अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो और जापानी येन के विनिमय दर में लगातार तीन सत्रों की गिरावट के बाद शुरुआती बढ़त तो देखने को मिली, लेकिन यह क्रॉस अब भी मंदी के दबाव से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाया है। एशियाई कारोबारी समय के दौरान यह क्रॉस 175.90 के आसपास संघर्ष करता नजर आया, जबकि ताजा सत्र में यह 176.04 के स्तर पर दर्ज किया गया, जो पिछले बंद स्तर 175.60 से करीब 0.25 प्रतिशत अधिक है। तकनीकी नजरिए से दैनिक चार्ट को देखने पर स्पष्ट होता है कि यह करेंसी क्रॉस एक नीचे की तरफ ढलान वाले यानी डिसेंडिंग चैनल पैटर्न के भीतर फंसा हुआ है। यह संरचना दर्शाती है कि बाजार में लगातार बिकवाली का दबाव हावी है और किसी भी प्रकार का हल्का उछाल बिकवाली के नए मौकों में तब्दील हो रहा है।
तकनीकी संकेतकों में कमजोरी और मूविंग एवरेज का दबाव
शॉर्ट टर्म के दौरान इस क्रॉस का तकनीकी ढांचा मंदी की ओर झुका हुआ है क्योंकि मौजूदा कीमत नौ-अवधि और पचास-अवधि के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA से नीचे बनी हुई है। जब छोटा मूविंग एवरेज लंबे मूविंग एवरेज के नीचे टिका रहता है और मूल्य इन दोनों के नीचे सीमित रहता है, तो यह स्पष्ट करता है कि किसी भी तरह की तेजी सीमित रहने वाली है। दैनिक विश्लेषण में 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI लगभग 33 के आसपास दर्ज किया गया था, जबकि लाइव संकेतकों के आधार पर यह 35 के स्तर पर आ गया है। यह आंकड़ा बताता है कि बाजार में पूरी तरह ओवरसोल्ड स्थितियां नहीं हैं, बल्कि गतिशीलता में लगातार कमजोरी बनी हुई है। इसके अलावा 20-दिवसीय EMA 177.60 पर, 50-दिवसीय EMA 179.52 पर और 200-दिवसीय EMA 182.11 पर मौजूद है। पचास-दिवसीय और दो सौ-दिवसीय एवरेज के बीच मंदी का क्रॉसओवर यानी डेथ क्रॉस बना हुआ है, जो लंबी अवधि के डाउनट्रेंड की पुष्टि करता है।
मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD का मान -0.93 है जबकि इसका सिग्नल स्तर -0.97 है, जिससे हिस्टोग्राम 0.04 के हल्के सकारात्मक संकेत पर है। वहीं एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स यानी ADX 24 के स्तर पर पहुंचकर सीमित दायरे और कमजोर ट्रेंड शक्ति का संकेत दे रहा है। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड की सीमा 175.89 से 178.93 के बीच फैली हुई है और इसका मध्य बिंदु 177.41 पर है। स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर में फास्ट लाइन 29 और सिग्नल लाइन 40 पर दर्ज है, जबकि 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज यानी ATR 1.32 पर है, जिसे कारोबारी दैनिक वोलैटिलिटी और स्टॉप लॉस निर्धारित करने के लिए मानक मानते हैं।
अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो यह करेंसी क्रॉस 23 अक्टूबर को दर्ज 12 महीने के निचले स्तर 175.10 की फिर से परीक्षा ले सकता है। इसके तुरंत बाद डिसेंडिंग चैनल की निचली सीमा 175.00 के करीब स्थित है। 52-सप्ताह के कारोबार का निचला दायरा 175.11 पर दर्ज है, जो 20-दिवसीय सपोर्ट के काफी करीब है। इस संगम सपोर्ट क्षेत्र से नीचे टूटने पर यह क्रॉस 15 महीने के सबसे निचले स्तर 169.72 की तरफ फिसल सकता है। पिवट पॉइंट स्तर 175.86 पर बना हुआ है, जहां पहला सपोर्ट S1 175.38 और दूसरा सपोर्ट S2 174.71 के आसपास देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, तेजी की स्थिति में पहली बड़ी तकनीकी रुकावट नौ-दिवसीय EMA के 176.69 स्तर पर स्थित है, जबकि तात्कालिक रेजिस्टेंस R1 176.52 और R2 177.01 पर है। इसके बाद डिसेंडिंग चैनल की ऊपरी सीमा 178.60 के आसपास एक मजबूत प्रतिरोध का काम करेगी। आगे चलकर 50-दिवसीय EMA का स्तर 179.38 पर है, जो लाइव डेटा में 179.52 के करीब आंका गया है। यदि यह क्रॉस मध्यम अवधि के मूल्य औसत को पार करने में सफल होता है, तो यह एक बुलिश रिवर्सल साबित हो सकता है। ऐसा होने पर यह क्रॉस 17 अप्रैल को बनाए गए अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 187.95 के क्षेत्र की ओर आगे बढ़ने का प्रयास कर सकता है, जो इसके 52-सप्ताह के 187.93 के दायरे के अनुकूल है।
जापान में मुद्रास्फीति और बैंक ऑफ जापान की नीतियां
मुद्रा बाजार की इन चालों को बुनियादी आर्थिक आंकड़े भी सहारा दे रहे हैं। डॉयचे बैंक के अनुसार, जापान में सितंबर महीने के मुद्रास्फीति के आंकड़े उम्मीद के अनुरूप बढ़े हैं, जहां कोर CPI नौ महीने के उच्चतम स्तर 2.1 प्रतिशत वार्षिक दर पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा बैंक ऑफ जापान यानी BoJ के 2 प्रतिशत के मुद्रास्फीति लक्ष्य से ऊपर निकल गया है, जिसे ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और येन की पहले हुई कमजोरी से बल मिला है। येन की मजबूती और लक्ष्य से अधिक कोर CPI मिलकर यह दर्शाते हैं कि बाजार इस समय जोखिम से बचाव की धारणा और घरेलू मूल्य वृद्धि के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।
जापानी येन दुनिया की सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्राओं में से एक है। इसका मूल्य मुख्य रूप से जापानी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन, बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति, जापानी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के अंतर तथा वैश्विक जोखिम धारणा पर निर्भर करता है। मुद्रा नियंत्रण बैंक ऑफ जापान के मुख्य दायित्वों में शामिल है, इसलिए इसके कदम येन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। बैंक ऑफ जापान ने पहले कभी-कभी मुद्रा बाजार में सीधा हस्तक्षेप भी किया है, आमतौर पर येन के मूल्य को घटाने के लिए, हालांकि व्यापारिक साझेदारों के राजनीतिक विरोध के चलते वह बार-बार ऐसा करने से बचता रहा है। वर्ष 2013 से 2024 के बीच बैंक ऑफ जापान की अत्यधिक ढीली मौद्रिक नीति के कारण येन अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले कमजोर हुआ था, क्योंकि अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के साथ नीतिगत अंतर लगातार बढ़ता जा रहा था। हालांकि, वर्ष 2024 में इस नीति को धीरे-धीरे समेटने के फैसले ने येन को ठोस सहारा दिया है।
बॉन्ड यील्ड का अंतर और सुरक्षित निवेश का आकर्षण
बीते एक दशक में बैंक ऑफ जापान की अल्ट्रा-लूज पॉलिसी के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व सहित अन्य केंद्रीय बैंकों के मुकाबले मौद्रिक नीति में भारी अंतर पैदा हो गया था। इस अंतर ने 10-वर्षीय अमेरिकी और जापानी सरकारी बॉन्ड के यील्ड गैप को काफी चौड़ा कर दिया, जिससे अमेरिकी डॉलर को जापानी येन के मुकाबले बढ़त मिली। लेकिन 2024 में बैंक ऑफ जापान द्वारा इस ढीली नीति को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने और दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती शुरू करने के बाद यह यील्ड गैप लगातार कम हो रहा है।
इसके साथ ही जापानी येन को वैश्विक वित्तीय प्रणाली में सुरक्षित निवेश यानी सेफ हेवन मुद्रा के रूप में देखा जाता है। जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तनाव या अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक स्थिरता और विश्वसनीयता के लिए अपनी पूंजी जापानी मुद्रा में स्थानांतरित करने लगते हैं। उथल-पुथल के दौर में येन उन मुद्राओं के मुकाबले तेजी से मजबूत होता है जिन्हें अपेक्षाकृत जोखिम भरा माना जाता है, जिसमें यूरोपीय मुद्रा यूरो भी शामिल है।
व्यापक फॉरेक्स बाजार और अन्य संपत्तियों की स्थिति
वैश्विक मुद्रा बाजारों में इस समय कई अन्य क्रॉस भी महत्वपूर्ण स्तरों पर कारोबार कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर यानी AUD/USD की जोड़ी एशियाई सत्र में एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद थोड़ी नरम पड़ी। ऑस्ट्रेलियाई उपभोक्ता मुद्रास्फीति के आंकड़ों और इस सप्ताह होने वाले महत्वपूर्ण FOMC फैसले से पहले खरीदार सतर्क रुख अपना रहे हैं। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी RBA द्वारा नवंबर में एक और ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिल रहा है, और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के चलते यह 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर टिका हुआ है।
वहीं अमेरिकी डॉलर और जापानी येन यानी USD/JPY का क्रॉस शुक्रवार को 156.00 के आसपास, जो कि एक महीने का निचला स्तर था, से हल्की बढ़त के साथ हफ्ते की शुरुआत सकारात्मक रुख में कर रहा है। फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान क्रमशः बुधवार और शुक्रवार को अपने नीतिगत फैसलों की घोषणा करने जा रहे हैं। इसके साथ ही गुरुवार को जारी होने वाले अमेरिका के तीसरी तिमाही के अग्रिम GDP और PCE प्राइस इंडेक्स के आंकड़े इस जोड़ी को नई दिशा प्रदान करेंगे।
सोने के बाजार में भी नए हफ्ते की शुरुआत में बिकवाली का दौर जारी रहा, जहां पीली धातु एशियाई सत्र के दौरान 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसलकर तीन महीने के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रही थी। ऊर्जा की ऊंची कीमतें महंगाई की चिंताओं को बढ़ा रही हैं और अमेरिकी ब्याज दरों में वृद्धि की उम्मीदों को मजबूत कर रही हैं, जिससे बिना ब्याज वाली संपत्तियों पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर के लिए आगामी 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव अत्यंत निर्णायक माने जा रहे हैं। हालांकि बाजार दिसंबर में फेड की एक और दर वृद्धि की उम्मीद कर रहा है, लेकिन अमेरिकी कांग्रेस पर नियंत्रण की लड़ाई वित्तीय नीति की प्राथमिकताओं और अंततः 2027 में अमेरिकी मौद्रिक नीति की दिशा को नया आकार दे सकती है।


















