दुनिया भर के फाइनेंशियल मार्केट्स इस समय अलग-अलग सेंट्रल बैंकों की नीतियों, बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और क्रिप्टोकरेंसी इकोसिस्टम में हो रहे बड़े तकनीकी बदलावों के बीच एक जटिल दौर से गुजर रहे हैं। निवेशक कई तरह के एसेट क्लास पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि बदलते मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़े रिस्क सेंटिमेंट को फिर से तय कर रहे हैं। ब्याज दरों की उम्मीदों के कारण पूर्वी यूरोप की करेंसी में आई भारी कमजोरी से लेकर, बड़े नेटवर्क अपग्रेड के दौर से गुजर रहे डिजिटल एसेट्स के मजबूत प्रदर्शन तक, ट्रेडिंग के माहौल में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हालिया आर्थिक डेटा, विशेष रूप से अमेरिका में महंगाई का उम्मीद से ज्यादा तेजी से कम होना, बाजार के जानकारों के लिए समीकरणों को और उलझा रहा है, जो अब बड़े वित्तीय संस्थानों के अगले कदमों और फिएट करेंसी, कीमती धातुओं और डिजिटल टोकन पर पड़ने वाले इसके असर का अनुमान लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
हंगेरियन फ़ोरिंट पर बढ़ता दबाव और कैरी ट्रेड डायनामिक्स
हंगेरियन फ़ोरिंट जुलाई महीने में सेंट्रल और ईस्टर्न यूरोप (CEE) की करेंसी के बीच सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी बनकर उभरा है, जिस पर अन्य प्रमुख करेंसी के मुकाबले लगातार दबाव बना हुआ है। सोसिएते जेनरल के विश्लेषण के अनुसार, EUR/HUF एक्सचेंज रेट एक बार फिर 363 के स्तर को पार कर गया है। इस गिरावट का मुख्य कारण मग्यार नेम्ज़ेटी बैंक (MNB), जो कि हंगरी का सेंट्रल बैंक है, द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद है। फाइनेंशियल मार्केट्स यह मानकर चल रहे हैं कि बैंक ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती करेगा, जिससे बेंचमार्क दर घटकर 5.75 प्रतिशत पर आ जाएगी। इस फैसले से कैरी ट्रेड करने वाले निवेशकों के लिए फ़ोरिंट का आकर्षण काफी कम हो जाता है, खासकर जब इसकी तुलना पड़ोसी देशों की मॉनेटरी पॉलिसी से की जाती है। जहां एक तरफ हंगरी ब्याज दरें घटाने की राह पर चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ मनी मार्केट्स अगले छह महीनों के लिए चेकिया और पोलैंड में ब्याज दरों के उच्च और स्थिर रहने का अनुमान लगा रहे हैं। मॉनेटरी पॉलिसी में इस बड़े अंतर के साथ-साथ बढ़ती ऊर्जा कीमतों के आर्थिक प्रभाव ने फ़ोरिंट की अपनी वैल्यू बनाए रखने की क्षमता को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे यह अपने क्षेत्रीय साथियों से काफी पीछे छूट गया है।
जियोपॉलिटिकल तनाव और करेंसी मार्केट का उतार-चढ़ाव
विदेशी मुद्रा बाजार में, प्रमुख करेंसी पेयर जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं और सेंट्रल बैंकों से जुड़ी उम्मीदों पर भारी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। GBP/USD पेयर ने सोमवार को यूरोपीय ट्रेडिंग सेशन के दौरान 1.3450 के स्तर से ऊपर मामूली बढ़त बनाए रखने में कामयाबी हासिल की। इस मजबूती का एक कारण अमेरिकी डॉलर में सुस्त और दिशाहीन ट्रेडिंग भी है, क्योंकि मार्केट पार्टिसिपेंट हाल की घटनाओं के व्यापक प्रभावों का आकलन कर रहे हैं। विशेष रूप से, मार्केट्स वीकेंड पर हुई सैन्य गतिविधियों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से जुड़े घटनाक्रमों पर सावधानीपूर्वक नजर रख रहे हैं। ट्रेडर्स किसी भी दिशा में बड़ा दांव लगाने से पहले अधिक ठोस डेटा का इंतजार कर रहे हैं। ब्रिटिश पाउंड के लिए अब ध्यान यूके की एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट की ओर मुड़ गया है, जो मंगलवार को जारी होने वाली है और जिससे ब्रिटिश श्रम बाजार की स्थिति के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
इसी बीच, EUR/USD पेयर की हालिया तेजी यूरोपीय ट्रेडिंग में 1.1450 के स्तर तक पहुंचते-पहुंचते धीमी पड़ गई है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण बनी सावधानी भरी ट्रेडिंग ने यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) को लेकर बनी उम्मीदों के असर को बेअसर कर दिया है। ऐसी व्यापक उम्मीद है कि ECB इस गुरुवार को होने वाली अपनी पॉलिसी मीटिंग में बेंचमार्क ब्याज दरों को स्थिर रखेगा। हालांकि, नीति निर्माता सितंबर के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत दे सकते हैं। यह रुख यूरोज़ोन में बढ़ते महंगाई के जोखिमों से प्रेरित है, जो युद्ध के कारण क्षेत्रीय और वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर पड़े गंभीर प्रभाव का सीधा परिणाम हैं।
सोने की कीमतें 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास अटकीं
कीमती धातुओं का सेक्टर भी इन वैश्विक ताकतों के दबाव को महसूस कर रहा है। सोना इंट्राडे में आई मामूली उछाल का फायदा उठाने में संघर्ष कर रहा है और यूरोपीय सेशन की शुरुआत में 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास लगभग बिना किसी बदलाव के ट्रेड कर रहा है। एक तरफ, मिडिल ईस्ट में बढ़ता जियोपॉलिटिकल तनाव आमतौर पर निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर धकेलता है, जिससे सैद्धांतिक रूप से सोने की कीमतों में बढ़ोतरी होनी चाहिए। हालांकि, अमेरिका में उच्च ब्याज दरों की उम्मीदों के कारण इस बढ़त पर लगाम लग रही है। अमेरिका में ज्यादा ब्याज दरें अमेरिकी डॉलर के लिए एक बड़े सपोर्ट का काम करती हैं, जिससे बिना यील्ड वाले एसेट जैसे सोना होल्ड करना कम आकर्षक हो जाता है। यह स्थिति कमोडिटी मार्केट में बेयरिश ट्रेडर्स के पक्ष में बनी हुई है, जो सोने को इसके मौजूदा रेजिस्टेंस स्तर से ऊपर जाने से प्रभावी रूप से रोक रही है।
क्रिप्टो मार्केट की हलचल: एथेरियम और कार्डानो का नेटवर्क विकास
डिजिटल एसेट स्पेस की बात करें तो, शीर्ष क्रिप्टोकरेंसी अलग-अलग फंडामेंटल और टेक्निकल व्यवहार दिखा रही हैं। एथेरियम ने पिछले सप्ताह के दौरान अन्य प्रमुख डिजिटल एसेट्स के मुकाबले शानदार प्रदर्शन करते हुए रिलेटिव स्ट्रेंथ हासिल की है। पिछले सप्ताह और बुधवार के बीच, ETH ने दोहरे अंक में प्रतिशत लाभ दर्ज किया, जो बिटकॉइन, एक्सआरपी (XRP) और सोलाना जैसे अन्य प्रमुख क्रिप्टो कॉइन से काफी आगे निकल गया। हालांकि, इस ऊपरी मजबूती के बावजूद, प्रमुख मेट्रिक्स का गहराई से विश्लेषण करने पर पता चलता है कि एथेरियम की हालिया तेजी काफी कमजोर बनी हुई है। यह कमजोरी तब साफ नजर आई जब गुरुवार से व्यापक क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में करेक्शन शुरू हुआ, जिसने एथेरियम के नए स्थापित मूल्य स्तरों की मजबूती का परीक्षण किया।
इस बीच, कार्डानो (ADA) महत्वपूर्ण फंडामेंटल बदलावों का केंद्र रहा है। पिछले सप्ताह मामूली रिकवरी के बाद, कार्डानो की कीमत 0.165 डॉलर पर स्थिर हो गई थी। हालांकि, लाइव मार्केट डेटा में नया उछाल दिख रहा है, और कार्डानो फिलहाल 0.1746 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके पिछले बंद भाव 0.1698 डॉलर से 2.84 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इस एसेट का ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने 20-दिन के औसत का 1.23 गुना है, और इसका 52-सप्ताह का दायरा 0.1387 डॉलर से 0.5801 डॉलर के बीच बना हुआ है। तकनीकी तौर पर, हालांकि लॉन्ग-टर्म ट्रेंड गिरावट का है, जो डेथ क्रॉस से स्पष्ट होता है जहां 0.1772 डॉलर पर 50-दिन का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA), 200-दिन के EMA (0.2881 डॉलर) से नीचे है, लेकिन शॉर्ट-टर्म मोमेंटम हल्का बुलिश नजर आ रहा है। MACD हिस्टोग्राम 0.00 पर बुलिश जोन में है, और 14-दिन का RSI 56 पर न्यूट्रल से बुलिश है। कीमत फिलहाल अपने दैनिक पिवट पॉइंट 0.1736 डॉलर के ठीक ऊपर है, और इसका अगला लक्ष्य 0.1777 डॉलर का पहला रेजिस्टेंस (R1) है।
फंडामेंटल स्तर पर, कीमत का यह उतार-चढ़ाव कार्डानो इकोसिस्टम के लिए एक बड़े मील के पत्थर के साथ मेल खाता है। शनिवार को, नेटवर्क ने सफलतापूर्वक वैन रॉसम (Van Rossem) हार्ड फोर्क को एक्टिवेट किया। यह कार्डानो का पहला ऐसा प्रोटोकॉल अपग्रेड है जिसे पूरी तरह से इसके ऑन-चेन गवर्नेंस मैकेनिज्म के जरिए मंजूरी मिली है। इस बहुप्रतीक्षित हार्ड फोर्क ने मेननेट पर प्रोटोकॉल वर्ज़न 11 (Protocol Version 11) पेश किया है, जिसके साथ कई अहम सुधार जोड़े गए हैं। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य ब्लॉकचेन पर स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स को डिप्लॉय करने और रन करने से जुड़ी लागत को भारी मात्रा में कम करना है।
अमेरिकी महंगाई में बड़ी गिरावट: फेडरल रिजर्व पर इसका प्रभाव
पारंपरिक मैक्रोइकोनॉमिक्स के क्षेत्र में वापस लौटें, तो अमेरिका के ताजा महंगाई डेटा ने फाइनेंशियल सिस्टम में हलचल पैदा कर दी है। जून महीने के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में महीने-दर-महीने के आधार पर 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह अप्रैल 2020 के बाद से घरेलू उपभोक्ता कीमतों में एक महीने की सबसे बड़ी गिरावट है। इस भारी कमी ने वार्षिक हेडलाइन महंगाई दर को 3.5 प्रतिशत तक नीचे खींच लिया है, जो मई में दर्ज 4.2 प्रतिशत से एक बड़ी गिरावट है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस तेज गिरावट ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में कीमतों के दबाव की तीन महीने से चली आ रही बढ़ोतरी की लय को तोड़ दिया है।
इसके अलावा, कोर कीमतों के डेटा, जिसमें खाद्य और ऊर्जा जैसे अधिक उतार-चढ़ाव वाले सेक्टर्स को हटाकर महंगाई का साफ रुझान देखा जाता है, ने भी अर्थव्यवस्था के ठंडे होने की तस्वीर पेश की है। कोर महंगाई महीने-दर-महीने के आधार पर पूरी तरह से सपाट रही। वार्षिक स्तर पर, कोर CPI साल-दर-साल गिरकर 2.6 प्रतिशत पर आ गया। मासिक और वार्षिक दोनों कोर आंकड़े मार्केट अर्थशास्त्रियों की आम सहमति के अनुमान से काफी कम रहे हैं। महंगाई के इस अप्रत्याशित रूप से नरम आंकड़े का फेडरल रिजर्व के मॉनेटरी पॉलिसी आउटलुक पर गहरा प्रभाव पड़ने वाला है, जो भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव की टाइमलाइन और मात्रा को पूरी तरह बदल सकता है।


















