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अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में 5% का उछाल आते ही डाउ जोंस लुढ़का, कच्चे तेल में तेजी और फेड के फैसले से घबराया बाजारबाज़ार
19 सित॰ 2026, 4:50 pm (14 मिनट पहले)· 0

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में 5% का उछाल आते ही डाउ जोंस लुढ़का, कच्चे तेल में तेजी और फेड के फैसले से घबराया बाजार

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के 5% के पार जाने और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल से डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 200 अंक फिसलकर 52,400 के नीचे आ गया है।

DOW JONESSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण19 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

Dow Jones अभी $51,683 पर है, जबकि EMA20 $52,563, EMA50 $52,576 और EMA200 $50,275 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA50 ($52,576) के ऊपर बंद होने पर तेजी, EMA200 ($50,275) टूटने पर गिरावट खुलती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

Dow Jones का RSI 38 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

स्टोकैस्टिकStochastic Oscillator (14,3)

यह क्या है

Stochastic बंद भाव की तुलना उसके हालिया दायरे से करता है। 80 के ऊपर ओवरबॉट, 20 के नीचे ओवरसोल्ड; इन छोरों के पास तेज़ रेखा और सिग्नल रेखा का क्रॉसओवर पलटाव का शुरुआती संकेत है।

अभी यह कहाँ है

Dow Jones की फास्ट लाइन / सिग्नल लाइन 19/17 पर है।

आगे संभावित चाल

फास्ट लाइन का सिग्नल लाइन के ऊपर वापस क्रॉस होना शुरुआती खरीद संकेत है।

अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज पर बॉन्ड बाजार के बढ़ते दबाव का गहरा असर देखने को मिल रहा है। सूचकांक लगभग 200 अंक टूटकर 52,400 के स्तर से ठीक नीचे कारोबार कर रहा है। वित्तीय बाजारों में आमतौर पर टेक शेयरों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई सेक्टर की गिरावट को प्रमुख वजह माना जाता है, जिसका असर नैस्डैक कंपोजिट पर दिखा जहां करीब 1% की सुस्ती रही। इसके विपरीत डाउ जोंस की मौजूदा कमजोरी की मुख्य वजह बिल्कुल साफ और सीधी है। अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड वर्ष 2023 के बाद के अपने उच्चतम शिखर पर पहुंच चुकी है। जब सरकारी प्रतिभूतियों पर जोखिम रहित 5% का ब्याज मिलने लगे, तो निवेशकों के लिए शेयर बाजार में पूंजी लगाना कम आकर्षक लगने लगता है।

10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5% के पार, कर्ज का गणित बदला

अमेरिका के 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला यील्ड 5% के निशान से ठीक ऊपर निकल चुका है। इस यील्ड का प्रभाव अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ता है, क्योंकि उपभोक्ताओं और कंपनियों द्वारा लिए जाने वाले ज्यादातर कर्ज इसी दर से तय होते हैं। वर्तमान में औसत 30-वर्षीय होम लोन की ब्याज दर 6.76% पर पहुंच चुकी है, जो साल की शुरुआत में 6.15% थी। इसके साथ ही कार लोन, क्रेडिट कार्ड उधारी और कॉरपोरेट कर्ज की लागत भी स्वतः बढ़ जाती है। शेयरों में निवेश के बुनियादी समीकरण में भी इससे बड़ा उलटफेर हुआ है। डाउ जोंस को ट्रैक करने वाला प्रमुख फंड सालाना करीब 1.4% का डिविडेंड देता है, जबकि अमेरिकी सरकार अब निवेशकों के पैसे को एक दशक के लिए सुरक्षित रखने के बदले पूरे 5% का रिटर्न दे रही है।

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हाउसिंग और रिटेल कंपनियों पर सीधा प्रहार

बढ़ती ब्याज दरों और महंगी उधारी का सबसे तेज झटका डाउ जोंस की निर्माण और हाउसिंग से जुड़ी कंपनियों को लगा है। होम डिपो (HD) और शेरविन-विलियम्स (SHW) जैसी कंपनियां उस बाजार में लकड़ी, हार्डवेयर और पेंट बेचती हैं जहां 6.76% की होम लोन दर के कारण मकानों की खरीद-फरोख्त और शिफ्टिंग की रफ्तार काफी घट जाती है। फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बैठक से महज दो दिन पहले ही बॉन्ड मार्केट ने हाउसिंग सेक्टर की मांग को ठंडा करने का काम कर दिया है। 10-वर्षीय यील्ड इससे पहले अक्टूबर 2023 में 5% पर पहुंचा था, हालांकि तब यह स्तर सिर्फ एक ही दिन टिक सका था।

एआई कंपनियों की चेतावनी और चिप निर्माताओं में बिकवाली

तकनीकी जगत में फैली अनिश्चितता भी बाजार पर असर डाल रही है। एंथ्रोपिक के प्रमुख ने एक विस्तृत लेख लिखकर यह राय जताई कि कंपनियों को अपने सबसे सक्षम एआई मॉडल्स को तेज गति से विकसित करने के बजाय थोड़ा संभलकर आगे बढ़ना चाहिए। ओपनएआई के प्रमुख और एलन मस्क ने भी इस दृष्टिकोण पर सहमति व्यक्त की। इसके तुरंत बाद ओपनएआई ने इस वर्ष शेयर बाजार में अपनी लिस्टिंग की संभावना को खारिज कर दिया। वित्तीय बाजारों ने इस पूरे घटनाक्रम को इस संकेत के रूप में लिया कि आने वाले दिनों में डेटा सेंटर्स और चिप्स की खरीद में कमी आ सकती है, जबकि पिछले तीन सालों से टेक शेयरों की रिकॉर्ड तेजी इसी मांग पर टिकी थी।

डाउ जोंस में शामिल एकमात्र चिप विनिर्माता एनवीडिया (NVDA) करीब 3% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। वहीं सूचकांक से बाहर रहने वाली अन्य प्रमुख चिप कंपनियों ब्रॉडकॉम (AVGO), एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD), इंटेल (INTC) और मार्वेल टेक्नोलॉजी (MRVL) में 4% से 7% के बीच भारी गिरावट दर्ज की गई। डाउ जोंस की दो अन्य दिग्गज टेक कंपनियां माइक्रोसॉफ्ट (MSFT) और अमेज़न (AMZN) चिप बेचने के बजाय उनकी खरीदार हैं, जिस वजह से वे इस गिरावट के बीच खुद को बेहतर तरीके से संभाल सकीं। उद्योग जगत के तीन सबसे बड़े प्रतिस्पर्धियों के एक ही दिन में एक राय होने से चिप शेयरों में घबराहट फैल गई।

कच्चे तेल में भारी उछाल और होर्मुज बाईपास का बंद होना

सऊदी अरब ने ड्रोन हमलों के बाद शुक्रवार को अपनी महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का परिचालन बंद कर दिया। इस घटना के बाद वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल करीब 3% चढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर के पार निकल गया। यह पाइपलाइन लाल सागर तक प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल कच्चा तेल पहुंचाती है। मार्च के महीने में होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद हो जाने के बाद से यह मार्ग सऊदी अरब का मुख्य निर्यात विकल्प बना हुआ था। सऊदी अरब ने इसका निर्माण ही इसलिए किया था ताकि उसे जलडमरूमध्य पर निर्भर न रहना पड़े, लेकिन अब दोनों ही मार्ग अवरुद्ध नजर आ रहे हैं।

डाउ जोंस की कंपनियों के लिए महंगे कच्चे तेल का मतलब लागत में सीधी बढ़ोतरी है। शेवरॉन (CVX) इस सूचकांक की एकमात्र ऐसी कंपनी है जिसकी आय क्रूड महंगा होने पर बढ़ती है। इसके विपरीत वॉलमार्ट (WMT) और मैकडॉनल्ड्स (MCD) का कारोबार ऐसे ग्राहकों पर निर्भर करता है जो पेट्रोल पंप पर पहले ही ज्यादा पैसा खर्च कर चुके होते हैं, जबकि कैटरपिलर (CAT) ऐसी भारी मशीनों का निर्माण करती है जो डीजल से चलती हैं। बॉन्ड मार्केट के बेचैन होने के पीछे भी ऊर्जा की यही लागत है। अमेरिका की 3.4% की हेडलाइन महंगाई दर और 2.4% की कोर महंगाई दर के बीच का जो फासला है, उसमें सबसे बड़ी भूमिका ईंधन की है, और बॉन्ड मार्केट हेडलाइन महंगाई दर को आधार बनाकर ही अपने सौदे तय करता है।

फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक और दरों का भविष्य

फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों पर आधिकारिक फैसला बुधवार को 18:00 GMT पर सामने आना है। वायदा बाजार में करीब 90% संभावना इस बात की आंकी जा रही है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी करेगा। इस कदम से नीतिगत दर 3.50-3.75% के मौजूदा दायरे से बढ़कर 3.75-4.00% पर पहुंच जाएगी, जो कि वर्ष 2023 के बाद की पहली दर वृद्धि होगी। दर वृद्धि का सीधा अर्थ यह होता है कि फेड बैंकों से ओवरनाइट उधारी के लिए अधिक ब्याज लेगा, जिसके बाद समूची अर्थव्यवस्था में कर्ज महंगे होते चले जाते हैं। बाजार पहले ही 90% संभावना को पचा चुका है, इसलिए फैसला अपने आप में कोई बड़ा झटका नहीं होगा। वास्तविक जोखिम फेड द्वारा उसी समय जारी किए जाने वाले आर्थिक अनुमानों और डॉट प्लॉट में छिपा है।

फेड के जून के अनुमानों में इस वर्ष के अंत तक ब्याज दर 3.8%, अगले वर्ष 3.6% और वर्ष 2028 तक 3.4% रहने का संकेत दिया गया था, जिसका मतलब था कि अभी एक बढ़ोतरी के बाद आगे चलकर दरों में कटौती की जाएगी। इसके उलट बॉन्ड बाजार ने इस अनुमान के आधार पर कीमतें तय की हैं कि अभी दरें बढ़ने के बाद आगे भी बढ़ोतरी जारी रहेगी। अर्थशास्त्रियों के हालिया पोल में मार्च तक कम से कम एक और बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। बुधवार को आने वाले अनुमान यह साफ करेंगे कि क्या फेड 2027 तक के अपने नजरिए में बदलाव करता है। 18:30 GMT पर होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में फेडरल रिजर्व और बॉन्ड मार्केट के इस मतभेद का रुख साफ होगा।

इसके अलावा आर्थिक आंकड़ों के मोर्चे पर भी कई अहम पड़ाव सामने हैं। बुधवार को 12:30 GMT पर अगस्त के खुदरा बिक्री आंकड़े जारी होंगे, जिसमें 0.6% की गिरावट के बाद 0.9% की वृद्धि का अनुमान है। खुदरा बिक्री की गणना डॉलर में होती है, इसलिए किसी भी उछाल का अर्थ यह हो सकता है कि उपभोक्ता ने वास्तव में खरीदारी बढ़ाई है या फिर उसने महंगे पेट्रोल के लिए अधिक डॉलर खर्च किए हैं। कंट्रोल ग्रुप, जिसमें से ईंधन, ऑटोमोबाइल और निर्माण सामग्री को हटा दिया जाता है, पिछली बार 0.4% की गिरावट पर था। यह आंकड़ा फेड के मतदान से साढ़े पांच घंटे पहले स्थिति साफ करेगा। गुरुवार को 12:30 GMT पर हाउसिंग स्टार्ट्स और बिल्डिंग परमिट के आंकड़े आएंगे, जो यह बताएंगे कि 6.76% की होम लोन दर का होम डिपो के ग्राहकों पर क्या असर पड़ा है। वहीं शुक्रवार को 07:30 GMT पर फेड के एक गवर्नर का भाषण भी निर्धारित है।

डाउ जोंस के तकनीकी स्तर और लाइव मार्केट स्थिति

तकनीकी चार्ट पर प्रतिरोध और समर्थन के स्तर काफी अहम हो गए हैं। ऊपर की तरफ सत्र का शुरुआती उच्च स्तर 52,500 पहली बाधा बना हुआ है। इसके बाद 52,750 के पास स्थित 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) सबसे महत्वपूर्ण प्रतिरोध है, क्योंकि पिछले तीन सत्रों में सूचकांक इसके ऊपर टिकने में विफल रहा है और शुक्रवार की तेजी भी ठीक इसी के पास रुक गई थी। इसके पार जाने पर 53,000 का स्तर अगला लक्ष्य होगा। नीचे की तरफ 52,250 का निचला स्तर पहला सहारा है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण समर्थन गुरुवार का निचला स्तर 52,000 के ठीक नीचे है। अगर यह स्तर टूटता है, तो सूचकांक के लिए अगला सीधा आधार जुलाई के अंत का निचला स्तर 51,500 ही रह जाता है।

जब तक 52,750 का 50-दिवसीय ईएमए पार नहीं होता, तब तक बाजार का रुख मंदड़ियों के पक्ष में बना रहेगा। दैनिक स्टोकेस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (Stoch RSI) 39 के आसपास है और नीचे की तरफ इशारा कर रहा है, जिससे गिरावट जारी रहने की गुंजाइश दिखती है। हालांकि, 53,000 के ऊपर दैनिक क्लोजिंग इस मंदी के परिदृश्य को खारिज कर देगी। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, डाउ जोंस (^DJI) पिछले बंद 51,778 से 0.18% फिसलकर 51,683 डॉलर पर बंद हुआ। सूचकांक का 52-सप्ताह का दायरा 45,057 से 54,744 डॉलर के बीच है और कारोबार का वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत से 1.89 गुना रहा। लाइव संकेतकों में आरएसआई(14) 38 पर और एमएसीडी -358.88 पर है, जो मंदी के संकेत दे रहा है। 20-दिवसीय ईएमए 52,563 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 52,576 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 50,275 डॉलर पर है, जहां 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर होना लंबी अवधि के अपट्रेंड को दर्शाता है। बॉलिंगर बैंड्स 51,418 से 54,204 डॉलर के दायरे में हैं, जबकि इंट्राडे स्तरों में पिवट 51,669 डॉलर, पहला रेजिस्टेंस 51,840 डॉलर और पहला सपोर्ट 51,511 डॉलर पर दर्ज किया गया है।

डाउ जोंस सूचकांक की संरचना और डाउ थ्योरी का महत्व

विश्व के सबसे पुराने शेयर सूचकांकों में शामिल डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज अमेरिका की 30 सबसे अधिक कारोबार वाली कंपनियों से मिलकर बना है। यह बाजार पूंजीकरण के बजाय मूल्य-भारित यानी प्राइस-वेटेड सूचकांक है। इसकी गणना घटक कंपनियों के शेयरों के भाव को जोड़कर एक विशेष भाजक (फैक्टर) से भाग देकर की जाती है, जो वर्तमान में 0.152 है। इस सूचकांक की नींव चार्ल्स डाउ ने रखी थी, जिन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल की भी स्थापना की थी। व्यापक सूचकांकों जैसे एसएंडपी 500 की तुलना में केवल 30 कंपनियों को शामिल करने के कारण इस सूचकांक को अक्सर आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ता है।

डाउ जोंस की चाल को कई आर्थिक पहलू तय करते हैं। कंपनियों की तिमाही वित्तीय रिपोर्टें और उनका मुनाफा इसका सबसे बड़ा प्रेरक तत्व होता है। इसके अलावा वैश्विक और अमेरिकी व्यापक आर्थिक आंकड़े निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित करते हैं। फेडरल रिजर्व द्वारा तय की जाने वाली ब्याज दरें कॉरपोरेट कर्ज की लागत को बदल देती हैं, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर सीधा असर पड़ता है। चार्ल्स डाउ द्वारा विकसित डाउ थ्योरी बाजार के प्राथमिक रुझान को पकड़ने की एक प्रमुख विधि है। इसके तहत डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज और डाउ जोंस ट्रांसपोर्टेशन एवरेज दोनों की दिशा की तुलना की जाती है, और पुख्ता ट्रेंड तभी माना जाता है जब दोनों एक ही दिशा में बढ़ें। इसमें तीन मुख्य चरण होते हैं: एक्युमुलेशन (स्मार्ट मनी की खरीदारी या बिकवाली), पब्लिक पार्टिसिपेशन (आम निवेशकों की भागीदारी), और डिस्ट्रीब्यूशन (स्मार्ट मनी का बाजार से बाहर निकलना)। आम निवेशक डाउ जोंस में सीधे ट्रेडिंग के लिए एसपीडीआर डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज ईटीएफ (DIA), फ्यूचर्स और ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स अथवा म्यूचुअल फंड्स का सहारा लेते हैं।

अन्य बाजारों का रुख: डॉलर, सोना, कच्चा तेल और क्रिप्टोकरेंसी

वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी इस उथल-पुथल की गूंज सुनाई दे रही है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोरी दिखाते हुए एशियाई सत्र में 0.7140 के पास डेढ़ हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचा और 0.7100 के मध्य क्षेत्र में 0.25% की गिरावट पर कारोबार करता दिखा। जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर मजबूती के साथ 154.00 के करीब पहुंचा, जो पिछले सप्ताह के सात महीने के निचले स्तर से उबरने का संकेत है।

दूसरी ओर सोने की कीमतों में गिरावट और तेज हो गई है। अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में आई तेजी के कारण सोना 4,250 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के पास पहुंच गया, जो कई हफ्तों का निचला स्तर है। ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी और कच्चे तेल की रैली से फिर से भड़कती महंगाई ने सराफा बाजार पर दबाव बनाया है। इसके उलट क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सुधार देखा गया। बिटकॉइन 77,884 डॉलर के करीब कारोबार करता नजर आया, जबकि एथेरियम 2,521 डॉलर और रिपल 1.38 डॉलर के अहम सपोर्ट स्तरों को बचाने में कामयाब रहे। अमेरिका में पीपीआई और सीपीआई रिपोर्ट के बाद फेड द्वारा दरों में वृद्धि के दांव बढ़ गए हैं, जहां डोनाल्ड ट्रंप के ब्याज दरें घटाने के दबाव के बीच आने वाले डॉट प्लॉट और नीतिगत फैसलों पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।

सवाल-जवाब

डाउ जोंस में गिरावट की मुख्य वजह क्या है?
10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का 5% के पार निकलना और कच्चे तेल का 103 डॉलर से ऊपर पहुंचना डाउ जोंस में गिरावट की मुख्य वजह है।
सऊदी अरब की पाइपलाइन बंद होने से क्या असर हुआ?
ड्रोन हमलों के कारण प्रतिदिन 70 लाख बैरल क्षमता वाली ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद होने से क्रूड ऑयल 103 डॉलर और ब्रेंट 108 डॉलर के पार पहुंच गया।
फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक में क्या फैसला आने की संभावना है?
वायदा बाजार 90% संभावना जता रहा है कि फेड ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी कर इसे 3.75-4.00% के दायरे में ला सकता है।
डाउ जोंस के लिए तात्कालिक समर्थन और प्रतिरोध स्तर क्या हैं?
सूचकांक के लिए तात्कालिक प्रतिरोध 52,500 और 52,750 पर है, जबकि अहम समर्थन स्तर 52,000 और 51,500 के करीब स्थित हैं।
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