चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने गुरुवार के कारोबारी सत्र के लिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन (USD/CNY) की केंद्रीय संदर्भ दर 6.7489 निर्धारित की है। यह दर पिछले कारोबारी दिन के 6.7468 के स्तर से मामूली अधिक है, जबकि इस संबंध में 6.7184 का अनुमान लगाया गया था। केंद्रीय संदर्भ दर में यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब वैश्विक वित्तीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर लगभग दो महीने के उच्चतम स्तर के करीब अपनी मजबूती बनाए हुए है और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्तियों पर मुद्रा विनिमय दरों तथा बॉन्ड यील्ड का गहरा असर देखा जा रहा है।
पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के मौद्रिक नीति लक्ष्य और नियंत्रण व्यवस्था
पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) के मुख्य मौद्रिक नीति उद्देश्यों में मूल्य स्थिरता बनाए रखना, विनिमय दर में स्थिरता सुनिश्चित करना और आर्थिक विकास को गति देना शामिल है। इसके साथ ही चीन का केंद्रीय बैंक वित्तीय क्षेत्र के सुधारों को लागू करने, वित्तीय बाजारों को खोलने और उनके समग्र विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में भी काम करता है। यह संस्थागत ढांचा पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंकों की तुलना में काफी अलग तरीके से काम करता है।
पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना पूर्ण रूप से पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC) के राज्य के स्वामित्व में आता है, जिसके कारण इसे एक स्वतंत्र या स्वायत्त संस्था नहीं माना जाता। स्टेट काउंसिल के चेयरमैन द्वारा नामित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) समिति के सचिव का केंद्रीय बैंक के प्रबंधन और रणनीतिक दिशा पर सबसे अहम प्रभाव होता है, जो कि केवल गवर्नर के पद तक सीमित नहीं है। मौजूदा समय में पैन गोंगशेंग इन दोनों महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी एक साथ संभाल रहे हैं, जिससे बैंक के प्रशासनिक और नीतिगत निर्णयों में उनकी केंद्रीय भूमिका बनी हुई है।
नीतिगत साधन और लोन प्राइम रेट का बाजार पर असर
अपने व्यापक आर्थिक और वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना कई तरह के मौद्रिक साधनों का इस्तेमाल करता है। इन प्राथमिक उपकरणों में सात-दिवसीय रिवर्स रेपो रेट (RRR), मीडियम-टर्म लेंडिंग फैसिलिटी (MLF), विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप और रिज़र्व रिक्वायरमेंट रेशियो (RRR) शामिल हैं। इन विभिन्न टूल्स के जरिए केंद्रीय बैंक बैंकिंग प्रणाली में नकदी के प्रवाह और ब्याज दरों को नियंत्रित करता है।
हालांकि, चीन की संपूर्ण वित्तीय प्रणाली में लोन प्राइम रेट (LPR) वहां की मानक बेंचमार्क ब्याज दर है। लोन प्राइम रेट में होने वाले बदलाव सीधे तौर पर उन दरों को प्रभावित करते हैं जो बाजार में सामान्य ऋणों और होम लोन अथवा मॉर्गेज पर चुकानी पड़ती हैं, साथ ही यह बचत खातों पर मिलने वाले ब्याज को भी तय करता है। लोन प्राइम रेट में बदलाव करके चीन का केंद्रीय बैंक चीनी युआन (रेनमिनबी) की विनिमय दरों को भी सीधे तौर पर प्रभावित करने की क्षमता रखता है।
चीन में निजी बैंकों का विस्तार और वित्तीय तंत्र
चीन के विशाल वित्तीय परिदृश्य में निजी बैंकों की उपस्थिति भी दर्ज है, हालांकि यह पूरे वित्तीय तंत्र का एक बहुत छोटा हिस्सा है। देश में कुल 19 निजी बैंक कार्यरत हैं। इनमें सबसे प्रमुख और बड़े निजी बैंकों में डिजिटल लेंडर्स वीबैंक और मायबैंक शामिल हैं, जिन्हें प्रौद्योगिकी दिग्गज कंपनियों टेनसेंट और आंट ग्रुप का समर्थन प्राप्त है।
चीन ने वर्ष 2014 में पूरी तरह से निजी पूंजी द्वारा वित्तपोषित घरेलू ऋणदाताओं को देश के सरकारी प्रभुत्व वाले वित्तीय क्षेत्र में काम करने की कानूनी अनुमति दी थी। इस कदम का उद्देश्य पारंपरिक बैंकिंग ढांचे में नवाचार लाना और तकनीकी कंपनियों के माध्यम से डिजिटल वित्तीय सेवाओं की पहुंच को व्यापक बनाना था।
वैश्विक मुद्राओं पर दबाव और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति
वैश्विक मुद्रा बाजारों में पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के विनिमय दर निर्धारण के बीच विभिन्न प्रमुख मुद्राओं में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) की जोड़ी 7 अगस्त के बाद के अपने सबसे निचले स्तर के आसपास सीमित दायरे में कारोबार कर रही है। गुरुवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यह जोड़ी 0.7000 के मध्य स्तर से नीचे बनी रही, जहां निवेशक आगामी ऑस्ट्रेलियाई रोजगार आंकड़ों और डोनाल्ड ट्रंप तथा शी जिनपिंग के बीच होने वाली बैठक के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बढ़ते दांव के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर के करीब बनी हुई है। भू-राजनीतिक जोखिमों और मजबूत यील्ड के इस गठजोड़ ने अमेरिकी डॉलर को रातोंरात लगभग दो महीने के उच्चतम स्तर तक पहुंचने में मदद की है, जिसने इस मुद्रा जोड़ी की किसी भी संभावित बढ़त को सीमित कर दिया है।
जापानी येन और बैंक ऑफ जापान का नीतिगत फैसला
अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) का अनुपात गुरुवार के एशियाई सत्र के दौरान 158.35 के क्षेत्र के आसपास तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर बना रहा। बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा पिछले सप्ताह की गई दरों में वृद्धि को बाजार ने अपेक्षाकृत नरम माना, जिसने जापानी येन की स्थिति को कमजोर कर दिया। इसके विपरीत, फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने डॉलर को सहारा दिया है। हालांकि, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मुद्रा बाजार में आधिकारिक हस्तक्षेप की आशंकाएं डॉलर-येन में और अधिक तेज उछाल को रोक सकती हैं।
बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने 7-2 के बहुमत वाले मतदान में अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। इस फैसले ने मौद्रिक नीति के सामान्यीकरण की प्रक्रिया में एक और कदम दर्ज किया, जो काफी हद तक उन बाजार अपेक्षाओं के अनुरूप रहा जिनका कई हफ्तों से अनुमान लगाया जा रहा था।
सोने और इक्विटी बाजारों पर बॉन्ड यील्ड का प्रभाव
जिंस बाजार में सोना गुरुवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान $4,300 के स्तर से नीचे संघर्ष करता नजर आया और मंदी के बुनियादी माहौल के बीच कमजोर स्थिति में बना रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड नए बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर पहुंच गई, जिससे बिना ब्याज वाली इस पीली धातु की मांग प्रभावित हुई और डॉलर दो महीने के उच्च स्तर पर बना रहा। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच होने वाली उच्च स्तरीय वार्ता से पहले बिकवाल भी बड़ा जोखिम लेने से बचते दिखे।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और लगातार ऊंची बनी बॉन्ड यील्ड ने शेयर बाजारों की हालिया तेजी को भी पटरी से उतार दिया है। सप्ताह की शुरुआत में निवेशकों के बीच जोखिम लेने की जो भावना देखी गई थी, वह तेल की कीमतों और बॉन्ड प्रतिफल में हुई नई बढ़त के दबाव में कमजोर पड़ गई, जिससे प्रमुख वैश्विक सूचकांकों पर साफ तौर पर गिरावट का रुख दर्ज किया गया।

















