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डॉलर इंडेक्स में तेजी का रुझान बरकरार, 100 के अहम सपोर्ट पर टिके रहे खरीदारबाज़ार
21 जुल॰ 2026, 6:46 am (47 दिन पहले)· 0

डॉलर इंडेक्स में तेजी का रुझान बरकरार, 100 के अहम सपोर्ट पर टिके रहे खरीदार

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100.96 के आसपास मजबूती से टिका है और ईरान को लेकर चल रहे घटनाक्रम के बीच कारोबारी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। जब तक कीमत लंबी अवधि के अहम मूविंग एवरेज के ऊपर है, तेजी का पलड़ा भारी बना हुआ है।

DX-Y.NYBSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण21 जुलाई 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

DX-Y.NYB अभी $101 पर है, जबकि EMA20 $101, EMA50 $100 और EMA200 $99.16 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA20 ($101) तक गिरावट पर खरीदार बचाव करते हैं।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

DX-Y.NYB का RSI 55 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

बोलिंजर बैंड्स20-period, 2 std-dev

यह क्या है

Bollinger Bands कीमत को उसके 20-दिनी औसत के दो स्टैंडर्ड डेविएशन के दायरे में घेरती हैं। ऊपरी बैंड अति-खिंचाव दिखाता है, निचला बिकवाली से थकान; बीच का बैंड रुझान का केंद्र है।

अभी यह कहाँ है

DX-Y.NYB का बैंड दायरा $101–$102 है।

आगे संभावित चाल

मध्य-बैंड ($101) को फिर से पार करने पर गति ऊपर झुकती है।

हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स एक संकरे दायरे में सिमटा नजर आया, जहां खरीदारों की पकड़ तो बनी हुई है लेकिन तेजड़ियों में इतना दम नहीं दिखा कि कोई बड़ा उछाल आ सके। ताज़ा कारोबार में यह सूचकांक करीब 100.96 पर हाथ बदलता दिखा, जो पिछले बंद स्तर 100.75 से थोड़ा ऊपर है। इस तरह इंडेक्स करीब 0.21% की बढ़त के साथ उन स्तरों के ऊपर टिका रहा, जिन्हें कारोबारी मजबूती और कमजोरी के बीच की सीमा रेखा मानते हैं।

DXY असल में अमेरिकी डॉलर की कीमत को दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं की टोकरी के मुकाबले मापने वाला सूचकांक है। सोमवार को यूरोपीय सत्र के शुरुआती घंटों में यह लगभग सपाट रहा, क्योंकि बाजार ईरान से जुड़े हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगे की दिशा तय करने से पहले घटनाक्रम को तौल रहा है।

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ईरान पर टिकी बाजार की नजर

डॉलर की चाल को इस वक्त सबसे ज्यादा भू-राजनीतिक हलचल प्रभावित कर रही है। अमेरिकी सेना ने सोमवार को बताया कि उसने ईरान के खिलाफ लगातार नौवीं रात हमले पूरे किए हैं। इन हमलों में कमांड सेंटरों, वायु रक्षा ठिकानों, समुद्री साजो-सामान, मिसाइल केंद्रों और संचार नेटवर्क को निशाना बनाया गया। इस तरह के तनाव के दौर में निवेशक अक्सर सुरक्षित माने जाने वाले डॉलर की ओर रुख करते हैं, और यही वजह है कि गिरावट पर भी डॉलर को सहारा मिलता दिख रहा है।

चार्ट पर डॉलर की तस्वीर

डेली चार्ट पर डॉलर इंडेक्स का नजरिया अभी हल्का सकारात्मक बना हुआ है। कीमत 100-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) और निचले बोलिंगर बैंड के ऊपर टिकी है, जो इशारा करता है कि हल्की गिरावट आने पर भी नीचे खरीदारी का समर्थन मौजूद है। बड़े दायरे में देखें तो कीमत अब भी दीर्घकालिक तेजी वाले रुझान में है। हालांकि ऊपर की ओर रफ्तार सीमित नजर आती है। ताज़ा आंकड़ों में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) करीब 55 पर है, जो हालिया कंसोलिडेशन के बाद सिर्फ मामूली तेजी वाले दबाव की ओर इशारा करता है। साथ ही MACD 0.21 पर अपनी सिग्नल लाइन 0.31 के नीचे चल रहा है, जिससे गति में थोड़ी नरमी झलकती है।

ऊपर की तरफ पहली बड़ी रुकावट बोलिंगर मिडल बैंड और 20-दिन के SMA के आसपास, यानी करीब 101.05 पर है। इसके आगे अगली दीवार ऊपरी बोलिंगर बैंड के पास लगभग 101.60 पर मौजूद है। पिछले 52 हफ्तों में इंडेक्स 95.55 से 101.80 के दायरे में घूमता रहा है, इसलिए 101.80 का ऊपरी छोर भी अहम बना रहेगा।

नीचे की तरफ तत्काल सहारा निचले बोलिंगर बैंड के आसपास लगभग 100.50 पर दिखता है, और उसके बाद 100.00 का मनोवैज्ञानिक स्तर आता है। सबसे मजबूत ढांचागत सहारा 99.60 पर मौजूद 100-दिन के SMA के पास है। अगर यह स्तर टूटता है, तो मौजूदा तेजी का रुझान कमजोर पड़ सकता है और कीमत के और गहरे गिरने का रास्ता खुल सकता है।

डॉलर की ताकत का आधार

अमेरिकी डॉलर संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक मुद्रा है और कई दूसरे देशों में भी यह स्थानीय नोटों के साथ-साथ व्यवहार में चलता है। यह दुनिया की सबसे ज्यादा कारोबार होने वाली मुद्रा है। 2022 के आंकड़ों के मुताबिक वैश्विक विदेशी मुद्रा कारोबार का 88% से ज्यादा हिस्सा अकेले डॉलर के नाम है, जो रोजाना औसतन 6.6 लाख करोड़ डॉलर के लेन-देन के बराबर बैठता है।

दूसरे विश्व युद्ध के बाद डॉलर ने ब्रिटिश पाउंड की जगह लेते हुए दुनिया की रिजर्व मुद्रा का दर्जा हासिल किया। अपने इतिहास के ज्यादातर हिस्से में डॉलर सोने के भंडार से समर्थित रहा, लेकिन 1971 के ब्रेटन वुड्स समझौते के बाद गोल्ड स्टैंडर्ड खत्म हो गया।

फेडरल रिजर्व की भूमिका

डॉलर की कीमत तय करने में सबसे बड़ा कारक अमेरिका की मौद्रिक नीति है, जिसे फेडरल रिजर्व (फेड) आकार देता है। फेड के सामने दो मुख्य लक्ष्य हैं, कीमतों में स्थिरता यानी महंगाई पर काबू रखना और रोजगार को बढ़ावा देना। इन दोनों को साधने का उसका सबसे अहम औजार ब्याज दरों में बदलाव है। जब कीमतें बहुत तेजी से बढ़ती हैं और महंगाई फेड के 2% के लक्ष्य से ऊपर चली जाती है, तो फेड दरें बढ़ाता है, जिससे डॉलर को मजबूती मिलती है। इसके उलट जब महंगाई 2% से नीचे आ जाए या बेरोजगारी बहुत ज्यादा हो, तो फेड दरें घटा सकता है, जो डॉलर पर दबाव डालता है।

बेहद कठिन हालात में फेडरल रिजर्व और डॉलर छाप सकता है और क्वांटिटेटिव ईजिंग (QE) का सहारा ले सकता है। यह वह तरीका है जिसके जरिए फेड किसी जाम पड़ चुके वित्तीय तंत्र में कर्ज का प्रवाह बढ़ाता है। यह कोई सामान्य कदम नहीं है, बल्कि तब अपनाया जाता है जब बैंक एक-दूसरे को उधार देने से कतराने लगते हैं और सिर्फ ब्याज दरें घटाने से बात नहीं बनती। 2008 की महामंदी के दौरान पैदा हुए कर्ज संकट से निपटने के लिए फेड ने यही हथियार चुना था। इसके तहत फेड नए डॉलर छापकर उनसे मुख्य रूप से वित्तीय संस्थानों से सरकारी बॉन्ड खरीदता है, और आमतौर पर इससे डॉलर कमजोर पड़ता है।

क्वांटिटेटिव टाइटनिंग (QT) इसकी उलटी प्रक्रिया है, जिसमें फेड बॉन्ड खरीदना बंद कर देता है और पहले से रखे बॉन्ड की मैच्योरिटी से मिली रकम को दोबारा नहीं लगाता। यह प्रक्रिया आमतौर पर डॉलर के लिए मददगार रहती है।

बाकी बाजारों का माहौल

व्यापक बाजार में भी हलचल बनी रही। एथेरियम ने बीते हफ्ते बाकी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया और बिटकॉइन, XRP तथा सोलाना को पीछे छोड़ते हुए दोहरे अंकों में बढ़त दर्ज की, हालांकि गुरुवार से पूरा बाजार करेक्शन की ओर मुड़ गया। इससे यह भी दिखा कि सतह के नीचे ETH की तेजी अभी नाजुक बनी हुई है।

कार्डानो हल्की रिकवरी के बाद 0.165 डॉलर पर ठहर गया। शनिवार को वैन रॉसेम हार्ड फोर्क लागू होने के साथ कार्डानो का पहला ऐसा प्रोटोकॉल अपग्रेड पूरा हुआ जिसे पूरी तरह ऑनचेन गवर्नेंस के जरिए मंजूरी मिली। इसके साथ आए प्रोटोकॉल वर्जन 11 का मकसद स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की लागत घटाना है।

महंगाई के मोर्चे पर भी बड़ी खबर रही। जून का CPI महीने-दर-महीने आधार पर 0.4% गिरा, जो अप्रैल 2020 के बाद किसी एक महीने में सबसे बड़ी गिरावट है। इससे सालाना दर मई के 4.2% से घटकर 3.5% पर आ गई और तीन महीने से चली आ रही तेजी की कड़ी टूट गई। कोर कीमतें महीने के दौरान स्थिर रहीं और सालाना आधार पर घटकर 2.6% पर आ गईं, दोनों ही आंकड़े अनुमान से नीचे रहे। महंगाई में यह नरमी आगे फेड की दरों को लेकर उम्मीदों को आकार देगी, जिसका सीधा असर डॉलर की चाल पर पड़ेगा।

सवाल-जवाब

डॉलर इंडेक्स इस समय किस स्तर पर है?
ताज़ा कारोबार में डॉलर इंडेक्स करीब 100.96 पर है, जो पिछले बंद स्तर 100.75 से लगभग 0.21% ऊपर है।
डॉलर के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस कहां हैं?
तत्काल सपोर्ट करीब 100.50 पर और उसके बाद 100.00 तथा 99.60 पर है, जबकि रेजिस्टेंस 101.05 और 101.60 पर मौजूद है।
डॉलर की चाल को अभी क्या प्रभावित कर रहा है?
बाजार ईरान से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है, जहां अमेरिकी सेना ने लगातार नौवीं रात हमले पूरे किए हैं, और इस तनाव में डॉलर को सहारा मिल रहा है।
तकनीकी संकेतक क्या कह रहे हैं?
RSI करीब 55 पर मामूली तेजी दिखा रहा है, जबकि MACD अपनी सिग्नल लाइन के नीचे है, यानी ऊपर की रफ्तार अभी सीमित है।
जून के CPI आंकड़े कैसे रहे?
जून का CPI महीने-दर-महीने 0.4% गिरा और सालाना दर 4.2% से घटकर 3.5% पर आ गई, जबकि कोर महंगाई 2.6% पर रही।
तेजी का रुझान कब खतरे में पड़ेगा?
अगर कीमत 100-दिन के SMA यानी करीब 99.60 के नीचे टूटती है, तो मौजूदा तेजी का रुझान कमजोर पड़ सकता है।
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