वैश्विक कूटनीति और ऊर्जा बाजारों में एक साथ कई बड़े घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय बातचीत पूरी करने के बाद संकेत दिया है कि युद्ध को समाप्त करने के लिए एक व्यावहारिक समाधान तलाशा जा रहा है। बातचीत के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी इस संघर्ष को खत्म करने के उद्देश्य से बैठक करने के इच्छुक हैं। इसके साथ ही दोनों पक्ष आने वाले समय में पैट्रियट मिसाइल प्रणालियों को लेकर भी विस्तृत विचार-विमर्श करने वाले हैं।
ईरान के साथ बातचीत और मध्य पूर्व की स्थिति
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को लेकर भी कूटनीतिक हलचल तेज हुई है। अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ लगभग तीन घंटे तक गहन विचार-विमर्श किया। डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार यह बैठक काफी सकारात्मक और सार्थक रही। दोनों पक्षों के बीच संवाद की इस प्रक्रिया को जारी रखने के लिए बहुत जल्द एक और दौर की बैठक भी निर्धारित की गई है, जिससे तनाव कम करने के कूटनीतिक प्रयासों को बल मिलने की संभावना जताई जा रही है।
रूस में रिफाइनरी क्षमता को झटका और डीजल निर्यात पर रोक की तैयारी
ऊर्जा क्षेत्र के मोर्चे पर रूस के भीतर तेल शोधन क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है। रिफाइनरी ढांचे को पहुंची इस क्षति ने रूसी पक्ष को सीधा नुकसान पहुंचाया है और वैश्विक स्तर पर डीजल की कीमतों पर भी गंभीर दबाव बनाया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईंधन की उपलब्धता को संतुलित करने के लिए डीजल निर्यात पर संभावित प्रतिबंध लगाने की बात कही है। इस प्रस्ताव पर अमेरिकी ट्रेजरी सचिव बेसेंट ने स्पष्ट किया कि प्रशासन इस योजना की समीक्षा कर रहा है और विभिन्न पहलुओं का आकलन किया जा रहा है।
मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर की स्थिति
मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर ने अधिकांश प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अपनी बढ़त बनाए रखी है। आंकड़ों के अनुसार अमेरिकी डॉलर कनाडाई डॉलर के मुकाबले सबसे मजबूत स्थिति में दर्ज किया गया। प्रमुख मुद्राओं के आपसी उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाले करेंसी हीट मैप में विभिन्न जोड़ियों के बीच परस्पर बदलाव देखे गए हैं।
एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) 0.7100 से ऊपर पहुंच गया, जिसे आरबीए की सहायक गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलॉक की सख्त मौद्रिक टिप्पणियों से समर्थन मिला। हालांकि, फेडरल रिजर्व का सख्त रुख और मध्य पूर्व में तनाव अमेरिकी डॉलर को मजबूती दे रहे हैं, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की बढ़त सीमित हो सकती है। इसके अलावा बाजार की नजर वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाले महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन पर टिकी है।
उधर जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) 157.50 के आसपास मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की आशंका ने येन की गिरावट को कुछ हद तक थाम रखा है। बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है, जो पिछले 31 वर्षों का उच्चतम स्तर है और मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। इसके बावजूद बैंक ऑफ जापान के रुख के चलते येन को सीमित सहारा मिला है।
सोने की कीमतों में गिरावट और ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। प्रति ट्रॉय औंस सोना फिसलकर लगभग 4,300 डॉलर के स्तर पर आ गया। अमेरिकी डॉलर में खरीदारी लौटने, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मिले-जुले रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच पीली धातु पर बिकवाली का दबाव देखा गया।
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सप्ताह का सबसे अहम घटनाक्रम गुरुवार को वाशिंगटन में होने वाला ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन है। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के राष्ट्रप्रमुखों के बीच होने वाली यह बैठक यह तय करेगी कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक शांति आगे बढ़ेगी या फिर वैश्विक बाजार अनिश्चितता के एक नए दौर में प्रवेश करेंगे।

















