कोल इंडिया के शेयरों में मंगलवार, 28 जुलाई को कमजोरी का रुख देखने को मिला, क्योंकि इस सरकारी कोयला उत्पादक कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के दौरान अपने मुनाफे में कोई खास बदलाव न होने की जानकारी दी। इसके साथ ही कंपनी ने निवेशकों के लिए डिविडेंड का भी ऐलान किया है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में शेयर पर दबाव बना रहा।
शेयर बाजार में कारोबार की चाल
मंगलवार को दोपहर 1:50 बजे बीएसई पर इस पीएसयू शेयर में 4% की गिरावट दर्ज की जा रही थी और यह 410.3 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहा था। इस दौरान कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 2,52,887.56 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कारोबार के दौरान शेयर ने अपने intraday के ऊंचे स्तर पर 423.85 रुपये प्रति शेयर और निचले स्तर पर 407.00 रुपये प्रति शेयर को छुआ।
अंतरिम लाभांश और रिकॉर्ड तिथि
कोल इंडिया के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस सप्ताह वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अंतरिम लाभांश की सिफारिश की है। बीएसई को दी गई फाइलिंग के अनुसार, इस महारत्न पीएसयू के बोर्ड ने 10 रुपये के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 5.50 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। लाभांश के लिए पात्र शेयरधारकों की पहचान करने वास्ते कंपनी ने शुक्रवार, 31 जुलाई, 2026 को रिकॉर्ड तिथि के रूप में तय किया है। निवेशकों को इस लाभांश का लाभ उठाने के लिए रिकॉर्ड तिथि से पहले शेयर खरीदने होंगे। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतरिम लाभांश का भुगतान 25 अगस्त, 26 या उससे पहले कर दिया जाएगा।
वित्तीय प्रदर्शन और तिमाही नतीजे
इस सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला दिग्गज कंपनी ने बेहतर वॉल्यूम ऑफटेक के दम पर अनुमान के मुताबिक राजस्व हासिल किया। हालांकि, कंपनी का एडजस्टेड एबिटा (EBITDA) सालाना आधार पर 9% और तिमाही आधार पर करीब 17% गिर गया। एक ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, भू-राजनीतिक हालात से जुड़े लागत दबावों के चलते कोलकाता स्थित इस खनन प्रमुख का समग्र प्रदर्शन उम्मीद से थोड़ा कम रहा।
ब्रोकरेज हाउस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में इन लागत बाधाओं में कुछ स्थिरता आएगी। वित्तीय वर्ष 2026-28 के दौरान कंपनी का वॉल्यूम सीएजीआर (CAGR) 3 से 4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि ई-ऑक्शन वॉल्यूम की अधिक हिस्सेदारी और बेहतर प्रीमियम से कुल एनएसआर और मार्जिन को समर्थन मिलेगा। इससे वित्तीय वर्ष 2026-28 के बीच राजस्व और एबिटा में 4% और 9% की दर से सीएजीआर बढ़ने की संभावना जताई गई है।
ब्रोकरेज की राय और टार्गेट प्राइस
ब्रोकरेज फर्म ने इस शेयर पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और इसके लिए 510 रुपये प्रति शेयर का टार्गेट प्राइस तय किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान बाजार मूल्य पर यह शेयर वित्तीय वर्ष 2028 के अनुमानित ईवी/एबिटा (EV/EBITDA) के 4.9 गुना पर कारोबार कर रहा है, और ब्रोकरेज ने अपने अनुमानों को दोहराते हुए 510 रुपये के लक्ष्य मूल्य के साथ खरीद की सलाह दी है।
आंकड़ों के मोर्चे पर, कोल इंडिया ने पहली तिमाही में अपने शुद्ध लाभ में 0.6% की मामूली बढ़त दर्ज की और यह 8,852 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 8,797 करोड़ रुपये था। इसके अलावा, ऑपरेशंस से होने वाला राजस्व 7.8% बढ़कर 46,255 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 42,919 करोड़ रुपये था। समीक्षाधीन अवधि के दौरान कंपनी का एबिटा मार्जिन 26.1% रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 29.3% दर्ज किया गया था।



















