सोमवार को एशियाई कारोबार में ब्रिटिश पाउंड डॉलर के आगे कमजोर नजर आया और 1.3500 के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर फिसल गया, हालांकि बिकवाल भी इसे बहुत नीचे धकेलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
डॉलर की चमक क्यों बढ़ी
जीबीपी/यूएसडी लगातार दूसरे सत्र में गिरावट में है, लेकिन यह गिरावट बहुत दमदार नहीं दिख रही। शुक्रवार को आए अमेरिका के नॉन फार्म पेरोल आंकड़े अनुमान से बेहतर रहे, जिससे यह उम्मीद मजबूत हुई कि फेडरल रिजर्व फिलहाल ब्याज दरों में बड़ी कटौती से बचेगा। इसी वजह से डॉलर की तेजी नए हफ्ते में भी बरकरार दिख रही है। दरअसल जब रोजगार के आंकड़े मजबूत आते हैं तो केंद्रीय बैंक पर नीति ढीली करने का दबाव कम हो जाता है, और ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीद डॉलर में निवेश को और आकर्षक बना देती है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव भी निवेशकों को सुरक्षित माने जाने वाली संपत्तियों की ओर धकेल रहा है, और डॉलर को इसका सीधा फायदा मिल रहा है। यही दोनों वजहें पाउंड पर दबाव बनाए हुए हैं, भले ही अभी तक कोई बड़ी बिकवाली नहीं दिखी है।
बिकवाल अब भी सतर्क क्यों
पाउंड अभी भी शुक्रवार के निचले स्तर से ऊपर टिका हुआ है, और यही वजह है कि आक्रामक बिकवालों को जल्दबाजी न करने की सलाह दी जा रही है। असल में यह गिरावट अगस्त में बने छह महीने के शिखर से आई एक पुलबैक भर है, और इतने बड़े उछाल के बाद आने वाली गिरावट को गहरी करेक्शन बनने के लिए आमतौर पर कोई बड़ा ट्रिगर चाहिए होता है। फिलहाल ऐसा कोई ट्रिगर सामने नहीं आया है, इसलिए पाउंड 1.3500 के ठीक नीचे लगभग ठहरा हुआ है। जब कोई करेंसी पेयर लगातार दो सत्रों तक गिरता तो है लेकिन हाल का निचला स्तर नहीं तोड़ पाता, तो चार्ट देखने वाले इसे रुझान बदलने के बजाय झिझक का संकेत मानते हैं।
चार्ट पर अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
चार्ट पर देखें तो पाउंड के लिए पहला मजबूत सपोर्ट 1.3470 से 1.3460 के दायरे में है, जो 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट और 50 दिन के सिंपल मूविंग एवरेज से मजबूत होता है। फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर वे बिंदु होते हैं जहां किसी पुरानी चाल के थमने या पलटने की संभावना बनती है, और ट्रेडर इन्हें मूविंग एवरेज के साथ मिलाकर देखते हैं ताकि पता चल सके कि सपोर्ट या रेजिस्टेंस टिकेगा या नहीं। अगर 1.3470 से 1.3460 का यह दायरा टूटता है तो अगला पड़ाव 50% रिट्रेसमेंट के करीब 1.3407 होगा, उसके बाद 1.3345, 1.3255 और आखिर में 1.3141 पर गहरे फिबोनाची सपोर्ट मिलेंगे। ऊपर की तरफ खरीदारों को पहले 1.3548 पर बने 23.6% रिट्रेसमेंट स्तर को पार करना होगा, उसके बाद ही वे 1.3673 के आसपास बने साइकिल हाई की तरफ बढ़ने की उम्मीद कर सकते हैं। इस साइकिल हाई के ऊपर निर्णायक ब्रेक मिलने पर एक मजबूत तेजी का रास्ता फिर से खुल सकता है, जबकि 1.3548 पर बार-बार अटकना पाउंड को मौजूदा दायरे में ही कैद रख सकता है।
लाइव इंडिकेटर क्या इशारा कर रहे हैं
ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक जीबीपी/यूएसडी फिलहाल 1.35 के आसपास है, जो पिछले बंद भाव से करीब 0.15% नीचे है। यह पेयर 1.30 से 1.38 के 52 हफ्ते के दायरे में सीमित है और कारोबार वॉल्यूम 20 दिन के औसत का करीब 1.00 गुना चल रहा है। 14 दिन का RSI 49 पर है, जो लगभग बीच के तटस्थ स्तर पर है और यह बताता है कि ट्रेडरों में अभी साफ दिशा को लेकर दुविधा बनी हुई है, न कि पाउंड के ओवरबॉट या ओवरसोल्ड होने का संकेत। MACD लाइन अपनी सिग्नल लाइन के लगभग बराबर है, हिस्टोग्राम हल्का नेगेटिव है जो थोड़ा मंदी की तरफ झुकाव तो दिखाता है लेकिन उसमें कोई असली रफ्तार नजर नहीं आती।
दूसरी तरफ लंबी अवधि के रुझान के लिए मूविंग एवरेज की तस्वीर ज्यादा उत्साहजनक है। 20 दिन और 50 दिन के EMA करीब 1.35 पर हैं, जो 1.34 के आसपास मौजूद 200 दिन के EMA से ऊपर हैं, और 50 दिन का SMA भी 200 दिन के SMA से ऊपर बना हुआ है। इसे गोल्डन क्रॉस कहा जाता है, और यह मौजूदा छोटी गिरावट के बावजूद बड़ी तस्वीर को तेजी की तरफ झुकाए रखता है। बॉलिंजर बैंड्स करीब 1.34 से 1.37 के बीच फैले हैं और इनकी मध्य रेखा 1.36 के आसपास है, और पाउंड फिलहाल इन बैंड्स के अंदर ही आराम से कारोबार कर रहा है, जो किसी तेज दबाव के अभाव को ही दिखाता है। ADX 23 पर है, जो एक कमजोर रीडिंग है और यह बताता है कि बाजार किसी मजबूत रुझान में नहीं बल्कि एक दायरे में फंसा हुआ है। स्टोकास्टिक ऑसिलेटर की फास्ट लाइन 18 पर और सिग्नल लाइन 17 पर है, यानी दोनों गहरे ओवरसोल्ड क्षेत्र में हैं, जो इशारा करता है कि किसी नई गिरावट में जल्दी दम निकल सकता है। करीब 0.01 का ATR ट्रेडरों को रोजाना की उतार-चढ़ाव का अंदाजा देता है, जिसे मौजूदा 20 दिन के सपोर्ट 1.35 और रेजिस्टेंस 1.37 के आसपास स्टॉप लॉस तय करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
आगे यूके जीडीपी और सुस्त अमेरिकी बाजार पर नजर
आगे देखें तो शुक्रवार को आने वाला मासिक यूके जीडीपी आंकड़ा ही पाउंड के लिए अगला बड़ा ट्रिगर बन सकता है, और तब तक ट्रेडर बड़ा दांव लगाने से बच रहे हैं। इसके अलावा अमेरिका में लेबर डे की छुट्टी की वजह से कारोबार वॉल्यूम पहले से ही पतला है, जो आक्रामक पोजीशन लेने को हतोत्साहित करता है और कम समय के लिए जीबीपी/यूएसडी को मौजूदा स्तरों के आसपास सहारा दे सकता है। कुल मिलाकर, आंकड़ों की कमी वाला कैलेंडर, छुट्टी से पतला बाजार और मिला-जुला तकनीकी ढांचा, तीनों मिलकर धैर्य रखने का इशारा करते हैं। ट्रेडरों के लिए बेहतर यही होगा कि वे सपोर्ट के साफ और टिकाऊ टूटने का इंतजार करें, इससे पहले यह मान लेना जल्दबाजी होगी कि अगस्त के छह महीने के शिखर से शुरू हुई यह गिरावट अब तेज होने वाली है।



















