यूरोपीय महाद्वीप में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं एक बार फिर चरम पर पहुंच गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप बेंचमार्क TTF प्राकृतिक गैस की कीमतें 65 यूरो प्रति MWh (मेगावाट-घंटा) के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गई हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में इस तीखी मूल्य वृद्धि के पीछे मुख्य वजह यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में गैस भंडारण का ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर तक गिर जाना है। इसके साथ ही कतर से तरल प्राकृतिक गैस (LNG) के निर्यात का लगातार निलंबित रहना और वार्षिक सीजनल रिफिलिंग अवधि का समाप्त होना आपूर्ति संकट को और अधिक गहरा बना रहा है। बाजार विशेषज्ञों और कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि यदि आपूर्ति से जुड़ी ये बाधाएं और भौगोलिक अनिश्चितताएं आगे भी बनी रहती हैं, तो यूरोपीय गैस दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तरों पर टिकी रह सकती हैं।
यूरोप में गैस का गहराता संकट और भंडारण की कमी
जर्मनी के प्रमुख वित्तीय संस्थान कॉमर्ज़बैंक के वरिष्ठ विशेषज्ञ नॉर्मन लीबके द्वारा जारी किए गए बाजार विश्लेषण के अनुसार, पूरे यूरोपीय संघ में गैस भंडारण का कुल स्तर फिलहाल 61 प्रतिशत से थोड़ा ही ऊपर रह गया है। साल 2009 में व्यवस्थित डेटा संग्रह और आंकड़े दर्ज करने की शुरुआत के बाद से यह इस सीजन का सबसे निचला भंडारण स्तर माना जा रहा है। यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी में स्थिति और भी चिंताजनक बनी हुई है, जहां गैस भंडारण सुविधाएं केवल 50 प्रतिशत क्षमता तक ही भर सकी हैं। जर्मनी का यह वर्तमान भंडारण स्तर उसके पिछले पांच वर्षों के मौसमी औसत से 27 प्रतिशत अंक कम है, जो आगामी सर्दियों के लिए ऊर्जा तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सामान्य मौसमी भंडारण स्तरों की तुलना में वर्तमान में यूरोपीय संघ का भंडारण अंतर 17 प्रतिशत अंक के बड़े घाटे को दर्शा रहा है। कॉमर्ज़बैंक के विश्लेषकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भंडारण का यह अंतर और अधिक चौड़ा होता है, तो बेंचमार्क TTF गैस मूल्य 65 यूरो प्रति MWh के स्तर से ऊपर टिकाऊ रूप से बना रह सकता है। मंगलवार को कॉमर्ज़बैंक द्वारा किए गए विस्तृत गणनात्मक विश्लेषण के अनुसार, अगले साल मार्च के अंत तक यूरोपीय देशों को अपने गैस भंडारों को पर्याप्त स्तर तक पहुंचाने के लिए वर्तमान आयात दरों की तुलना में अपने LNG आयात में उल्लेखनीय और भारी बढ़ोतरी करनी होगी। इसके अतिरिक्त, यदि मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक कायम रहता है, तो यूरोप को उपलब्ध LNG टैंकरों और कार्गो शिपमेंट्स को हासिल करने के लिए एशियाई देशों के साथ सीधी और कड़ी नीलामी प्रतिस्पर्धा जारी रखनी होगी, जिससे वैश्विक ऊर्जा दरों पर ऊपर की ओर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
विदेशी मुद्रा बाजार: पाउंड और यूरो की चाल
अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) बाजार में प्रमुख मुद्राओं के विनिमय दरों में भी मिला-जुला और संवेदनशीलता भरा कारोबार देखा गया। GBP/USD मुद्रा जोड़ी में फरवरी के बाद के अपने उच्चतम स्तर 1.3670 को छूने के बाद मामूली मुनाफावसूली दर्ज की गई, जिसके चलते यह जोड़ी घटकर 1.3650 के स्तर से नीचे आ गई। ब्रिटेन के क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) के सकारात्मक और उत्साहजनक आंकड़ों ने शुरुआत में ब्रिटिश पाउंड को मजबूत सहारा प्रदान किया था। हालांकि, अमेरिका के निजी क्षेत्र से सामने आए मजबूत और प्रोत्साहनजनक PMI आंकड़ों ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी और पाउंड की बढ़त पर अंकुश लगा दिया। इस सुधारात्मक गिरावट के बावजूद, GBP/USD जोड़ी लगातार दूसरे सप्ताह सकारात्मक दायरे में बढ़त के साथ बंद होने के मजबूत संकेत दे रही है।
दूसरी ओर, EUR/USD मुद्रा जोड़ी में भी यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान आई शुरुआती मजबूती के बाद गिरावट देखी गई और यह 1.1700 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर कारोबार करने लगी। जर्मनी और पूरे यूरोज़ोन क्षेत्र से प्राप्त क्रय प्रबंधक सूचकांक आंकड़े मिले-जुले रहे, जिसने यूरो की गति को धीमा कर दिया। इस बीच, सप्ताहांत के करीब पहुंचने के साथ ही अमेरिकी डॉलर अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा, क्योंकि अमेरिका के व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े आंकड़ों ने निजी क्षेत्र में निरंतर आर्थिक विस्तार की पुष्टि की। इन तमाम उथल-पुथल के बावजूद, EUR/USD जोड़ी इस कारोबारी सप्ताह में कुल मिलाकर मजबूत साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की राह पर बनी हुई है।
सोना और क्रिप्टोकरेंसी में मजबूती
वैश्विक कमोडिटी और बुलियन बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमतों में जोरदार तेजी का रुझान बना रहा। सोने के खरीदार और बुलियन ट्रेडर्स पिछले छह महीनों की अपनी ट्रेडिंग सीमा के ऊपरी दायरे में स्थित $4,600 प्रति औंस के प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर को दोबारा परखने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कीमती धातुओं को यह मजबूत गति अमेरिकी डॉलर सूचकांक में आई अचानक और तेज गिरावट से हासिल हुई है, जो अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा सरकारी ऋण बाजार में तरलता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई घोषणा के बाद देखने को मिली।
डिजिटल एसेट और क्रिप्टोकरेंसी बाजार ने भी शुक्रवार के सत्र में मजबूत तेजी का रुख प्रदर्शित किया। इस रैली की अगुवाई दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने की, जिसने $77,000 के स्तर को सफलता पूर्वक पार कर लिया। प्रमुख ऑल्टकॉइन्स ने भी बिटकॉइन के इस सकारात्मक रुझान का अनुसरण किया, जिसमें एथेरियम की कीमतें $2,400 के करीब पहुंच गईं और रिपल का व्यापार $1.35 के आसपास होता हुआ देखा गया।
अमेरिकी ट्रेजरी का तरलता कदम और बाजार का आउटलुक
विभिन्न वित्तीय परिसंपत्ति वर्गों में इस व्यापक हलचल का एक बड़ा श्रेय अमेरिकी वित्त विभाग (यूएस ट्रेजरी) के अचानक और अभूतपूर्व नीतिगत कदम को जाता है। अपने निर्धारित नियमित कैलेंडर से हटकर काम करते हुए, ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को 12:32 GMT पर यह घोषणा की कि वह 10-वर्षीय से 20-वर्षीय और 20-वर्षीय से 30-वर्षीय परिपक्वता वाले सरकारी बॉन्ड क्षेत्रों में अपने तरलता सहायता बाईबैक संचालन के आकार को कम से कम दोगुना करेगी। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम बाईबैक सीमा को $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब कर दिया गया है। तरलता बढ़ाने की यह विशेष योजना 9 सितंबर से लागू होगी और 4 नवंबर तक निरंतर जारी रहेगी।
आगामी बाजार रुझानों और आर्थिक परिदृश्य की बात करें तो दुनिया भर के निवेशक जैक्सन होल आर्थिक संगोष्ठी में केविन वॉश की पहली आधिकारिक उपस्थिति और संबोधन पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, केंद्रीय बैंक की ओर से आ रहे मिले-जुले संदेशों और अमेरिकी सरकार द्वारा बॉन्ड बाजार में किए गए इस बड़े तरलता हस्तक्षेप के बाद, बाजार विश्लेषक केविन वॉश या अन्य अधिकारियों की तरफ से किसी अत्यंत सख्त (हाकिश) मौद्रिक आश्चर्य की संभावना को कम मान रहे हैं। इसके साथ ही, शेयर बाजार के प्रतिभागी एनवीडिया के आगामी तिमाही आय नतीजों का भी उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं, जो प्रौद्योगिकी शेयरों में हालिया तेजी के धीमे पड़ने के बाद समग्र इक्विटी बाजार की भविष्य की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



















