ब्रिटेन के श्रम बाजार से जुड़े नवीनतम आंकड़े जारी होने के बाद वैश्विक मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पॉउंड की चाल मिली-जुली दर्ज की गई है। जुलाई में समाप्त हुई तीन महीनों की अवधि के दौरान ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था ने रोजगार सृजन की अपनी रफ्तार बनाए रखी है। हालांकि, निवेशकों की ध्यान अब इस हफ्ते आने वाले ब्रिटेन के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आंकड़ों और बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति बैठक पर केंद्रित है। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर में आ रही मजबूती और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की लगभग पक्की उम्मीदों ने भी पॉउंड पर दबाव बनाया हुआ है।
ब्रिटिश श्रम बाजार आंकड़े और वेतन वृद्धि की स्थिति
ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई तक के तीन महीनों में यूके की अर्थव्यवस्था ने 67,000 नए रोजगार पैदा किए। यह आंकड़ा जून में समाप्त हुई पिछली तीन महीनों की अवधि में जोड़े गए 83,000 नए रोजगारों की तुलना में कम है। इसके बावजूद अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के मानकों पर आधारित बेरोजगारी दर 4.9% पर स्थिर बनी रही, जबकि बाजार विशेषज्ञों द्वारा इसके बढ़कर 5% तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा था।
वेतन वृद्धि के मोर्चे पर भी आंकड़े उम्मीदों के अनुकूल ही रहे हैं। बोनस को छोड़कर औसत कमाई, जो कि मजदूरी में होने वाली बढ़ोतरी का मुख्य पैमाना है, उसमें सालाना आधार पर 3.5% की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं बोनस सहित औसत वेतन वृद्धि 3.9% रही, जो बाजार के पूर्व अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप है। हालांकि, यह आंकड़ा पिछली अवधि की संशोधित 4.2% की वृद्धि दर से कम है, जिसे पहले 4.1% दर्ज किया गया था। ये आंकड़े यह दर्शाते हैं कि ब्रिटेन में वेतन वृद्धि की रफ्तार में धीरे-धीरे नरमी आ रही है, जो केंद्रीय बैंक के लिए राहत की बात हो सकती है।
अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़े और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति
व्यापारियों की नजर अब बुधवार को जारी होने वाले अमेरिका के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आंकड़ों पर टिकी है। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि अमेरिका में मुख्य मुद्रास्फीति दर सालाना आधार पर जुलाई के 2.9% से बढ़कर 3.1% पर पहुंच सकती है। इसके अतिरिक्त, खाद्य, ऊर्जा, अल्कोहल और तंबाकू जैसे अस्थिर घटकों को छोड़कर मापी जाने वाली कोर CPI दर भी पिछले 2.6% के मुकाबले बढ़कर 2.7% पर पहुंचने का अनुमान है।
अमेरिका में बढ़ती मुद्रास्फीति और मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक रुख अपनाने की संभावनाओं को बढ़ा दिया है। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति की बैठक बुधवार को समाप्त हो रही है, जिसमें ब्याज दरों में वृद्धि लगभग निश्चित मानी जा रही है। इस नीतिगत निर्णय से पहले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती देखी जा रही है, जिससे ब्रिटिश पॉउंड समेत अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर विपरीत असर पड़ रहा है।
GBP/USD का तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख स्तर
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ब्रिटिश पॉउंड 0.17% की गिरावट के साथ 1.3478 के आसपास कारोबार कर रहा था। दैनिक चार्ट पैटर्न का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि GBP/USD की जोड़ी 1.3477 के स्तर पर बनी हुई है, जो एक पूर्ववर्ती राइजिंग ट्रेंड-लाइन पिवट के पास स्थित है। फिलहाल यह मुद्रा जोड़ी अपने 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) जो 1.3524 पर है, उससे नीचे बनी हुई है। वर्तमान बाजार मूल्य 1.35 के स्तर पर बना हुआ है, जबकि 52-सप्ताह का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच फैला है।
तकनीकी संकेतकों के अनुसार Relative Strength Index (RSI) वर्तमान में 43 के आसपास बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि खरीदारी का रुझान सुस्त पड़ रहा है। ऊपरी स्तरों पर 1.3524 पर स्थित 20-दिवसीय EMA पहला बड़ा प्रतिरोध बिंदु है। यदि कीमत इस स्तर से ऊपर बंद होती है, तो वर्तमान मंदी का दबाव कम हो सकता है। दूसरी तरफ, नीचे की ओर 1.3477 के आसपास तत्काल पिवट सपोर्ट मौजूद है। इसके टूटने पर अगला मजबूत ढांचागत समर्थन 1.3137 के पास नजर आता है, जहां खरीदार व्यापक तेजी के रुख को बनाए रखने की कोशिश कर सकते हैं।
कमोडिटी और अन्य वैश्विक मुद्रा जोड़ों का हाल
केवल ब्रिटिश पॉउंड ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार में अन्य प्रमुख संपत्तियों में भी अनिश्चितता देखी जा रही है। एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) 0.7150 के स्तर से नीचे दबाव में बना रहा। चीन के मिश्रित आर्थिक आंकड़ों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार बनी तेजी के कारण ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रही है।
जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) लगातार ऊपर की ओर कदम बढ़ा रहा है और 155.00 के स्तर की ओर बढ़ रहा है। निवेशक इस हफ्ते फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान दोनों की मौद्रिक नीति बैठकों के नतीजों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उधर, कीमती धातुओं में सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। यूरोपीय सत्र में सोना 0.80% की गिरावट के साथ $4,265 से $4,264 प्रति औंस के दायरे में कारोबार करता दिखा, जो एक महीने के निचले स्तर के काफी करीब है।

















