यूरोपीय संघ के सबसे बड़े आर्थिक केंद्र जर्मनी में विनिर्माण और औद्योगिक गतिविधियों ने अगस्त के दौरान अप्रत्याशित मजबूती दिखाई है। संघीय सांख्यिकी कार्यालय डेस्टैटिस द्वारा बुधवार को जारी मौसमी और कैलेंडर समायोजनों वाले आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश के औद्योगिक उत्पादन में महीने-दर-महीने आधार पर 2.0% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह तेजी बाजार विश्लेषकों के उन अनुमानों से कहीं अधिक मजबूत रही, जिनमें केवल 0.5% की वृद्धि की उम्मीद जताई गई थी। इससे ठीक एक महीने पहले, जुलाई में इस क्षेत्र में 1.1% की गिरावट देखी गई थी, जिससे यूरोपीय विनिर्माण पर दबाव गहराता दिख रहा था।
यूरोपीय अर्थव्यवस्था में जर्मन उत्पादन की केंद्रीय भूमिका
जर्मनी का औद्योगिक क्षेत्र पूरे यूरो क्षेत्र की रीढ़ माना जाता है। यूरो मुद्रा का उपयोग करने वाले यूरोपीय संघ के 20 देशों के साझा आर्थिक ढांचे में जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन सबसे बड़े भागीदार हैं। ये चारों देश मिलकर समूचे यूरोज़ोन के सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP का लगभग 75% हिस्सा बनाते हैं। यही कारण है कि बर्लिन और फ्रैंकफर्ट से आने वाले औद्योगिक आंकड़े केवल स्थानीय बाजार को ही प्रभावित नहीं करते, बल्कि साझी मुद्रा यूरो और यूरोपीय केंद्रीय बैंक की ब्याज दर रणनीतियों पर भी सीधा असर डालते हैं।
अगस्त के मजबूत आंकड़े दर्शाते हैं कि कारखानों और औद्योगिक इकाइयों में जुलाई के संकुचन के बाद उत्पादन गतिविधियों ने फिर से गति पकड़ी है। हालांकि, व्यापक आर्थिक अनिश्चितताओं और वित्तीय बाजारों की हलचल के बीच नीति निर्माताओं के सामने संतुलित कदम उठाने की चुनौती बनी हुई है।
वैश्विक मुद्रा बाजार में यूरो का प्रभाव और संरचना
अमेरिकी डॉलर के बाद यूरो अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में दुनिया की दूसरी सबसे सक्रिय मुद्रा है। वर्ष 2022 के वैश्विक आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया भर के सभी विदेशी मुद्रा लेनदेन में यूरो की हिस्सेदारी 31% रही थी, जहां इसका दैनिक औसत कारोबार 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक दर्ज किया गया।
मुद्रा विनिमय बाजार में EUR/USD सबसे लोकप्रिय और बड़ा व्यापारिक युग्म बना हुआ है, जिसकी कुल विदेशी मुद्रा लेनदेन में हिस्सेदारी लगभग 30% आंकी जाती है। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण यूरो युग्मों में EUR/JPY 4% हिस्सेदारी के साथ दूसरे, EUR/GBP 3% हिस्सेदारी के साथ तीसरे और EUR/AUD 2% हिस्सेदारी के साथ चौथे स्थान पर आते हैं। जब भी जर्मनी जैसे प्रमुख सदस्य देश से औद्योगिक या विनिर्माण आंकड़े अपेक्षा से बेहतर आते हैं, तो इस साझा मुद्रा के प्रति वैश्विक निवेशकों का रुख सकारात्मक होने की संभावना बढ़ जाती है।
यूरोपीय केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीतियां और ब्याज दर समीकरण
जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में स्थित यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) पूरे यूरोज़ोन के लिए रिज़र्व बैंक के रूप में कार्य करता है। ईसीबी का प्राथमिक कार्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसका सीधा अर्थ मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना या आर्थिक विकास को गति देना है। बैंक का प्रमुख हथियार ब्याज दरों को बढ़ाना या घटाना है। ऐतिहासिक रूप से, ऊंची ब्याज दरें या भविष्य में दरें बढ़ने की प्रत्याशा यूरो को मजबूत बनाती है, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को यूरोप में पूंजी निवेश करने के लिए आकर्षित करती है।
ईसीबी गवर्निंग काउंसिल की बैठकें साल में आठ बार आयोजित की जाती हैं, जिनमें यूरोज़ोन के राष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के प्रमुख और ईसीबी अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड सहित छह स्थायी सदस्य मौद्रिक नीति संबंधी निर्णय लेते हैं। मुद्रास्फीति की निगरानी के लिए सामंजस्यपूर्ण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (HICP) को मुख्य पैमाना माना जाता है। यदि मुद्रास्फीति ईसीबी के निर्धारित 2% लक्ष्य से ऊपर बनी रहती है, तो केंद्रीय बैंक पर दरों में बढ़ोतरी करने का दबाव बढ़ जाता है। सामान्य परिस्थितियों में जब महंगाई लक्ष्य से दोगुनी गति से दौड़ती है, तो ब्याज दरें बढ़ाना सीधा कदम होता है, लेकिन वर्तमान में बॉन्ड बाजार पहले ही अपनी ओर से सख्ती कर रहा है, जिससे नीति निर्माताओं के समक्ष जटिल असमंजस पैदा हो गया है।
आर्थिक संकेतक, व्यापार संतुलन और यूरो का रुख
किसी भी अर्थव्यवस्था का स्वास्थ्य उसके प्रमुख आंकड़ों से आंका जाता है। जीडीपी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई, रोजगार आंकड़े और उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण यूरो की चाल को दिशा देते हैं। मजबूत आर्थिक प्रदर्शन विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के साथ-साथ केंद्रीय बैंक को सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने का आधार देता है, जिससे मुद्रा को बल मिलता है।
व्यापार संतुलन भी एक ऐसा ही महत्वपूर्ण संकेतक है, जो किसी देश द्वारा किए गए निर्यात से होने वाली कमाई और आयात पर किए गए खर्च के अंतर को दर्शाता है। जब कोई देश उच्च मांग वाले उत्पादों का बड़े पैमाने पर निर्यात करता है, तो विदेशी खरीदारों द्वारा उन वस्तुओं को खरीदने के लिए की जाने वाली मांग से उसकी घरेलू मुद्रा को मजबूती मिलती है। इस प्रकार एक सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन मुद्रा को सहारा देता है, जबकि व्यापार घाटा उस पर दबाव डालता है।
वैश्विक वित्तीय बाजारों की वर्तमान स्थिति और तकनीकी स्तर
मुद्रा विनिमय बाजार में लाइव तकनीकी स्तरों के अनुसार EUR/USD वर्तमान में 1.12 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 1.12 से 0.10% की बढ़त दर्शाता है। इसका 52 सप्ताह का दायरा 1.12 से 1.20 के बीच रहा है, जबकि वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना पर सामान्य बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों पर 14-दिवसीय RSI 19 के स्तर पर है, जो अत्यधिक ओवरसोल्ड स्थिति को दर्शाता है। एमएसीडी -0.01 पर सिग्नल लाइन -0.01 के साथ मंदी का रुझान दिखा रहा है। प्रमुख मूविंग एवरेज में EMA20 1.14, EMA50 1.15 और EMA200 1.16 पर स्थित हैं, जहां EMA50 का EMA200 से नीचे जाना दीर्घकालिक मंदी क्रॉसओवर की पुष्टि करता है। बोलिंगर बैंड्स 1.12 से 1.17 के बीच हैं, और ट्रेंड की मजबूती दर्शाने वाला ADX(14) 47 पर है। प्रमुख तकनीकी स्तरों में दैनिक पिवट 1.12, पहला प्रतिरोध R1 1.13 और दूसरा प्रतिरोध R2 1.13 है, जबकि तात्कालिक सपोर्ट S1 1.12 और S2 1.12 पर स्थित है। 20-दिवसीय दायरे में समर्थन 1.12 और प्रतिरोध 1.16 पर बना हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार यूरोपीय संघ में मुद्रास्फीति अमेरिकी मूल्य वृद्धि से आगे निकल रही है, जिससे 1.1160 के नीचे और कमजोरी का जोखिम बना हुआ है।
अन्य अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों में बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी के कारण अमेरिकी डॉलर को समर्थन मिला। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) 0.7000 के स्तर से नीचे दबाव में बना रहा, जबकि बाजार की नजरें अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के मिनट्स पर टिकी हैं। इसी प्रकार, बैंक ऑफ जापान के नरम रुख के बीच USD/JPY 158.50 के करीब डेढ़ सप्ताह के उच्चतम स्तर पर देखा गया। डॉलर की मजबूती के चलते सोना भी अपने दो महीने के निचले स्तर यानी लगभग $4,100 के दायरे में दबाव का सामना कर रहा है। वहीं क्रिप्टोकरेंसी बाजार में डॉगकॉइन में बिकवाली हावी रही और यह $0.090 के करीब कारोबार करते हुए सप्ताह के दौरान 5% से अधिक टूट चुका है, जहां डेरिवेटिव आंकड़ों में शॉर्ट पोजीशन एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।




















