वैश्विक मुद्रा बाजारों में बुधवार को हलचल थमती दिखाई दी, जहां शुरुआती नुकसान की भरपाई करने के बाद जापानी येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 155.00 के महत्वपूर्ण स्तर पर स्थिर हो गया। बाजार भागीदार 18:00 GMT पर निर्धारित अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे विदेशी मुद्रा बाजार में व्यापक सतर्कता का माहौल बना हुआ है। यूरोपियन ट्रेडिंग सत्र के दौरान निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बदलाव के साथ भविष्य के कदमों को लेकर किस प्रकार के संकेत देता है।
नीतिगत ब्याज दरों और आगामी फैसलों का गणित
बाजार का वास्तविक रुख केवल ब्याज दर संबंधी फैसले पर निर्भर नहीं करेगा, बल्कि मुख्य ध्यान फेडरल रिजर्व द्वारा निकट और मध्यम अवधि में मौद्रिक स्थितियों को सख्त बनाए रखने के स्पष्ट संकेतों पर केंद्रित रहेगा। आंकड़ों के अनुसार, ट्रेडर 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी के साथ ब्याज दरों के 3.75% से 4.00% के दायरे में पहुंचने की संभावना को 90% से अधिक आंक रहे हैं। इस व्यापक उम्मीद के चलते तात्कालिक नीतिगत निर्णय का आश्चर्य प्रभाव सीमित रहने का अनुमान है, जबकि नीति वक्तव्य और प्रेस कॉन्फ्रेंस की भाषा आगे की दिशा तय करेगी।
अमेरिका में मजबूत अगस्त रोजगार रिपोर्ट ने दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की संभावनाओं को हवा दी थी। इसके तुरंत बाद आए अगस्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को और गहरा कर दिया, जिससे बॉन्ड प्रतिफल में तेजी देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान की गुरुवार से शुरू होने वाली बैठक को लेकर भी निवेशकों में उत्सुकता है। बाजार को उम्मीद है कि जापानी केंद्रीय बैंक भी इस सप्ताह अपनी नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का निर्णय ले सकता है, जिससे पारंपरिक रूप से सबसे सस्ती फंडिंग मुद्रा माने जाने वाले येन की स्थिति में बड़ा बदलाव आ सकता है।
दैनिक चार्ट पर तकनीकी संकेत और प्रमुख स्तर
दैनिक चार्ट पर नजर डालें तो जोड़ी 155.02 के आसपास कारोबार कर रही है, जहां 156.41 पर स्थित 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे बने रहने के कारण अल्पावधि रुख कमजोर बना हुआ है। इस मूविंग एवरेज को दोबारा पार करने में विफलता दर्शाती है कि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव हावी है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 39 के स्तर के आसपास देखा जा रहा है, जो अत्यधिक बिकवाली की स्थिति के बजाय मंदी की गति के स्थिर होने का संकेत देता है।
वर्तमान लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, USD/JPY 156.85 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 156.13 से 0.46% की बढ़त दर्शाता है। लाइव तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय RSI 49 पर है, जबकि 20-दिवसीय EMA 156.47 पर स्थित है। ऊपर की ओर पहला बड़ा प्रतिरोध 156.41 का स्तर है। यदि गिरावट का दौर दोबारा शुरू होता है, तो कीमत मासिक निचले स्तर 152.89 की ओर फिसल सकती है, जहां 20-दिवसीय समर्थन 152.90 के करीब रेखांकित है।
कच्चा तेल, भू-राजनीति और कमोडिटी बाजार का हाल
विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य मोर्चों पर, बुधवार के एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार तीसरे दिन दबाव में रहा और अपने मासिक निचले स्तर के निकट 0.7100 के स्तर का बचाव करता दिखा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से उपजी महंगाई की चिंताओं और फेडरल रिजर्व की संभावित दर वृद्धि ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। इसके अलावा, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और विशेष रूप से अमेरिका और ईरान के बीच गहराते गतिरोध ने डॉलर को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में मजबूती दी है, जिससे जोखिम वाली मुद्राओं पर असर पड़ा है।
सोने के बाजार में भी सुस्ती का आलम रहा, जहां पीली धातु यूरोपीय कारोबार में 4,350 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे बनी रही और अपनी शुरुआती मामूली बढ़त को बरकरार रखने में नाकाम रही। अमेरिकी डॉलर के दो सप्ताह के उच्चतम स्तर को छूने के बाद थोड़ा ठहरने से सोने को कुछ समर्थन जरूर मिला, लेकिन फेडरल रिजर्व के बड़े नीतिगत जोखिम को देखते हुए ट्रेडर आक्रामक सौदे करने से बच रहे हैं और स्पष्ट संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
जापान की ऐतिहासिक मौद्रिक रणनीति में बदलाव
जापान की दशकों पुरानी बेहद कम ब्याज दरों की नीति ने दुनिया भर में खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की है, जिसने जापानी येन को वैश्विक स्तर पर सबसे सस्ता फंडिंग स्रोत बना दिया था। दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं द्वारा ब्याज दरों में तेज बढ़ोतरी के दौर में भी जापान लंबे समय तक अपवाद बना रहा। अब बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति को और सख्त करने की तैयारी से दशकों पुराना यह समीकरण एक नए दौर में प्रवेश करता दिख रहा है, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ने की संभावना है।



















