काम कर रहे हैं। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है तो 0.8552 (S1) और 0.8542 (S2) के स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट साबित हो सकते हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI 14) फिलहाल 49 से 51 के बीच तटस्थ क्षेत्र में बना हुआ है, जो दर्शाता है कि बाजार में किसी एक दिशा में बड़ा ब्रेकआउट होने के बजाय सीमित दायरे में ही उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
वैश्विक मुद्रा बाजार और सोने की चाल
अन्य प्रमुख विदेशी मुद्रा जोड़ियों की बात करें तो GBP/USD में भी उतार-चढ़ाव देखा गया। ब्रिटेन के मजबूत पीएमआई आंकड़ों के दम पर यह जोड़ी फरवरी के बाद के अपने उच्चतम स्तर 1.3670 को छूने में सफल रही, हालांकि बाद में डॉलर में आई मजबूती से यह 1.3650 के स्तर से नीचे आ गई। इसके बावजूद स्टर्लिंग लगातार दूसरे सप्ताह बढ़त के साथ बंद होने की राह पर है।
इसी तरह EUR/USD की जोड़ी यूरोपीय कारोबारी सत्र में बढ़त बनाने के बाद 1.1700 के नीचे आ गई। अमेरिकी डॉलर को अपने निजी क्षेत्र के बेहतर व्यावसायिक आंकड़ों से सहारा मिला है। कमोडिटी बाजार में सोने (XAU/USD) ने जबरदस्त तेजी दर्ज की और अमेरिकी सत्र के दौरान $4,600 प्रति औंस के पार निकल गया, जो 15 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। इसके बाद सोने की कीमतों में ऊपरी स्तरों पर थोड़ा समेकन देखा गया।
क्रिप्टो बाजार में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में हस्तक्षेप
डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में शुक्रवार को तेजी का रुख देखा गया। बिटकॉइन (BTC) $77,000 के स्तर के पार पहुंच गया, जिससे पूरे क्रिप्टो बाजार में सकारात्मक माहौल बना। एथेरियम (ETH) $2,400 के करीब और रिपल (XRP) $1.35 के स्तर पर कारोबार करते दिखे।
इस बीच अमेरिकी वित्त मंत्रालय (US Treasury) ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव करते हुए तरलता सहायता बायबैक परिचालन को बढ़ाने का फैसला किया है। 12:32 GMT पर जारी सूचना के अनुसार, 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की अवधि वाले बॉन्ड के लिए बायबैक की अधिकतम सीमा $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब प्रति ऑपरेशन कर दी गई है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक चलेगी। आने वाले समय में जैक्सन होल सम्मेलन में केविन वॉश का संबोधन और एनवीडिया के वित्तीय परिणाम वैश्विक बाजारों की भावी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



















