मीन राशि में वक्री शनि का गोचर, अगले 84 दिन 3 राशियों की बढ़ेगी परीक्षाशेयर बाजार में रेंटोमोजो की धमाकेदार शुरुआत, निवेशकों को प्रति लॉट मिला 2,902 रुपये का लिस्टिंग मुनाफाअमेरिकी वर्क परमिट पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, भारी भरकम शुल्क का दायरा बढ़ा और कड़ी निगरानी का आदेशवैश्विक बाजारों में उथल-पुथल: डॉलर की मजबूती, फेड के फैसले और यूरो क्षेत्र के औद्योगिक उत्पादन पर टिकी नजरेंब्रिटेन में ब्याज दरों पर बैंक ऑफ इंग्लैंड ले सकता है ठहराव का फैसला, नोमुरा का आकलनरेल मदद ऐप में बड़े सुधार की तैयारी, पानी और खाने की शिकायतों के निपटारे का बदलेगा पूरा तरीकाअमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी से पहले पाउंड पर दबाव, महंगाई के आंकड़ों के बाद फिसला स्टर्लिंगअमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें बढ़ाने से ब्रिटिश पाउंड में गिरावट, अहम सपोर्ट लेवल टूटेअमेरिकी बॉन्ड यील्ड और पश्चिम एशिया के तनाव के बीच एशियाई बाजारों में सीमित बढ़तक्यूडेंगा टीका भारत में 2027 तक देगा दस्तक, चारों सीरोटाइप से मिलेगी सुरक्षा
यूरो क्षेत्र में औद्योगिक उत्पादन 0.1 प्रतिशत फिसला, केंद्रीय बैंकों के फैसलों से पहले वैश्विक बाजारों में बढ़ी सतर्कताबाज़ार
19 सित॰ 2026, 3:05 pm (15 मिनट पहले)· 0

यूरो क्षेत्र में औद्योगिक उत्पादन 0.1 प्रतिशत फिसला, केंद्रीय बैंकों के फैसलों से पहले वैश्विक बाजारों में बढ़ी सतर्कता

यूरोस्टेट के ताजा आंकड़ों के अनुसार जुलाई में यूरो क्षेत्र के औद्योगिक उत्पादन में 0.1 प्रतिशत की गिरावट आई है, वहीं प्रमुख केंद्रीय बैंकों की बैठकों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच डॉलर, सोना तथा बॉन्ड यील्ड्स में हलचल तेज हो गई है।

यूरोपीय संघ के सांख्यिकी कार्यालय यूरोस्टेट के अनुसार यूरो क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों में जुलाई महीने के दौरान 0.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि औद्योगिक उत्पादन में गिरावट का यह आंकड़ा बाजार विश्लेषकों के 0.2 प्रतिशत के पूर्व अनुमान की तुलना में हल्का धीमा रहा है। इससे पूर्व जून के आंकड़ों में भी 0.1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई थी, जिसे पहले 0 प्रतिशत रहने के अनुमान से संशोधित कर नीचे किया गया था। वार्षिक स्तर पर तुलना की जाए तो औद्योगिक उत्पादन पूरी तरह सपाट बना रहा, जबकि बाजार 0.1 प्रतिशत संकुचन की आशंका जता रहा था, जो कि पिछले संशोधन के बाद दर्ज 0.3 प्रतिशत गिरावट से बेहतर रहा है, जिसे शुरुआत में 0.1 प्रतिशत बढ़त बताया गया था।

मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और मजबूत होता डॉलर

व्यापक वित्तीय बाजारों में बुधवार के एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियन डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) लगातार तीसरे दिन नकारात्मक दायरे में बना रहा। यह जोड़ी 0.7100 के स्तर का बचाव करते हुए अपने मासिक निचले स्तर के काफी करीब कारोबार करती देखी गई। अमेरिकी डॉलर दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के पास मजबूती से टिका हुआ है, जिसे आगामी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से पैदा हुई महंगाई की चिंताओं का समर्थन मिल रहा है। तेल प्रेरित मुद्रास्फीति के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। इसके अलावा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर को मजबूती मिल रही है, जबकि जोखिम उठाने वाली मुद्रा मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर भारी दबाव देखा जा रहा है।

ये भी पढ़ें

इसी तरह बुधवार के एशियाई सत्र में डॉलर बनाम येन (USD/JPY) ने भी बढ़त का रुख दिखाते हुए 155.00 के स्तर को पार कर एक सप्ताह का नया उच्च स्तर छू लिया। कच्चे तेल से जुड़ी मुद्रास्फीति की चिंताएं और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक सख्ती की संभावनाएं अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स को लगातार सहारा दे रही हैं। दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर डॉलर की प्राथमिक आरक्षित मुद्रा के रूप में मांग और बढ़ गई है। इसके बावजूद, यह करेंसी जोड़ी 155.50 के मध्य स्तर से नीचे ही सीमित बनी रही क्योंकि कारोबारी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसले और गुरुवार से शुरू हो रही बैंक ऑफ जापान की नीतिगत बैठक से पहले किसी बड़े दांव को लेकर बेहद सतर्क रुख अपना रहे हैं।

सोने में सीमित बढ़त और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर टिकी नजरें

यूरोपीय कारोबारी सत्र के पहले हिस्से में सोने की कीमतों में मामूली इंट्राडे बढ़त दर्ज की गई, हालांकि इसमें लगातार लिवाली का अभाव दिखा और यह 4,350 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे ही बना रहा। अमेरिकी डॉलर में दो सप्ताह के उच्च स्तर से हल्की मुनाफावसूली होने से कीमती धातुओं को निचली सतह पर थोड़ा सहारा जरूर मिला है। इसके बावजूद, सोने के ट्रेडर प्रमुख केंद्रीय बैंकों की बैठकों से जुड़े जोखिमों को देखते हुए आक्रामक सौदे करने से बच रहे हैं और फिलहाल किनारे बैठकर घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

इस सप्ताह वित्तीय बाजारों का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु फेडरल रिजर्व का निर्णय बना हुआ है। इस नीतिगत घोषणा से ठीक पहले सामने आए अगस्त माह के अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने काफी मजबूत तस्वीर पेश की थी, जिसके कारण ब्याज दर वायदा बाजारों में फेड द्वारा कड़े रुख अपनाने के अनुमान तेजी से बढ़ गए थे। हालांकि, इसके बाद जारी हुए अमेरिकी अगस्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों ने निवेशकों के लिए कहीं अधिक अहम भूमिका निभाई और आगामी नीतिगत फैसलों के परिदृश्य को नए सिरे से प्रभावित किया है।

बैंक ऑफ जापान की नीतिगत सख्ती और वैश्विक पूंजी प्रवाह का बदलता चक्र

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली में जापान की बेहद कम और शून्य के करीब रही ब्याज दरों ने एक दशक से भी अधिक समय तक दुनिया भर में खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में बड़ी भूमिका निभाई है। इस दीर्घकालिक नीतिगत ढांचे के चलते जापानी येन वैश्विक स्तर पर फंडिंग का सबसे सस्ता स्रोत बनकर उभरा था। अब जबकि बैंक ऑफ जापान द्वारा इसी सप्ताह अपनी मौद्रिक नीति को एक बार फिर सख्त करने का अनुमान लगाया जा रहा है, यह ऐतिहासिक वित्तीय लाभ अब एक नए दौर में प्रवेश कर सकता है। जब दुनिया की अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं उच्च मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरों में लगातार इजाफा कर रही थीं, तब जापान लंबे समय तक दुनिया के सामने एक अलग अपवाद बना रहा था, लेकिन अब वहां भी केंद्रीय बैंक के नीतिगत रुख में ऐतिहासिक बदलाव के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

सवाल-जवाब

जुलाई में यूरो क्षेत्र का औद्योगिक उत्पादन कितना घटा?
यूरोस्टेट के आंकड़ों के अनुसार जुलाई में यूरो क्षेत्र का औद्योगिक उत्पादन 0.1 प्रतिशत घटा, जो 0.2 प्रतिशत गिरावट के अनुमान से थोड़ा बेहतर रहा।
जून महीने के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े में क्या संशोधन हुआ?
जून के आंकड़े को पहले शून्य प्रतिशत पर आंका गया था, जिसे संशोधित करके 0.1 प्रतिशत संकुचन दर्ज किया गया।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर क्यों पहुंच गई हैं?
फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर वृद्धि और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पैदा हुए मुद्रास्फीति के दबाव से बॉन्ड यील्ड्स बढ़ी हैं।
सोना किस स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है?
सोने की कीमतें यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान मामूली बढ़त के बावजूद 4,350 डॉलर प्रति औंस के नीचे बनी रहीं।
बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति में क्या बदलाव अपेक्षित है?
बैंक ऑफ जापान द्वारा इस सप्ताह अपनी नीति को और सख्त किए जाने का अनुमान है, जिससे वैश्विक स्तर पर येन से मिलने वाले सस्ते कर्ज का दौर बदल सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp