अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में सीमित दायरे में कारोबार के बीच मजबूती के संकेत दिखाई दे रहे हैं। सप्ताह के निचले स्तर से उबरने के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर की तरफ बढ़ने का प्रयास करता दिखा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई रातोंरात नरमी ने अमेरिकी डॉलर को उसके 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे बनाए रखा है, जिससे इस प्रमुख मुद्रा जोड़ी को निचली सतह पर सहारा प्राप्त हुआ। इसके साथ ही, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सख्त मौद्रिक नीति जारी रहने की उम्मीदों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को आधार प्रदान किया है।
सीमित दायरे में कारोबार और तकनीकी परिदृश्य
मुद्रा बाजार के अल्पकालिक आकलन के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.6933 से 0.6973 के दायरे में घूमता रहा और अंततः 0.6960 के स्तर पर लगभग सपाट बंद हुआ, जिसमें 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई। मौजूदा रुख को देखते हुए आने वाले 24 घंटों में यह मुद्रा जोड़ी कुछ ऊंचे दायरे यानी 0.6945 से 0.6985 के बीच कारोबार कर सकती है। वहीं मध्यम अवधि अथवा एक से तीन सप्ताह के परिप्रेक्ष्य में यह दृष्टिकोण पूरी तरह तटस्थ बना हुआ है, जिसके तहत भाव के 0.6935 से 0.7020 के व्यापक दायरे में बने रहने की संभावना है। 07 अक्टूबर बुधवार को जब स्पॉट भाव 0.6980 पर था, तब भी यह तटस्थ रुख रेखांकित किया गया था, जिसमें फिलहाल कोई बदलाव नहीं देखा गया है।
लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का हाजिर भाव 0.6984 पर दर्ज किया गया, जो पिछले बंद भाव 0.6964 के मुकाबले 0.28 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। इसका 52 सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय आरएसआई (RSI) 39 के स्तर पर है, जबकि 14-दिवसीय एडीएक्स (ADX) 40 पर ट्रेंडिंग स्थिति को इंगित कर रहा है। मूविंग एवरेज के संदर्भ में, 20-दिवसीय ईएमए (EMA) 0.7025, 50-दिवसीय ईएमए 0.7059 और 200-दिवसीय ईएमए 0.6969 पर स्थित है। चूंकि 50-दिवसीय ईएमए 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर है, इसलिए एक गोल्डन क्रॉस की स्थिति बनी हुई है। दैनिक पिवट स्तर 0.6978 पर है, जबकि तात्कालिक प्रतिरोध स्तर आर1 0.6996 और आर2 0.7008 पर मौजूद हैं। नीचे की तरफ सपोर्ट एस1 0.6966 और एस2 0.6947 पर देखा जा रहा है।
येन पर घरेलू खर्च का दबाव और डॉलर-येन का स्तर
अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में कमजोरी का दौर जारी रहा। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार जापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई, जिससे जापानी येन पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इस आंकड़े के बाद अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन जोड़ी 158.00 के स्तर के आसपास अपनी बढ़त बनाए रखने में कामयाब रही। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के कारण डॉलर पर भी थोड़ा दबाव बना रहा, जिससे फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच इस जोड़ी में किसी बड़ी गिरावट पर लगाम लगी रही।
सोने की कीमतों में सुधार और कच्चे तेल का रुख
कमोडिटी बाजार में सोने के भाव दो महीने के निचले स्तर से उबरते हुए शुक्रवार को एक बार फिर 4,200 डॉलर के स्तर को छूने में सफल रहे। कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के साथ-साथ अमेरिकी डॉलर में नरमी ने सोने की कीमतों को मजबूती प्रदान की। बाजार प्रतिभागी अब अमेरिकी उपभोक्ता धारणा से जुड़े आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि सोने में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन इसका दैनिक आरएसआई (RSI) तकनीकी रूप से अभी भी मंदी के रुझान को दर्शा रहा है। समग्र वित्तीय परिदृश्य में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की चाल और केंद्रीय बैंकों के नीतिगत संकेत वैश्विक मुद्रा एवं कमोडिटी प्रवाह को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहे हैं।























