चीन के ताजा आर्थिक आंकड़ों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन सामने आने के बाद विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूत समर्थन मिला है। सोमवार को एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार दूसरे सत्र में बढ़त बनाते हुए 0.6970 के आसपास कारोबार करता नजर आया। ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच मजबूत व्यापारिक संबंधों के चलते चीनी अर्थव्यवस्था की बेहतर स्थिति का सीधा सकारात्मक असर ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर पड़ा है, जिससे यह जोड़ी अब मनोवैज्ञानिक स्तर 0.7000 की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रही है।
चीन की जीडीपी और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों में सुधार
चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार तीसरी तिमाही में देश का सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी सालाना आधार पर 4.5 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। यह आंकड़ा विश्लेषकों के 4.4 प्रतिशत के अनुमान से बेहतर रहा है। इससे पहले दूसरी तिमाही में चीन की वार्षिक विकास दर 4.3 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विकास की गति में निरंतर तेजी आ रही है।
तिमाही आधार पर तुलना करें तो तीसरी तिमाही में चीनी अर्थव्यवस्था में 1.2 प्रतिशत का विस्तार हुआ है। यह रफ्तार दूसरी तिमाही की 0.9 प्रतिशत वृद्धि के मुकाबले कहीं बेहतर है और बाजार के 1.1 प्रतिशत के अनुमान को भी पीछे छोड़ती है। अर्थव्यवस्था के अलग-अलग क्षेत्रों से आए सितंबर महीने के अन्य आंकड़े भी इस सुधार को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
खुदरा बिक्री और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े रहे मजबूत
सितंबर माह में चीन की खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर 1.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अर्थशास्त्रियों ने इस दौरान केवल 0.5 प्रतिशत की मामूली बढ़त का अनुमान जताया था। यह आंकड़ा अगस्त महीने की 0.4 प्रतिशत की वृद्धि से भी काफी बेहतर है, जो उपभोक्ता खर्च में धीरे-धीरे लौट रहे भरोसे को रेखांकित करता है।
दूसरी तरफ चीन का औद्योगिक उत्पादन भी सितंबर में तेज गति से बढ़ा है। इस दौरान औद्योगिक उत्पादन में सालाना आधार पर 5.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि बाजार का पूर्वानुमान 5.4 प्रतिशत रहने का था। इससे पहले अगस्त माह में यह वृद्धि दर 5.2 प्रतिशत दर्ज की गई थी। विनिर्माण और कारखानों में बढ़ती गतिविधियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चीन में बुनियादी मांग में सुधार हो रहा है, जिसका सीधा लाभ कमोडिटी निर्यातक देशों, विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया को मिल रहा है।
केंद्रीय बैंकों के रुख और अमेरिकी डॉलर की स्थिति
करेंसी बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की इस तेजी को रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के सहायक गवर्नर क्रिस केंट की सख्त टिप्पणियों से भी समर्थन मिला है। केंद्रीय बैंक की ओर से सख्त मौद्रिक नीति के संकेतों ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा में नई जान फूंक दी है। दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना हुआ है, जिससे कई प्रमुख मुद्रा जोड़ियों को राहत मिली है।
सीएमई फेडवॉच टूल के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक वायदा बाजार के कारोबारी इस बात की करीब 84 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं कि फेडरल रिज़र्व इस महीने अपनी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हाल ही में आई गिरावट के कारण अमेरिकी डॉलर दो सप्ताह के निचले स्तर के करीब सीमित दायरे में फंसा हुआ है। हालांकि फेडरल रिज़र्व द्वारा आगे दर वृद्धि के कुछ दावों और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने डॉलर के नुकसान को सीमित रखने का काम किया है।
येन और सोने के बाजार का ताजा रुख
अमेरिकी डॉलर में जारी कमजोरी का असर अन्य प्रमुख परिसंपत्तियों पर भी देखा गया। यूएसडी/जेपीवाई की जोड़ी सोमवार को एशियाई सत्र में 158.00 के आसपास रक्षात्मक रुख बनाए हुए है। जापानी येन को बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा के सख्त बयानों और बाजार में जापान सरकार द्वारा संभावित मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिमों से समर्थन मिल रहा है। जापानी अधिकारी लगातार मुद्रा के अत्यधिक अवमूल्यन पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे डॉलर के मुकाबले येन में बड़ी गिरावट थमी हुई है।
कीमती धातुओं के बाजार में सोने ने नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की है। बुलियन निवेशक अब सोने की कीमतों में 4,200 डॉलर के स्तर से ऊपर एक स्थायी ब्रेकआउट की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिसके बाद ही तेजी के नए दौर की शुरुआत हो सकती है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने बिना ब्याज वाली इस सुरक्षित धातु को समर्थन जरूर दिया है, लेकिन भू-राजनीतिक जोखिमों और फेडरल रिज़र्व की आगामी नीतियों को लेकर बंधी उम्मीदों के चलते कीमतों पर ऊपरी स्तरों पर हल्का दबाव बना हुआ है।

















