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यूरोपीय सेंट्रल बैंक की सख्ती के बावजूद 1.1500 के करीब संभला यूरो, 100-दिवसीय एसएमए के नीचे कमजोरी के संकेतबाज़ार
19 सित॰ 2026, 1:04 pm (18 मिनट पहले)· 0

यूरोपीय सेंट्रल बैंक की सख्ती के बावजूद 1.1500 के करीब संभला यूरो, 100-दिवसीय एसएमए के नीचे कमजोरी के संकेत

शुक्रवार के शुरुआती एशियाई कारोबार में यूरो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.1490 के आसपास संभलने की कोशिश करता दिखा, हालांकि तकनीकी चार्ट पर 100-दिवसीय मूविंग एवरेज के नीचे रहने से दबाव बना हुआ है।

EUR/USDSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण19 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

EUR/USD अभी 1.15 पर है, जबकि EMA20 1.16, EMA50 1.16 और EMA200 1.16 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 (1.16) के पास थम सकती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

EUR/USD का RSI 37 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

बोलिंजर बैंड्स20-period, 2 std-dev

यह क्या है

Bollinger Bands कीमत को उसके 20-दिनी औसत के दो स्टैंडर्ड डेविएशन के दायरे में घेरती हैं। ऊपरी बैंड अति-खिंचाव दिखाता है, निचला बिकवाली से थकान; बीच का बैंड रुझान का केंद्र है।

अभी यह कहाँ है

EUR/USD का बैंड दायरा 1.15–1.17 है।

आगे संभावित चाल

मध्य-बैंड (1.16) को फिर से पार करने पर गति ऊपर झुकती है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार के शुरुआती एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यूरो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती दर्ज करते हुए 1.1490 के स्तर के करीब पहुंचता नजर आया। हालिया बढ़त के बावजूद मुद्रा जोड़ी पर समग्र नकारात्मक दबाव बरकरार है, क्योंकि हाजिर भाव 100-दिवसीय साधारण मूविंग एवरेज के नीचे लगातार बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 38 के आसपास दर्ज किया गया है, जो कमजोर मोमेंटम का संकेत देता है लेकिन अभी पूरी तरह ओवरसोल्ड दायरे में नहीं पहुंचा है। बाजार में 1.1475 के स्तर पर शुरुआती तात्कालिक सपोर्ट बना हुआ है, जबकि ऊपर की तरफ 1.1550 पर पहला कड़ा प्रतिरोध मौजूद है। लाइव बाजार आंकड़ों में भाव 1.15 के करीब देखा गया है, जो पिछले बंद स्तर 1.15 के मुकाबले 0.11 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्शाता है।

यूरोपीय सेंट्रल बैंक की ब्याज दर नीति और मुद्रास्फीति का दबाव

यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने पिछले हफ्ते अपनी प्रमुख डिपॉजिट दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करते हुए इसे 2.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 2.50 प्रतिशत कर दिया। नीति निर्माताओं का यह फैसला बाजार निवेशकों की उम्मीदों के अनुरूप रहा। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण ईंधन और उपभोक्ता कीमतों पर बढ़े दबाव को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंक लगातार कड़े कदम उठा रहा है। प्रमुख अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक मुद्रास्फीति पर काबू पाने के उद्देश्य से दरों में अंतिम बढ़ोतरी करने के लिए दिसंबर तक इंतजार कर सकता है। ब्लूमबर्ग के एक सर्वेक्षण में शामिल विश्लेषकों का अनुमान है कि गवर्निंग काउंसिल अक्टूबर के अंत में होने वाली बैठक को छोड़कर साल की अपनी अंतिम बैठक में डिपॉजिट दर को बढ़ाकर 2.75 प्रतिशत तक ले जा सकती है।

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जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक पूरे यूरोज़ोन के लिए केंद्रीय रिज़र्व बैंक के रूप में कार्य करता है। यह बैंक 20 यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के लिए मौद्रिक नीति तय करता है और ब्याज दरों का निर्धारण करता है। बैंक का मुख्य उद्देश्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसका सीधा अर्थ मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना अथवा आर्थिक विकास को गति देना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ब्याज दरों को घटाना या बढ़ाना सबसे मुख्य उपकरण माना जाता है। जब ब्याज दरें अपेक्षाकृत ऊंची होती हैं या दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें मजबूत होती हैं, तो आमतौर पर यूरो को इसका सीधा फायदा मिलता है, क्योंकि विदेशी निवेशकों के लिए अधिक यील्ड वाले बॉन्ड और निवेश साधन आकर्षक बन जाते हैं। यूरोपीय सेंट्रल बैंक की गवर्निंग काउंसिल साल में आठ बार बैठक करके मौद्रिक नीति संबंधी फैसले लेती है। इन बैठकों में यूरोज़ोन के सभी राष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के प्रमुख और यूरोपीय सेंट्रल बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड सहित छह स्थायी सदस्य मतदान के जरिए फैसले करते हैं।

दैनिक चार्ट पर तकनीकी तस्वीर और अहम समर्थन स्तर

दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी का अल्पकालिक रुख अभी भी मंदी की तरफ झुका हुआ है। हाजिर कीमत 100-दिवसीय मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड की मध्य रेखा के नीचे कारोबार कर रही है। मौजूदा भाव बोलिंगर बैंड की निचली रेखा के ठीक ऊपर टिका हुआ है, जो दर्शाता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आरएसआई संकेतक 38 के आसपास होने से यह स्पष्ट होता है कि किसी बड़े सुधारात्मक उछाल से पहले कीमतों में थोड़ी और गिरावट देखने को मिल सकती है। लाइव तकनीकी संकेतकों में एमएसीडी का हिस्टोग्राम नकारात्मक दायरे में है और एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 50 तथा 200 के बीच मंदी का क्रॉसओवर बना हुआ है, जहां ईएमए 50 और ईएमए 200 दोनों 1.16 पर स्थित हैं।

नीचे की दिशा में शुरुआती सपोर्ट 1.1475 पर बोलिंगर बैंड की निचली रेखा के रूप में मौजूद है। यदि यह स्तर नीचे की ओर टूटता है, तो मुद्रा जोड़ी 13 जुलाई के निचले स्तर 1.1377 तक फिसल सकती है। इसके बाद अगला प्रमुख निचला स्तर 24 जून का 1.1324 देखा जा सकता है। इसके विपरीत, यदि बाजार में मजबूती आती है तो ऊपर की तरफ पहला बड़ा अवरोध 100-दिवसीय मूविंग एवरेज पर 1.1550 के स्तर पर स्थित है। इस स्तर से ऊपर निकलने पर अगला पड़ाव 1.1595 के आसपास बोलिंगर बैंड की मध्य रेखा होगी। मौजूदा मंदी के रुझान को कमजोर करने और 1.1712 के पास स्थित ऊपरी बोलिंगर बैंड तक पहुंचने के लिए इन स्तरों के ऊपर टिके रहना बेहद जरूरी होगा। लाइव ट्रेडिंग स्तरों में 20-दिवसीय सपोर्ट लगभग 1.15 और रेजिस्टेंस 1.17 पर आंका गया है, जबकि 52-सप्ताह का ट्रेडिंग दायरा 1.13 से 1.20 के बीच फैला हुआ है।

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो का व्यापक दायरा

यूरो 20 यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की आधिकारिक मुद्रा है जो यूरोज़ोन का हिस्सा हैं। वैश्विक स्तर पर यह अमेरिकी डॉलर के बाद दुनिया की दूसरी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा मानी जाती है। साल 2022 में विदेशी मुद्रा के कुल लेन-देन में यूरो की हिस्सेदारी 31 प्रतिशत रही, जहां इसका औसत दैनिक टर्नओवर 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक दर्ज किया गया। यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी दुनिया भर में सबसे अधिक ट्रेड होने वाली मुद्रा जोड़ी है, जिसकी हिस्सेदारी सभी विदेशी मुद्रा सौदों में लगभग 30 प्रतिशत आंकी गई है। इसके बाद यूरो और जापानी येन 4 प्रतिशत, यूरो और ब्रिटिश पाउंड 3 प्रतिशत तथा यूरो और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 2 प्रतिशत के साथ आते हैं।

यूरोज़ोन में मुद्रास्फीति के आंकड़ों को हॉर्मोनाइज्ड इंडेक्स ऑफ कंज्यूमर प्राइसेज के माध्यम से मापा जाता है, जो यूरो के मूल्यांकन के लिए सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक पैमाना है। जब भी मुद्रास्फीति की दर अनुमान से अधिक बढ़ती है और खासकर केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत के वार्षिक लक्ष्य को पार कर जाती है, तो यूरोपीय सेंट्रल बैंक दरों में वृद्धि करने के लिए बाध्य हो जाता है। अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक ब्याज दरें यूरो को मजबूती देती हैं, क्योंकि इससे वैश्विक निवेशकों को अपनी पूंजी लगाने के लिए बेहतर रिटर्न प्राप्त होता है। इसके अलावा सकल घरेलू उत्पाद, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े, रोजगार के आंकड़े और उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण भी मुद्रा की चाल तय करते हैं। यूरोज़ोन की चार सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं यानी जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन के आर्थिक आंकड़े विशेष महत्व रखते हैं, क्योंकि ये चारों मिलकर पूरे यूरोज़ोन की अर्थव्यवस्था का 75 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं।

व्यापार संतुलन भी यूरो के लिए एक और अत्यंत महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतक माना जाता है। यह संकेतक किसी निश्चित अवधि के दौरान निर्यात से होने वाली कुल कमाई और आयात पर होने वाले खर्च के बीच के अंतर को दर्शाता है। यदि कोई अर्थव्यवस्था ऐसे सामानों का निर्माण करती है जिनकी वैश्विक बाजार में भारी मांग है, तो विदेशी खरीदारों द्वारा उन उत्पादों को खरीदने के लिए संबंधित मुद्रा की मांग में स्वाभाविक वृद्धि होती है। परिणामस्वरूप एक सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन मुद्रा को सीधे मजबूती प्रदान करता है, जबकि व्यापार घाटा मुद्रा के मूल्य पर नकारात्मक असर डालता है।

एशियाई सत्र में अन्य प्रमुख मुद्राओं और सोने का रुख

शुक्रवार के एशियाई कारोबारी सत्र में केवल यूरो ही नहीं बल्कि अन्य प्रमुख संपत्तियों में भी महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिली। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी लगातार दूसरे दिन सकारात्मक बढ़त के साथ कारोबार करती रही और 0.7100 के स्तर से ऊपर बनी रही। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी के कारण अमेरिकी डॉलर के खरीदार रक्षात्मक रुख अपनाते नजर आए। इसके साथ ही रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर बुलॉक के कड़े बयानों ने ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीदों को बल दिया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अच्छा सहारा मिला। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और वैश्विक भू-राजनीतिक चिंताओं ने डॉलर की गिरावट को सीमित रखा।

उधर डॉलर और जापानी येन की जोड़ी में ताजा खरीदारी देखी गई और यह तेजी के साथ 157.00 के स्तर को पार कर गई। बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी ब्याज दर बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने और अपेक्षाकृत सख्त मौद्रिक नीति बयान जारी करने के बावजूद जापानी येन भारी बिकवाली दबाव में आ गया। नीतिगत फैसले में दर वृद्धि के खिलाफ दो सदस्यों की असहमति ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। जापान में एक दशक से अधिक समय तक लागू रही बेहद कम ब्याज दरों ने दुनिया भर में खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की थी, जिससे येन सबसे सस्ता फंडिंग स्रोत बन गया था। अब बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक सख्ती के नए दौर में प्रवेश करने से यह पुराना समीकरण बदलता नजर आ रहा है। वहीं सोने की कीमतों ने शुक्रवार की सुबह 4,350 डॉलर के आसपास अपनी पिछली रिकवरी को संभाले रखा, जहां निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बीच सतर्क नजर आए। सोना गुरुवार को 100-दिवसीय एसएमए 4,320 डॉलर के ऊपर बंद हुआ था।

सवाल-जवाब

शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में यूरो/डॉलर का भाव किस स्तर पर था?
शुक्रवार के शुरुआती एशियाई सत्र में यूरो/डॉलर 1.1490 के स्तर के पास कारोबार कर रहा था।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने हाल ही में ब्याज दरों में कितना बदलाव किया है?
यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने अपनी प्रमुख डिपॉजिट दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करके इसे 2.25 प्रतिशत से 2.50 प्रतिशत कर दिया है।
यूरो/डॉलर के लिए तात्कालिक सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं?
जोड़ी के लिए तात्कालिक सपोर्ट 1.1475 पर और पहला प्रमुख रेजिस्टेंस 1.1550 पर स्थित है।
यूरोज़ोन में मुद्रास्फीति किस सूचकांक से मापी जाती है?
यूरोज़ोन में मुद्रास्फीति का आकलन हॉर्मोनाइज्ड इंडेक्स ऑफ कंज्यूमर प्राइसेज के माध्यम से किया जाता है।
बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दर बढ़ाकर कितनी कर दी है?
बैंक ऑफ जापान ने हालिया बैठक में ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है।
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