सोमवार को शुरुआती यूरोपीय सत्र के दौरान ईयूआर/जेपीवाई मुद्रा जोड़ी में कमजोरी देखने को मिल रही है और यह फिसलकर 181.20 के करीब पहुंच गई है। जापान के एक सलाहकार का कहना है कि बैंक ऑफ जापान इस साल सितंबर के महीने में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। इस मुद्रा जोड़ी का दैनिक चार्ट नकारात्मक रुझान दिखा रहा है, क्योंकि कीमतें 100-दिवसीय मूविंग एवरेज और बोलिंजर बैंड के मध्य स्तर से नीचे बनी हुई हैं, जिससे हालिया गिरावट के बाद ऊपरी स्तरों पर दबाव बरकरार है। इसके अलावा रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स भी ओवरसोल्ड स्थिति के संकेत दे रहा है।
ब्याज दरों और केंद्रीय बैंक की नीतियों पर नजर
बैंक ऑफ जापान की भविष्य की रणनीतियों को लेकर बाजार में चर्चा तेज हो गई है। जानकारों के अनुसार सितंबर में होने वाली संभावित दर वृद्धि के बाद बैंक अगले साल जनवरी तक एक और बढ़ोतरी कर सकता है। इसके बाद बैंक ऑफ जापान हर छह महीने में एक बार ब्याज दरें बढ़ाने की अपनी पुरानी नीति पर वापस लौट सकता है। पिछले एक दशक के दौरान बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनाई गई अत्यधिक नरम मौद्रिक नीति के कारण जापानी येन में बड़ी गिरावट आई थी। विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों में अंतर के कारण येन पर लगातार दबाव बना रहा।
तकनीकी स्तर और महत्वपूर्ण बाधाएं
चार्ट विश्लेषण के अनुसार ईयूआर/जेपीवाई जोड़ी के लिए पहली ऊपरी बाधा 181.40 के आसपास है, जो अब तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर रही है। इसके बाद अगली बड़ी बाधा 10 अगस्त का निचला स्तर 182.70 है। इसके ऊपर 20-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज 184.45 और 100-दिवसीय मूविंग एवरेज 184.90 के पास एक मजबूत रेजिस्टेंस जोन मौजूद है। दूसरी ओर, 4 सितंबर का निचला स्तर 180.23 इस मुद्रा जोड़ी के लिए शुरुआती समर्थन का काम कर रहा है। इसके बाद 180.00 का मनोवैज्ञानिक स्तर अगला अहम पड़ाव है। यदि बिकवाली का दबाव जारी रहता है और कीमत इस स्तर से नीचे जाती है, तो 3 अगस्त के निचले स्तर 179.37 तक गिरावट बढ़ सकती है।
व्यापक आर्थिक माहौल और अन्य बाजार
व्यापक आर्थिक मोर्चे पर अन्य मुद्रा जोड़ियों और परिसंपत्तियों में भी हलचल देखी जा रही है। मिसाल के तौर पर एयूडी/यूएसडी मुद्रा जोड़ी मई के मध्य के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब कारोबार कर रही है। वहीं, अमेरिकी डॉलर को मजबूत रोजगार आंकड़ों और अमेरिकी-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी के कारण वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं। सुरक्षित निवेश के रूप में जापानी येन की स्थिति भी वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच महत्वपूर्ण बनी हुई है।



















