जयपुर के पास स्थित कूकस गांव में बुधवार के दिन एक दर्दनाक हादसा होने से हड़कंप मच गया, जब एक महिला और एक पुरुष अचानक करीब 90 फीट गहरे सूखे कुएं में जा गिरे. इस अनहोनी की जानकारी फैलते ही ग्रामीण घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े और देखते ही देखते वहां भारी भीड़ एकत्र हो गई. कुएं की गहराई बहुत अधिक होने की वजह से नीचे गिरे लोगों की चीख-पुकार सुनकर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया, जिससे राहत और बचाव कार्य शुरू हो सके.
मदद करने उतरे दो युवक भी गहराई में फंसे
शुरुआती घटनाक्रम के दौरान जब ग्रामीणों ने महिला और पुरुष को नीचे तड़पते देखा, तो दो स्थानीय युवकों ने इंसानियत दिखाते हुए उन्हें निकालने का प्रयास किया. दोनों युवक बिना किसी सुरक्षा उपकरण के कुएं के भीतर उतर गए, लेकिन कुआं 90 फीट गहरा होने के कारण वे खुद भी अंदर फंस गए. दोनों मददगारों के भीतर फंस जाने से मौके पर अफरा-तफरी और बढ़ गई तथा ग्रामीणों की चिंता दोहरी हो गई. नीचे उतरना और ऊपर चढ़ना दोनों ही बेहद खतरनाक साबित हो रहा था, जिससे स्थिति और नाजुक बन गई.
पुलिस और सिविल डिफेंस का संयुक्त राहत अभियान
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सिविल डिफेंस की रेस्क्यू टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला. मौके पर पहुंचे बचाव दल ने सबसे पहले कुएं की संरचना और गहराई का जायजा लिया ताकि अंदर फंसे लोगों को बिना किसी अतिरिक्त जोखिम के बाहर लाया जा सके. 90 फीट गहरे सूखे कुएं के भीतर ऑक्सीजन की स्थिति और संकरे रास्ते को देखते हुए विशेष सावधानी बरती गई. सिविल डिफेंस और पुलिस कर्मियों ने रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से योजनाबद्ध तरीके से एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया.
घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सभी को निकाला गया बाहर
बचाव दल ने कई घंटों की भारी मशक्कत के बाद कुएं में फंसे चारों लोगों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर खींच निकाला. रेस्क्यू किए जाने के बाद कुएं में पहले गिरे महिला और पुरुष की शारीरिक स्थिति काफी गंभीर पाई गई, जिसके चलते उन्हें बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. वहीं मदद के इरादे से कुएं में उतरे दोनों युवकों को भी सकुशल बाहर निकाल लिया गया, जिससे परिजनों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली.
हादसे के कारणों की जांच में जुटा प्रशासन
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कूकस गांव में ग्रामीणों के बीच चिंता और दहशत का माहौल है. पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि आखिर महिला और पुरुष 90 फीट गहरे सूखे कुएं में किन परिस्थितियों में गिरे. घटनास्थल पर मौजूद खुले और सूखे कुएं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर जानकारी एकत्र की जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि लापरवाही किसकी थी और भविष्य में ऐसे हादसों को कैसे रोका जा सकता है.



















