गुरुवार को यूरो ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी बढ़त को बनाए रखा, हालांकि यह बुधवार के उच्च स्तर से नीचे ही सीमित रहा। बाजार की नजरें पूरी तरह से यूरोपीय सेंट्रल बैंक की मौद्रिक नीति बैठक के नतीजों पर टिकी हुई हैं, जो आज ही के दिन आने वाली हैं। वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और तेल की ऊंची कीमतें इस मुद्रा जोड़ी में होने वाली तेजी पर ब्रेक लगा रही हैं।
डॉलर पर दबाव और बाजार का रुख
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर अपनी पारंपरिक सेफ-हेवन स्थिति से समर्थन पाने में विफल साबित हो रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक कार्यक्रम को लेकर निराशा, डॉलर-येन कैरी ट्रेड का हटना और अमेरिकी सरकारी कर्ज के बढ़ते आंकड़े जैसी कई वजहें डॉलर पर लगातार दबाव बना रही हैं। इसके अलावा, अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े जारी होने से पहले डॉलर में बड़ी गिरावट टल गई है, जिससे यह जोड़ी एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही है।
अन्य प्रमुख मुद्राओं और वस्तुओं का हाल
विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य जोड़ियों का भी मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7200 के स्तर से ऊपर समेकन की स्थिति में बना हुआ है, जिसे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों का समर्थन मिल रहा है। हालांकि, फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर को भी कुछ सहारा मिल रहा है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की तेजी सीमित हो गई है।
इसी तरह, जापानी येन में मजबूती के बीच डॉलर-येन जोड़ी 153.50 से ऊपर स्थिर है, लेकिन यह इस हफ्ते की शुरुआत में छूए गए सात महीने के निचले स्तर के करीब ही बनी हुई है। उधर, सोने की कीमतों में भी सुधार देखा जा रहा है और शुरुआती कारोबार में यह 4,400 डॉलर के पार निकल गया है। निवेशक अब अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं ताकि बाजार को एक स्पष्ट दिशा मिल सके।



















