अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में चीनी युआन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की चाल सीमित दायरे में सिमटती नजर आ रही है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के रणनीतिकार क्वेक सेर लियांग और ली सू एन के ताजा तकनीकी और ढांचागत विश्लेषण के अनुसार, आने वाले कारोबारी सत्रों के दौरान USD/CNH विनिमय दर में क्रमिक नरमी देखने को मिल सकती है। इस मुद्रा जोड़ी की चाल दैनिक आधार पर बेहद संकरे दायरे में कैद रहने के आसार हैं, जहां डॉलर पर मंदी का दबाव धीरे-धीरे गहराता दिख रहा है। हालांकि, तकनीकी आधार पर 6.6890 के नीचे किसी निर्णायक गिरावट की संभावना फिलहाल कम नजर आती है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एक से तीन सप्ताह के व्यापक दायरे में नकारात्मक गति जोर पकड़ सकती है, जिससे विनिमय दर 6.6820 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर तक फिसलने का जोखिम बना हुआ है। वहीं, अगर मध्यम अवधि यानी एक से तीन महीने के दृष्टिकोण से देखा जाए, तो जब तक यह जोड़ी 6.7815 के क्लाउड स्तर से नीचे कारोबार कर रही है, तब तक इसमें क्रमिक गिरावट का यह रुख बरकरार रहने की उम्मीद है।
दैनिक और साप्ताहिक तकनीकी विश्लेषण के प्रमुख आंकड़े
दैनिक कारोबार की समीक्षा से पता चलता है कि अमेरिकी डॉलर ने बीते शुक्रवार से शुरू हुई अपनी गिरावट को आगे बढ़ाते हुए 6.6912 का निचला स्तर छुआ था। विश्लेषकों का आकलन है कि डॉलर में नीचे की ओर गति जरूर बढ़ी है, लेकिन यह बदलाव बेहद सीमित है। दैनिक स्तर पर USD/CNH के 6.6890 से 6.6960 के दायरे में ही कारोबार करने की संभावना जताई गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि बाजार में इस स्तर से तुरंत नीचे टूटने का स्पष्ट रुझान नहीं दिख रहा है।
एक से तीन सप्ताह के परिप्रेक्ष्य में तकनीकी ढांचा और अधिक स्पष्ट होता है। इससे पहले शुक्रवार 18 सितंबर को जब हाजिर भाव 6.7035 पर था, तब यह संकेत दिया गया था कि यदि डॉलर 6.7000 के नीचे टूटकर टिकता है, तो यह 6.6920 के स्तर की ओर फिसल सकता है। उस समय तक इस गिरावट की संभावना तब तक मजबूत मानी जा रही थी जब तक कि डॉलर 6.7170 के मजबूत प्रतिरोध स्तर से नीचे बना रहे। इसके बाद डॉलर 6.7000 के स्तर से नीचे टूटा और आगे फिसलते हुए 6.6912 के स्तर तक पहुंच गया। अब तकनीकी तौर पर मजबूत प्रतिरोध का यह स्तर खिसक कर 6.7020 पर आ गया है, जबकि नीचे की ओर 6.6820 का अगला लक्ष्य खुला हुआ है।
एशियाई सत्र में अन्य प्रमुख मुद्राओं और संपत्तियों का हाल
मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख मोर्चों पर भी मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान खासी हलचल देखी गई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (AUD/USD) 0.7100 के आंकड़े के ऊपर खरीदारी आकर्षित करने में कामयाब रही। इस तेजी को रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सहायक गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलॉक के कड़े रुख वाले बयानों से समर्थन मिला। हालांकि, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और फेडरल रिजर्व के आक्रामक नजरिए के कारण अमेरिकी डॉलर का आधार मजबूत बना हुआ है, जिससे इस जोड़ी की बढ़त सीमित रह सकती है।
उधर डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) की जोड़ी मंगलवार के एशियाई सत्र में 157.50 के आसपास मामूली बढ़त के साथ कारोबार करती दिखी। बाजार में सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाओं ने जापानी येन के नुकसान को थामने में मदद की है। बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह निर्णय 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो पिछले कई हफ्तों से बाजार की आम उम्मीदों के पूरी तरह अनुकूल था। हालांकि, बैंक ऑफ जापान के इस कदम को नरम माना गया, जिससे येन पर दबाव बना रहा। इसके अलावा फेडरल रिजर्व का रुख और पश्चिम एशिया का तनाव इस जोड़ी को गति दे रहे हैं।
सोने में मजबूती और वाशिंगटन शिखर सम्मेलन पर नजरें
कीमती धातुओं के बाजार में सोने ने अपनी चाल में संतुलन वापस पा लिया है और यह मंगलवार को ठोस बढ़त के साथ प्रति ट्रॉय औंस 4,400 डॉलर के अहम स्तर के करीब पहुंच गया। पीली धातु में यह तेजी अमेरिकी डॉलर में खरीदारी लौटने, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मिले-जुले रुझान और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के माहौल के बावजूद दर्ज की गई है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों के लिए इस सप्ताह का सबसे बड़ा घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों से आने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को वाशिंगटन में एक बेहद अहम शिखर सम्मेलन के लिए मिलने वाले हैं। दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियों के बीच होने वाली इस बैठक पर पूरे वैश्विक बाजार की नजरें टिकी हुई हैं। यह उच्चस्तरीय मुलाकात ही तय करेगी कि दोनों बड़े देश अपने कारोबारी व कूटनीतिक संघर्ष विराम को आगे बढ़ाते हैं या फिर दोनों अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता के एक नए दौर में प्रवेश करेंगी।


















