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अमेरिकी डॉलर में उछाल से जापानी येन पर दबाव, 158 के पार पहुंचा मुद्रा विनिमय दरबाज़ार
7 अक्तू॰ 2026, 11:26 am (1 घंटे पहले)· 0

अमेरिकी डॉलर में उछाल से जापानी येन पर दबाव, 158 के पार पहुंचा मुद्रा विनिमय दर

अमेरिकी डॉलर की मजबूत मांग और जापान की विस्तारवादी राजकोषीय नीतियों की चिंताओं के बीच बुधवार को जापानी येन कमजोर हुआ, जिससे मुद्रा विनिमय दर डेढ़ हफ्ते के उच्च स्तर के करीब पहुंच गई।

USD/JPY━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण7 अक्टूबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

USD/JPY अभी 158 पर है, जबकि EMA20 157, EMA50 158 और EMA200 158 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA20 (157) तक गिरावट पर खरीदार बचाव करते हैं।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

USD/JPY का RSI 56 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

MACDMoving Avg Convergence/Divergence

यह क्या है

MACD तेज और धीमी मूविंग एवरेज के बीच का फासला नापता है; इसकी सिग्नल लाइन और हिस्टोग्राम बताते हैं कि गति बढ़ रही है या घट रही। लाइन सिग्नल के ऊपर हो तो तेजी, नीचे हो तो मंदी।

अभी यह कहाँ है

USD/JPY की MACD लाइन अपने सिग्नल के ऊपर है।

आगे संभावित चाल

अगला सिग्नल-लाइन क्रॉसओवर देखने लायक ट्रिगर है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर की नए सिरे से खरीदारी देखने को मिली, जिसके कारण जापानी येन के मुकाबले डॉलर ने बढ़त बनाए रखी। एशियाई सत्र में यह विनिमय दर डेढ़ हफ्ते के उच्च स्तर यानी 158.50 के आसपास कारोबार करती नजर आई। जापानी अधिकारियों द्वारा येन को सहारा देने के लिए संभावित हस्तक्षेप की अटकलों को दरकिनार करते हुए खरीदारों ने डॉलर में तेजी का रुख अपनाया है। बाजार में निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC की बैठक के ब्योरे पर टिकी है, जिससे आगे की ब्याज दरों की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।

जापान की आर्थिक नीतियां और केंद्रीय बैंक का रुख

जापानी येन पर दबाव बनने की एक बड़ी वजह जापान की घरेलू नीतियां हैं। प्रधानमंत्री साने ताकाइची के नेतृत्व में विस्तारवादी राजकोषीय नीतियों की संभावनाओं को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इसके साथ ही बैंक ऑफ जापान यानी BoJ ने मौद्रिक नीति को लेकर सतर्क और नरम रुख बनाए रखा है। केंद्रीय बैंक की ओर से किसी आक्रामक कदम के अभाव और ढीली वित्तीय नीतियों की आशंका ने निवेशकों को येन बेचने और डॉलर की ओर रुख करने के लिए प्रेरित किया है। यही वजह है कि टोक्यो की ओर से बाजार में दखल दिए जाने की आशंकाओं के बावजूद येन में मजबूती नहीं लौट पा रही है।

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करेंसी बास्केट के प्रदर्शन को देखें तो बुधवार को जापानी येन का रुख अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मिला-जुला रहा, जिसमें यह न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूत स्थिति में दर्ज किया गया। हालांकि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह दबाव से बाहर निकलने में नाकाम रहा। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हालिया उछाल और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर की मांग दोबारा लौट आई है, जिससे येन लगातार रक्षात्मक मुद्रा में बना हुआ है।

तकनीकी संकेतक और चार्ट का ढांचा

तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो इस विनिमय दर के लिए मौजूदा दायरा काफी संवेदनशील बना हुआ है। 159.53 पर स्थित 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA और 158.52 पर 50.0% रिट्रेसमेंट स्तर के नीचे कीमतें एक सीमित दायरे में फंसी नजर आ रही हैं। वहीं लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान हाजिर भाव 158.35 के आसपास दर्ज किया गया है, जो पिछले बंद 157.96 से 0.24% की बढ़त दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 149.41 से 163.98 के बीच रहा है।

मोमेंटम इंडिकेटर्स की बात करें तो रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 56 के स्तर पर है, जो मामूली तेजी के पक्ष में झुकाव दिखाता है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD 0.13 पर है जबकि सिग्नल लाइन -0.13 पर है, जिससे इसका हिस्टोग्राम 0.26 के साथ तेजी का संकेत दे रहा है। इसके बावजूद तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि कीमतों में आने वाली तेजी बिकवाली के दबाव का शिकार हो सकती है, यानी यह सीधे तौर पर एकतरफा बड़ी रैली बनने के बजाय प्रतिरोध स्तरों पर रुक सकती है।

प्रमुख प्रतिरोध और समर्थन स्तर

ऊपर की ओर immediate resistance यानी तात्कालिक प्रतिरोध 158.52 पर स्थित 50.0% रिट्रेसमेंट स्तर के पास है। इसके बाद खरीदारों को 159.53 पर 100-दिवसीय SMA और 159.82 पर 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। यदि तेजी जारी रहती है, तो 161.68 और 164.04 के स्तर एक व्यापक आपूर्ति क्षेत्र तैयार करते हैं, जहां भारी मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।

दूसरी तरफ यदि गिरावट आती है, तो शुरुआती समर्थन 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर 157.22 पर स्थित है। इसके नीचे 23.6% रिट्रेसमेंट स्तर 155.61 पर सुरक्षा घेरा मौजूद है। यदि मंदी का दबाव काफी तेज हो जाता है, तो 153.00 के आसपास का ढांचागत निचला स्तर एक गहरा आधार प्रदान करता है। लाइव तकनीकी आंकड़ों में 14-दिवसीय ATR 1.25 पर है, जो दैनिक उतार-चढ़ाव की सीमा को दर्शाता है, जबकि दैनिक पिवट 158.30, प्रतिरोध R1 158.56 और समर्थन S1 158.08 पर आंका गया है।

वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजार की हलचल

बुधवार को केवल येन ही नहीं, बल्कि अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों में भी डॉलर की मजबूती का सीधा असर दिखा। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे नकारात्मक रुख के साथ संघर्ष करती रही। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी RBA की ओर से सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों के बावजूद, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को रोक दिया।

सोने के बाजार में भी सुस्ती देखने को मिली। एशियाई सत्र में सोना 4,150 डॉलर के स्तर के पास अपनी पिछली बढ़त गंवाता नजर आया। कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सुधार के साथ डॉलर मजबूत हुआ, जिसके चलते अल्पकालिक नजरिए से सोना उछाल पर बिकवाली के दबाव में बना हुआ है।

इधर भारतीय रुपए पर नजर डालें तो भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के हालिया नीतिगत फैसले के बाद डॉलर के मुकाबले रुपए में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। RBI ने अपनी प्रमुख रेपो दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.5% कर दिया है और अपने नीतिगत रुख को 'तटस्थ' से बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर दिया है। वहीं यूरोपीय केंद्रीय बैंक यानी ECB के सामने दोहरी चुनौती खड़ी है, जहां मुद्रास्फीति अपने लक्ष्य से लगभग दोगुनी होने के बावजूद बॉन्ड बाजार पहले ही सख्ती का असर दिखा रहा है। ऐसी जटिल परिस्थितियों में सभी वैश्विक बाजारों की नजरें FOMC मिनट्स पर टिकी हैं।

सवाल-जवाब

बुधवार को जापानी येन के मुकाबले डॉलर किस स्तर पर कारोबार कर रहा था?
बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में डॉलर/येन की दर डेढ़ हफ्ते के उच्च स्तर 158.50 के करीब दर्ज की गई।
जापानी येन पर दबाव का मुख्य कारण क्या है?
प्रधानमंत्री साने ताकाइची के तहत विस्तारवादी नीतियों की आशंका और बैंक ऑफ जापान का सतर्क रवैया येन पर दबाव बना रहा है।
तकनीकी चार्ट पर इस मुद्रा जोड़ी के लिए अहम प्रतिरोध स्तर क्या हैं?
तात्कालिक प्रतिरोध 158.52 पर है, जिसके बाद 100-दिवसीय SMA 159.53 और 159.82 पर मुख्य बाधाएं मौजूद हैं।
आरबीआई ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति में क्या बदलाव किया है?
भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी प्रमुख रेपो दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.5% कर दिया है और रुख को कैलिब्रेटेड टाइटनिंग में बदल दिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·7 मिनट पहले

डॉलर की इस मजबूती से जापानी येन पर दबाव और बढ़ गया है, 158 का स्तर पार होना चिंता की बात है।

Ravikash Gupta@ravikash·27 मिनट पहले

158 के पार निकलना सच में डराने वाला है। डॉलर की ये मज़बूती जापान की घरेलू नीतियों पर भारी पड़ रही है, और ऐसा लगता है कि येन को संभालने के लिए टोक्यो को जल्द ही सच में कुछ कड़े कदम उठाने ही होंगे।

Meera Joshi@meera-joshi·26 मिनट पहले

रविकेश, आपकी बात सही है। जब मैं पिछले साल टोक्यो गई थी, तब भी येन की गिरती हालत को लेकर वहां हर कोई परेशान था।

Rohan Gupta@rohan-gupta·50 मिनट पहले

डॉलर के मुकाबले येन का इस तरह लगातार कमजोर होना परेशान करने वाला है। क्या बैंक ऑफ जापान इस बार भी सिर्फ देखता रहेगा या कोई सख्त कदम उठाएगा?

Michael Anderson@michael-anderson·48 मिनट पहले

रोहन, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछली बार जब मैं टोक्यो गया था, तब भी येन की ऐसी ही हालत देखकर मुझे अपनी जापान यात्रा के दौरान महंगे होते खर्चों की याद आ गई।

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