यूरो ज़ोन के फ्लैश मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) में जुलाई के दौरान अप्रत्याशित रूप से बड़ी बढ़त दर्ज की गई है, जो बढ़कर 52.0 पर पहुंच गया है। जून में यह आंकड़ा 51.4 पर था, और बाजार को इसमें सुधार की उम्मीद तो थी, लेकिन अत्यंत मामूली स्तर यानी 51.3 तक पहुंचने का अनुमान था। इस चौंकाने वाले आर्थिक सुधार ने यूरोपीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाया है, लेकिन वैश्विक बाजारों में इसके व्यापक असर देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों से यूरो को बल मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक वित्तीय बाजारों पर दबाव बना हुआ है।
यूरो ज़ोन का आर्थिक प्रदर्शन और EUR/USD पर असर
मैन्युफैक्चरिंग PMI किसी भी क्षेत्र की आर्थिक सेहत को मापने का एक बेहद महत्वपूर्ण साधन है, जिसमें 50 से ऊपर की रीडिंग विनिर्माण गतिविधियों में विस्तार का संकेत देती है। जुलाई के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, जर्मनी और संपूर्ण यूरो ज़ोन की विनिर्माण गतिविधियों में तेजी उम्मीद से कहीं अधिक मजबूत रही है। इस आर्थिक मजबूती के दम पर शुक्रवार के यूरोपीय व्यापारिक सत्र के दौरान यूरो (EUR) अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले 1.1400 के स्तर के आसपास अपनी बढ़त को कायम रखने में सफल रहा।
हालांकि, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की ओर से ब्याज दरों को ऊंचे स्तरों पर बनाए रखने के सख्त रुख के बावजूद यूरो की इस तेजी पर फिलहाल लगाम लगी हुई है। इसका मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ती भू-राजनीतिक अस्थिरता है, जिसने वैश्विक निवेशकों के बीच सुरक्षात्मक रुख पैदा कर दिया है। निवेशक अब जोखिम वाली परिसंपत्तियों से हाथ खींच रहे हैं। बाजार के भागीदारों की नजरें अब अमेरिकी आर्थिक कैलेंडर पर टिकी हैं, जहां देर शाम जुलाई के शुरुआती अमेरिकी PMI आंकड़े जारी किए जाने हैं, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति और फेडरल रिजर्व के अगले कदमों की दिशा तय कर सकते हैं।
ब्रिटिश पाउंड को मजबूत रिटेल आंकड़ों से मिला सहारा
ब्रिटेन के बाजारों में भी उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। गुरुवार को आई भारी गिरावट के बाद शुक्रवार के यूरोपीय कारोबारी सत्र में ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (GBP/USD) 1.3300 के स्तर से ऊपर मामूली बढ़त बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है। पाउंड को यह सहारा हाल ही में जारी हुए ब्रिटेन के मजबूत रिटेल सेल्स (खुदरा बिक्री) और जुलाई के सकारात्मक PMI आंकड़ों से प्राप्त हुआ है।
इसके बावजूद, पाउंड की बड़ी छलांग लगाने की क्षमता सीमित बनी हुई है। मिडिल ईस्ट में संघर्ष तेज होने के कारण बाजार में एक बेहद सतर्क दृष्टिकोण देखा जा रहा है। जब तक भू-राजनीतिक संकट के बादल नहीं छंटते, तब तक ब्रिटिश पाउंड के लिए एक निश्चित ऊपर की दिशा तय करना मुश्किल लग रहा है। अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़े ही अब इस मुद्रा जोड़ी की अगली चाल निर्धारित करेंगे।
सोने पर गहराया बिकवाली का संकट
सुरक्षित निवेश विकल्प माने जाने वाले सर्राफा बाजार में सोने की चमक थोड़ी फीकी पड़ती दिख रही है। एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान पीली धातु लगातार दूसरे दिन बिकवाली के भारी दबाव में रही और यह गिरकर 4,050 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे चली गई।
आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव में सोने की मांग बढ़ जाती है, लेकिन इस बार अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते गतिरोध ने कच्चे तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें दुनिया भर में महंगाई की चिंताओं को और अधिक बढ़ा रही हैं। इसके परिणामस्वरूप, बाजार में यह आशंका प्रबल हो गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए लंबे समय तक ब्याज दरों को उच्च स्तर पर बनाए रखेगा। इस उम्मीद ने अमेरिकी डॉलर को जबरदस्त मजबूती दी है, जिससे डॉलर इंडेक्स गुरुवार को छुए गए अपने लगभग एक महीने के उच्चतम स्तर के करीब बना हुआ है। डॉलर की यह मजबूती सोने जैसी बिना ब्याज वाली धातु के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो रही है।
क्रिप्टो बाजार पर दबाव, इथेरियम में बढ़ी हलचल
भू-राजनीतिक मोर्चे पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर डिजिटल एसेट्स पर भी देखा जा रहा है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच शुक्रवार को बिटकॉइन (BTC) गिरकर अपने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) सपोर्ट के पास पहुंच गया, जो करीब 65,135 डॉलर के स्तर पर स्थित है। पिछले 24 घंटों में इस कमजोरी के कारण पाई नेटवर्क और स्काई सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले क्रिप्टो टोकन्स बनकर उभरे हैं।
इस बीच, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी इथेरियम (ETH) बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच 1,880 डॉलर के स्तर के आसपास कारोबार कर रही है, जो इसके पिछले बंद भाव 1,877 डॉलर से 0.16% की मामूली बढ़त को दर्शाता है। डेरिवेटिव बाजार में दिलचस्पी बढ़ने के बावजूद गुरुवार को इस ऑल्टकॉइन में 3% की गिरावट आई थी। इथेरियम का ओपन इंटरेस्ट पिछले दो दिनों में 6 लाख ETH बढ़कर 1.46 करोड़ ETH पर पहुंच गया है, जो 7 जून के बाद का इसका सबसे उच्चतम स्तर है।
तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो इथेरियम का 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 57 पर है, जो एक संतुलित और स्थिर गति का संकेत देता है। इसका MACD 43.46 पर है जो सिग्नल लाइन 38.62 से ऊपर होने के कारण तेजी का रुख दिखाता है। हालांकि, दीर्घकालिक रुझान अभी भी मंदी का है, क्योंकि इसके चार्ट पर 'डेथ क्रॉस' (50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से नीचे होना) सक्रिय है। इथेरियम का 50-दिवसीय EMA 1,830 डॉलर और 200-दिवसीय EMA 2,267 डॉलर पर है। बोलिंजर बैंड की सीमाएं 1,718 डॉलर से 1,959 डॉलर के बीच हैं, और वर्तमान बाजार उतार-चढ़ाव को देखते हुए इथेरियम के लिए 1,712 डॉलर पर मजबूत सपोर्ट और 1,955 डॉलर पर तत्काल रेजिस्टेंस देखा जा सकता है।
















