यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान कनाडाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर 1.3810 के आसपास एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। मुद्रा बाजार में यह सुस्ती उस समय देखने को मिल रही है जब निवेशक 12:30 GMT पर जारी होने वाले संयुक्त राज्य अमेरिका के अगस्त महीने के उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कारखाने के स्तर पर महंगाई के रुझान से यह स्पष्ट होगा कि केंद्रीय बैंक फेड आने वाले दिनों में ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाता है।
थोक महंगाई में तेजी के आसार और फेड की ब्याज दर नीति
बाजार विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार, अगस्त महीने में अमेरिका की हेडलाइन फैक्टरी स्तर की महंगाई सालाना आधार पर बढ़कर 5.3% तक पहुंच सकती है, जो जुलाई में 4.7% दर्ज की गई थी। इसके अलावा, खाद्य और ऊर्जा जैसी उतार-चढ़ाव वाली वस्तुओं को छोड़कर तैयार किए जाने वाले कोर PPI के भी बढ़कर 4.6% सालाना रहने की संभावना जताई गई है, जो पिछले महीने 4.2% पर था। उत्पादक स्तर पर कीमतों का यह दबाव यदि बढ़ता है, तो इससे फेडरल रिजर्व द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को बल मिलेगा। कारोबारी इस आंकड़े के तुरंत बाद शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आंकड़ों पर भी अपनी नजरें टिकाए हुए हैं।
USD/CAD का तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख सपोर्ट व रेजिस्टेंस
तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो relative strength index (RSI) फिलहाल 41.7 के स्तर पर बना हुआ है, जो 50 के तटस्थ स्तर से नीचे है। यह स्थिति दर्शाती है कि इस करेंसी जोड़े में ऊपर की तरफ तेजी पकड़ने की गति फिलहाल कमजोर है। दैनिक चार्ट पर इस जोड़ी को ऊपर की ओर पहला कड़ा प्रतिरोध 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर यानी 1.3818 पर मिल रहा है। इसके बाद 20-दिन की EMA 1.3854 पर स्थित है, जबकि 50% रिट्रेसमेंट 1.3901 के पास रुकावट पैदा कर रहा है। ऊपरी स्तरों पर आगे 1.3983 (38.2% रिट्रेसमेंट) और 1.4085 (23.6% रिट्रेसमेंट) पर मजबूत तकनीकी बाधाएं मौजूद हैं।
दूसरी ओर, यदि इसमें गिरावट आती है तो पहला समर्थन 78.6% रिट्रेसमेंट के पास लगभग 1.3701 पर देखा जा सकता है। इससे नीचे 100% रिट्रेसमेंट स्तर 1.3551 पर एक बेहद महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है। लाइव बाजार आंकड़ों के मुताबिक, इस जोड़ी का 52 हफ्तों का दायरा 1.35 से 1.42 के बीच रहा है और वर्तमान में औसत दिशात्मक सूचकांक (ADX) 24 पर रहने के कारण बाजार एक सीमित सीमा के भीतर ही प्रतिक्रिया दे रहा है।
वैश्विक मुद्रा बाजार: AUD/USD और USD/JPY की स्थिति
व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में भी अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से पहले मिला-जुला रुख देखा जा रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7200 के स्तर से ऊपर स्थिर बना हुआ है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने के मजबूत अनुमानों के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 14 मई के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब ट्रेड कर रहा है। हालांकि, फेड की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अमेरिकी डॉलर को सहारा दिया है, जिससे इस मुद्रा जोड़े की बढ़त सीमित रही।
वहीं दूसरी तरफ, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) 153.50 के ऊपर संभलता हुआ नजर आया, लेकिन यह अभी भी अपने सात महीने के निचले स्तर के करीब ही है। बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा नीतिगत दरों में बदलाव के संकेतों से येन को मजबूती मिल रही है, जबकि सितंबर में फेड द्वारा दरें बढ़ाने की उम्मीदों से डॉलर को निचले स्तरों पर समर्थन मिला है।
सोने के भाव और अमेरिकी श्रम बाजार का परिदृश्य
कीमती धातुओं के बाजार में, सोना दिन के निचले स्तर $4,400 से नीचे फिसलने के बाद रिकवर होकर $4,450 के महत्वपूर्ण स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। निवेशक पीपीआई और शुक्रवार के सीपीआई आंकड़ों से पहले बड़ा दांव लगाने से बच रहे हैं। आर्थिक पृष्ठभूमि की बात करें तो हालिया अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट ने फेड की भावी नीति पर भ्रम दूर करने के बजाय नीति निर्माताओं को अपने विकल्प खुले रखने की जगह दी है। श्रम बाजार में कई महीनों की सुस्ती के बाद अगस्त में उम्मीद से बेहतर सुधार दर्ज किया गया, जिसने अर्थव्यवस्था की मजबूती की ओर इशारा किया है।



















