वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार और एशियाई व्यापारिक सत्र में कई अहम आर्थिक घटनाक्रम देखने को मिल रहे हैं। दक्षिण कोरिया की मुद्रा वॉन में उल्लेखनीय मजबूती दर्ज की गई है, जिसे मजबूत घरेलू व्यापार आंकड़ों और वैश्विक प्रौद्योगिकी शेयरों में आई तेजी से सीधा सहारा मिला। सितंबर महीने के पहले बीस दिनों में दक्षिण कोरिया के कुल निर्यात में सालाना आधार पर 78.3 प्रतिशत का जबर्दस्त उछाल दर्ज किया गया है। इस व्यापारिक विस्तार की सबसे बड़ी ताकत देश का चिप निर्माण क्षेत्र रहा, जहां सेमीकंडक्टर शिपमेंट में 259 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है। इस मजबूत निर्यात प्रदर्शन के चलते देश का व्यापार अधिशेष बढ़कर 23 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।
मुद्रा बाजार में वॉन की रिकवरी को अन्य वैश्विक कारकों से भी बल मिला है। रात भर के कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखी गई, जिसका सीधा लाभ तेल आयातक अर्थव्यवस्थाओं को मिला। इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में वृद्धि की रफ्तार धीमी रहने से एशियाई मुद्राओं पर बना दबाव कुछ कम हुआ है। हालांकि, दक्षिण कोरियाई बेंचमार्क शेयर सूचकांक कोस्पी में बढ़त दर्ज होने के बावजूद विदेशी पूंजी का प्रवाह पूरी तरह से स्थिर नहीं हो सका है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान सोमवार को विदेशी निवेशक दक्षिण कोरियाई इक्विटी बाजार में फिर से शुद्ध विक्रेता बन गए। विश्लेषकों का मानना है कि दक्षिण कोरियाई वॉन को दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान करने के लिए विदेशी निवेशकों की निरंतर खरीदारी बेहद अहम होगी। तकनीकी चार्ट पर भी यूएसडी/केआरडब्ल्यू जोड़ी को 1388 के स्तर के पास रुकावट का सामना करना पड़ा है, जहां एक मंदी की स्थिति दर्शाने वाला एनगल्फिंग पैटर्न बना है जो गिरावट का संकेत देता है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और येन की चाल
अन्य प्रमुख एशियाई और प्रशांत मुद्राओं की बात करें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7100 के स्तर से ऊपर कारोबार करता दिखा। मंगलवार को एशियाई सत्र में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सहायक गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलॉक की ओर से आए सख्त मौद्रिक नीति बयानों के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला। इसके विपरीत, फेडरल रिजर्व का आक्रामक मौद्रिक रुख और मध्य पूर्व में गहराता भू-राजनीतिक तनाव अमेरिकी डॉलर की मजबूती को बरकरार रखे हुए हैं, जिससे एयूडी/यूएसडी में तेज बढ़त की गुंजाइश सीमित हो रही है।
जापानी मुद्रा येन के मोर्चे पर यूएसडी/जेपीवाई 157.50 के स्तर के करीब मामूली बढ़त के साथ ट्रेड करता नजर आया। जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन में बड़ी गिरावट को रोके रखा है। बैंक ऑफ जापान ने अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है। केंद्रीय बैंक की बोर्ड बैठक में यह फैसला 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो पिछले 31 वर्षों का उच्चतम स्तर है। बाजार विश्लेषक हफ्तों से इसी फैसले की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन दर वृद्धि के साथ आए नरम रुख के कारण येन के खरीदारों को बहुत अधिक आक्रामक होने का मौका नहीं मिला।
सोने में गिरावट और ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन पर वैश्विक ध्यान
कीमती धातुओं के बाजार में सोने की कीमतों में लगातार दूसरे सत्र में कमजोरी देखने को मिली है। मंगलवार को पीली धातु फिसलकर 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर की ओर आ गई। सोने पर यह दबाव अमेरिकी डॉलर में लौटी नई खरीदारी, अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल के मिले-जुले रुख और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के माहौल के बीच बना है। निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर को तरजीह दे रहे हैं, जिससे सोने की मांग पर असर पड़ा है।
इस पूरे सप्ताह वित्तीय बाजारों की निगाहें वाशिंगटन में होने वाले एक बेहद महत्वपूर्ण कूटनीतिक आयोजन पर टिकी हुई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को वाशिंगटन में एक द्विपक्षीय शिखर बैठक करने जा रहे हैं। दुनिया की दो सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्तियों के शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली यह बातचीत यह तय करेगी कि दोनों देशों के बीच जारी व्यापारिक युद्धविराम आगे बढ़ेगा या फिर वैश्विक अर्थव्यवस्था एक नए अनिश्चितता भरे दौर में प्रवेश करेगी। इसी कारण दुनिया भर के मुद्रा, कमोडिटी और शेयर बाजारों के कारोबारी इस बैठक के नतीजों को लेकर काफी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

















