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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन 153.30 से 156.30 के दायरे में सीमित, ब्याज दरों के फैसलों पर टिकी निगाहेंबाज़ार
19 सित॰ 2026, 3:05 pm (15 मिनट पहले)· 0

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन 153.30 से 156.30 के दायरे में सीमित, ब्याज दरों के फैसलों पर टिकी निगाहें

अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की विनिमय दर 155.08 के आसपास पहुंच गई है। वैश्विक ब्याज दर फैसलों और नीतिगत बदलावों के बीच मुद्रा विशेषज्ञों का मानना है कि यह जोड़ी फिलहाल 153.30 से 156.30 के सीमित दायरे में कारोबार करेगी।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन का उतार-चढ़ाव एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। हालिया कारोबारी सत्रों में डॉलर के मुकाबले जापानी येन में हल्की रिकवरी दर्ज की गई है, जिससे यह जोड़ी लगभग 155.08 के स्तर तक आ पहुंची है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस विनिमय दर में मामूली बढ़त का रुझान बना हुआ है, जिससे इसके 155.50 के स्तर को पार करने की संभावना दिखाई दे रही है। हालांकि, तकनीकी दृष्टिकोण से 156.30 का स्तर एक मजबूत ऊपरी सीमा बना हुआ है, जिसे पार करना निकट भविष्य में डॉलर के लिए आसान नहीं होगा। आने वाले एक से तीन हफ्तों के दौरान यह जोड़ी 153.30 से 156.30 के एक तय दायरे में ही सीमित रहने की संभावना है, जहां 154.40 पर अहम समर्थन मौजूद है।

मुद्रा बाजार की तकनीकी स्थिति और आगामी दायरे का विश्लेषण

विदेशी मुद्रा बाजार में 24 घंटे के तकनीकी दृष्टिकोण पर नजर डालें तो दो दिन पहले अमेरिकी डॉलर ने 154.99 का उच्चतम स्तर छुआ था। इसके बाद के सत्र में जब हाजिर भाव 154.45 पर था, तब तेजी की रफ्तार भले ही बहुत तेज नहीं थी, लेकिन सकारात्मक रुझान स्पष्ट था। उस दौरान डॉलर के 155.00 के पार जाने की संभावना जताई गई थी, जबकि 155.50 का प्रतिरोध स्तर दूर नजर आ रहा था। बाजार की वास्तविक चाल भी इसी के अनुरूप रही, जहां डॉलर 155.23 के स्तर तक चढ़ने के बाद 0.47 प्रतिशत की दैनिक बढ़त के साथ 155.08 पर बंद हुआ। हालांकि ऊपर की ओर बढ़ने की रफ्तार अभी भी अपेक्षाकृत धीमी है, लेकिन कारोबारी हलकों में यह उम्मीद बनी हुई है कि डॉलर 155.50 के पार जा सकता है।

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दूसरी ओर, 156.30 का अगला तकनीकी प्रतिरोध स्तर फिलहाल नजरिए से काफी दूर जान पड़ता है। यदि नीचे की तरफ गिरावट आती है, तो 154.80 के मामूली समर्थन स्तर के बाद 154.40 का मुख्य स्तर टूटने पर यह साफ संकेत मिलेगा कि डॉलर अब एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव वाले चरण में प्रवेश कर चुका है। माध्यम अवधि यानी एक से तीन सप्ताह के नजरिए से देखें तो 15 सितंबर को 154.45 के स्तर पर नकारात्मक दृष्टिकोण को बदलकर थोड़ा सकारात्मक किया गया था। तब यह रेखांकित किया गया था कि गिरावट का दबाव खत्म हो चुका है और ऊपर की ओर बढ़ने का एक शुरुआती प्रयास दिखाई दे रहा है। प्रचलित गति को देखते हुए डॉलर में मामूली बढ़त संभव है, लेकिन यह पूरी तरह से 153.30 से 156.30 के दायरे के भीतर ही सीमित रहेगी।

फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान की नीतियों का दबाव

मुद्रा विनिमय दरों में इस हलचल के पीछे केंद्रीय बैंकों की नीतियां सबसे बड़ा कारक बनकर उभरी हैं। बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान डॉलर की व्यापक मजबूती के दम पर अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी 155.00 के पार एक हफ्ते के नए उच्च स्तर पर पहुंच गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पैदा हुई महंगाई की चिंताएं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में अपेक्षित बढ़ोतरी की संभावना अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल को कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर बनाए हुए हैं। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी अमेरिकी डॉलर की सुरक्षित वैश्विक आरक्षित मुद्रा की साख को मजबूती दी है। इसके बावजूद, यह मुद्रा जोड़ी 155.00 के मध्य स्तर से नीचे बनी हुई है क्योंकि निवेशक फेडरल रिजर्व के आगामी फैसले और गुरुवार से शुरू होने वाली बैंक ऑफ जापान की महत्वपूर्ण बैठक से पहले बड़े दांव लगाने से हिचक रहे हैं।

फेडरल रिजर्व के आगामी नीतिगत फैसले से पहले आए आर्थिक आंकड़ों में अगस्त के अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने वित्तीय बाजारों में काफी प्रभाव डाला था। उन मजबूत आंकड़ों ने दर बाजारों में फेड द्वारा सख्त रुख अपनाने की उम्मीदों को हवा दी थी। हालांकि, उसके बाद सामने आए अमेरिकी अगस्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के आंकड़े नीति निर्माताओं और निवेशकों के लिए कहीं अधिक महत्वपूर्ण साबित हुए हैं। बाजार प्रतिभागी अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि महंगाई पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय बैंक कितना आक्रामक रुख अपना सकता है।

वैश्विक निवेश का आधार रहा येन और संभावित नीतिगत बदलाव

जापान की दशकों पुरानी बेहद कम ब्याज दर प्रणाली ने पिछले दस वर्षों से अधिक समय से दुनिया भर में खरबों डॉलर के वैश्विक निवेशों को वित्तीय पोषण देने में मदद की है। शून्य या नकारात्मक दरों के इस दौर ने जापानी येन को दुनिया भर में पूंजी जुटाने का सबसे सस्ता स्रोत बना दिया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे कम लागत वाले फंडिंग माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा, जिससे वैश्विक परिसंपत्तियों में भारी निवेश संभव हुआ।

हालांकि, अब यह ऐतिहासिक स्थिति बदलने की कगार पर दिख रही है। बैंक ऑफ जापान द्वारा इस सप्ताह अपनी मौद्रिक नीति को फिर से सख्त करने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में दशकों से मिलने वाला सस्ता फंडिंग लाभ एक नए और अनिश्चित चरण में प्रवेश कर सकता है। पिछले कुछ वर्षों में जहां दुनिया की लगभग सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की, वहीं जापान इस दौड़ में अकेला वैश्विक अपवाद बना हुआ था। यदि बैंक ऑफ जापान अपनी नीतिगत दिशा बदलता है, तो वैश्विक पूंजी प्रवाह और विभिन्न मुद्राओं के संतुलन पर इसका दूरगामी असर देखने को मिल सकता है।

अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का प्रदर्शन

डॉलर की मजबूती का असर केवल जापानी येन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अन्य प्रमुख मुद्राओं और जिंस बाजार में भी इसका दबाव साफ देखा जा रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर में लगातार तीसरे दिन नकारात्मक दबाव देखा गया है। बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में यह जोड़ी अपने एक महीने के निचले स्तर के करीब कारोबार करते हुए 0.7100 के स्तर का बचाव करती नजर आई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर टिके रहने और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से जोखिम भरी मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर लगातार दबाव बना हुआ है, जबकि अमेरिकी डॉलर को सेफ हेवन संपत्तियों की मांग का पूरा फायदा मिल रहा है।

कीमती धातुओं के बाजार में सोने के भाव में यूरोपीय सत्र के पहले पहर तक मामूली इंट्राडे बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, नई लिवाली के अभाव में सोना 4,350 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे ही बना रहा। दो हफ्ते के उच्चतम स्तर से डॉलर में आए हल्के मुनाफे की वसूली ने सोने को कुछ निचला सहारा जरूर दिया, लेकिन केंद्रीय बैंक के बड़े आयोजनों और ब्याज दरों के फैसलों से पहले कारोबारी कोई भी आक्रामक दिशात्मक दांव लगाने से बच रहे हैं और किनारे बैठकर स्पष्ट संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

अमेरिकी डॉलर और जापानी येन के लिए तकनीकी दायरा क्या आंका गया है?
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार यह मुद्रा जोड़ी आने वाले एक से तीन हफ्तों के दौरान 153.30 से 156.30 के दायरे में सीमित रहने की उम्मीद है, जिसमें 154.40 पर समर्थन स्तर है।
हालिया कारोबारी सत्र में डॉलर का विनिमय स्तर क्या दर्ज किया गया?
डॉलर 155.23 के स्तर तक चढ़ने के बाद 0.47 प्रतिशत की दैनिक बढ़त के साथ लगभग 155.08 पर बंद हुआ।
बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति में क्या बदलाव अपेक्षित है?
बैंक ऑफ जापान द्वारा इस सप्ताह अपनी नीति को और सख्त करने की उम्मीद है, जिससे एक दशक से अधिक समय से चले आ रहे सस्ते कर्ज का दौर नए चरण में प्रवेश कर सकता है।
सोने के बाजार पर इस मुद्रा स्थिति का क्या असर देखा गया?
सोना यूरोपीय सत्र में हल्की बढ़त के बावजूद 4,350 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे ही बना रहा और निवेशक केंद्रीय बैंकों के फैसलों का इंतजार कर रहे हैं।
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