अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरोपीय मुद्रा यूरो पर दबाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। नए कारोबारी सत्र के दौरान यूरोपीय मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 1.1245 के स्तर तक गिर गई। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण फ्रांस का गहराता वित्तीय संकट और वहां की सरकार द्वारा पेश किया गया सख्त बजट माना जा रहा है। इसके साथ ही अमेरिका में हाल ही में जारी हुए कमजोर रोजगार आंकड़ों ने भी वैश्विक मुद्रा बाजार में नया मोड़ ला दिया है, जिससे निवेशकों का रुख सतर्क हो गया है।
फ्रांस का भारी-भरकम कटौती बजट और राजनीतिक अनिश्चितता
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू की अल्पसंख्यक सरकार ने देश को संभावित क्रेडिट रेटिंग डाउनग्रेड और डिफ़ॉल्ट के खतरे से बचाने के लिए 2027 तक 54 अरब यूरो की भारी बजटीय कटौती का मसौदा पेश किया है। इस कड़े बजट का उद्देश्य सरकारी घाटे पर अंकुश लगाना है, लेकिन संसद में सरकार के पास स्पष्ट बहुमत न होने के कारण इसे पारित कराना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष के कड़े विरोध को देखते हुए सरकार को बजट पास कराने के लिए कई अहम रियायतें देनी पड़ सकती हैं, जिससे वित्तीय स्थिरता को लेकर आशंकाएं और बढ़ गई हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर अनिश्चितता
दूसरी ओर, अमेरिका में उम्मीद से कमजोर आए जॉब्स डेटा के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर महीने की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना काफी कम हो गई है। वित्तीय बाजार में अब लगभग 77.9 प्रतिशत व्यापारी इस बात पर दांव लगा रहे हैं कि अक्टूबर की नीतिगत समीक्षा में फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को स्थिर रखेगा। आंकड़े जारी होने से पहले यह संभावना 74 प्रतिशत पर देखी जा रही थी। स्टैंदर्ड चार्टर्ड के विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका में मुख्य मुद्रास्फीति नियंत्रण में बनी हुई है, जो जनवरी के 2.2 प्रतिशत से मामूली रूप से बढ़कर सितंबर में 2.5 प्रतिशत प्रति वर्ष पर पहुंची है।
केंद्रीय बैंकों का रुख और तकनीकी विश्लेषण
यूरोपीय सेंट्रल बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लागार्ड ने उच्च बॉन्ड यील्ड के कारण आर्थिक विकास और मुद्रास्फीति दोनों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के प्रति सतर्क किया है। विश्लेषकों के अनुसार ईसीबी दिसंबर की मौद्रिक नीति बैठक में नए व्यापक आर्थिक पूर्वानुमानों का इंतजार कर सकता है। वहीं अमेरिकी फेड की अधिकारी लोगन का रुख अधिक सख्त बना हुआ है, जिन्होंने स्पष्ट संकेत दिया है कि मूल्य स्थिरता वापस लाने के लिए दरों में कम से कम 50 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि और कई बार दर बढ़ोतरी आवश्यक हो सकती है। तकनीकी चार्ट्स पर, EUR/USD की जोड़ी 100-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रही है, जहां 1.1200 का स्तर तत्काल सहायता प्रदान कर रहा है, जबकि ऊपर की ओर 1.1440 और 1.1510 पर कड़ा प्रतिरोध देखा जा रहा है।


















