वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर अपनी हालिया मजबूती को बरकरार रखते हुए प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। सितंबर की मौद्रिक नीति बैठक से जुड़े फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के मिनट्स 18:00 GMT पर जारी होने वाले हैं, जिससे ठीक पहले निवेशकों और कारोबारियों का रुख डॉलर के पक्ष में बना हुआ है। फेडरल रिजर्व के नीति-निर्माताओं ने हाल के बयानों में ब्याज दरों में किसी तत्काल बढ़ोतरी की आवश्यकता न होने के संकेत दिए हैं, लेकिन बाजार इस विस्तृत दस्तावेज के जरिए भविष्य के नीतिगत रुख और मतदान विभाजन की बारीकियों को समझने के लिए उत्सुक है। यूरोपीय सत्र की शुरुआत के दौरान छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में डॉलर के मूल्य को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.22% की बढ़त दर्ज करते हुए लगभग 102.07 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि हाजिर भाव 102.10 पर देखा गया। इसके अलावा ताजा कारोबारी आंकड़ों में डॉलर इंडेक्स 102.12 पर बना हुआ है, जो पिछले बंद स्तर 101.83 के मुकाबले 0.28% ऊपर है।
मुद्राओं का उतार-चढ़ाव और वैश्विक पटल पर डॉलर का दबदबा
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा का प्रदर्शन विभिन्न प्रतिद्वंद्वी मुद्राओं के मुकाबले मिला-जुला और मजबूत रहा है। प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले प्रतिशत बदलाव के संदर्भ में अमेरिकी डॉलर ने न्यूजीलैंड डॉलर के खिलाफ सबसे अधिक ताकत प्रदर्शित की है। विभिन्न मुद्राओं के आपसी समीकरणों को दर्शाने वाले हीट मैप और विनिमय तालिकाओं के अनुसार, डॉलर का मूल्य अन्य समकक्षों पर हावी होता दिखाई दिया है। वैश्विक स्तर पर उपजी आर्थिक व भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई नई तेजी ने गिरावट पर डॉलर खरीदने वालों को लगातार आकर्षित किया है। इसके चलते कई अन्य बड़ी मुद्राओं की रिकवरी थम गई है और वे रक्षात्मक स्थिति में आ गई हैं।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की विनिमय जोड़ी (AUD/USD) पर नजर डालें तो यह बुधवार के एशियाई सत्र में 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे नकारात्मक रुख के साथ संघर्ष करती दिखी। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की ओर से सख्त रुख बनाए रखने की उम्मीदों के बावजूद, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नए उछाल और डॉलर की ताजा मांग ने इस जोड़ी को लगातार दबाव में रखा है। दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) एशियाई सत्र के दौरान लगभग डेढ़ सप्ताह के उच्चतम स्तर 158.50 के करीब टिका रहा। बैंक ऑफ जापान (BoJ) की ओर से नरम नीतिगत टिप्पणियों और अमेरिकी यील्ड में तेजी ने इस तेजी को हवा दी है, हालांकि कारोबारी अब FOMC मिनट्स के सामने आने से पहले 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) की बाधा को पार करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
ऊर्जा आपूर्ति की चिंताएं और कच्चे तेल में उछाल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में दो सप्ताह से अधिक समय तक दबाव में रहने के बाद सुधार के लक्षण दिखे हैं। डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड की कीमतों में आई यह रिकवरी मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में ऊर्जा उत्पादन क्षमता पर तूफान के मंडराते खतरे के कारण उपजी है। खाड़ी मेक्सिको में उभर रहे मौसमी दबाव को लेकर मंगलवार को अमेरिकी मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की थी कि यह दो दिनों के भीतर वर्ष 2026 का पहला अटलांटिक तूफान बन सकता है और इसके सीधे तौर पर तेल तथा गैस उत्पादन प्रतिष्ठानों से टकराने की प्रबल संभावना है। उत्पादन बाधित होने की इस आशंका ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं दोबारा बढ़ा दी हैं।
कच्चे तेल और ईंधन की ऊंची लागत वैश्विक स्तर पर महंगाई के अनुमानों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रख सकती है। यदि ऊर्जा की कीमतों में यह तेजी बनी रहती है, तो इससे फेडरल रिजर्व के अधिक आक्रामक यानी हॉकिश नीतिगत रुख अपनाने की संभावनाओं को बल मिल सकता है। जब मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने के लिए केंद्रीय बैंक लंबे समय तक सख्त रुख बनाए रखने पर विचार करते हैं, तो बॉन्ड यील्ड और डॉलर दोनों को स्वाभाविक रूप से मजबूती मिलती है।
डॉलर इंडेक्स का तकनीकी ढांचा और प्रमुख स्तर
दैनिक तकनीकी चार्ट पर डॉलर इंडेक्स का अल्पकालिक रुख स्पष्ट रूप से तेजी का बना हुआ है। परिसंपत्ति लगातार अपने 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 101.04 (और हालिया गणना में 101.06) के ऊपर बनी हुई है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि हालिया बढ़त को मजबूत ट्रेंड गतिशीलता का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 71.92 पर स्थित होकर ओवरबॉट यानी अत्यधिक खरीद वाले क्षेत्र में पहुंच गया है (ताजा तकनीकी आंकड़ों में यह 69 के आसपास है)। यह स्थिति दर्शाती है कि ऊपर की ओर गति बहुत मजबूत होने के बावजूद काफी खिंच चुकी है, जिससे सीधे ट्रेंड रिवर्सल के बजाय कुछ समय के लिए कंसॉलिडेशन या हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।
गिरावट की स्थिति में डॉलर इंडेक्स के लिए पहला महत्वपूर्ण समर्थन 101.80 के स्तर पर मौजूद है, जहां खरीदार किसी भी रीबाउंड का समर्थन कर सकते हैं। इसके नीचे 20-दिवसीय ईएमए 101.04 पर रक्षात्मक रेखा मौजूद है। ऊपर की ओर, डॉलर इंडेक्स का मुख्य लक्ष्य सोमवार को दर्ज किए गए अपने 102.54 के वार्षिक उच्च स्तर को दोबारा छूना और उसे पार करना है। 52-सप्ताह के 95.55 से 102.54 के दायरे के भीतर, दैनिक चार्ट पर धुरी बिंदु (पिवट) 102.05 पर है, जबकि ऊपर की ओर तत्काल प्रतिरोध स्तर R1 102.20 और R2 102.27 पर देखे जा रहे हैं, तथा नीचे की ओर तात्कालिक समर्थन S1 101.97 और S2 101.83 पर स्थित हैं। साथ ही 50-दिवसीय ईएमए 100.45 और 200-दिवसीय ईएमए 99.53 पर बने रहने के साथ गोल्डन क्रॉस की स्थिति दीर्घकालिक तेजी के रुझान की पुष्टि करती है।
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी मिनट्स का महत्व और बाजार प्रतिक्रिया
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के मिनट्स सामान्यतः नीतिगत निर्णय के दिन से तीन सप्ताह बाद सार्वजनिक किए जाते हैं। वैश्विक निवेशक इस प्रकाशन का उपयोग भविष्य के ब्याज दर मार्ग और समिति के भीतर सदस्यों के मत विभाजन को समझने के लिए करते हैं। यदि मिनट्स का लहजा आक्रामक या हॉकिश निकलता है, तो इससे डॉलर को और रफ्तार मिलने की उम्मीद होती है, जबकि नरम या डोविश रुख को डॉलर के लिए नकारात्मक माना जाता है। उल्लेखनीय है कि FOMC नीतिगत वक्तव्य के विपरीत, मीडिया आउटलेट्स को मिनट्स जारी होने से पहले इसकी अग्रिम प्रति प्राप्त नहीं होती है, जिसके चलते इसके आधिकारिक प्रकाशन के बाद वित्तीय बाजारों में प्रतिक्रिया थोड़ी देर से और तेज उतार-चढ़ाव के साथ देखने को मिल सकती है।
कमोडिटी, क्रिप्टोकरेंसी और यूरोपीय केंद्रीय बैंक की स्थिति
अमेरिकी डॉलर के आक्रामक रुख ने बहुमूल्य धातुओं और जोखिम संपत्तियों को भी गहरे दबाव में धकेल दिया है। सोने की कीमतें बुधवार को एशियाई सत्र के दौरान बिकवाली के दबाव में बनी रहीं और पिछले दिन छुए गए 4,100 डॉलर के आसपास के दो महीने के निचले स्तर के बेहद करीब कारोबार करती दिखीं। अमेरिकी डॉलर की नई मांग सोने जैसी सुरक्षित समझी जाने वाली गैर-ब्याज वाली संपत्तियों पर सीधा दबाव डाल रही है, और सराफा व्यापारी दिशा तय करने के लिए फेड मिनट्स की प्रतीक्षा कर रहे हैं। दूसरी तरफ डिजिटल संपत्तियों में डॉगकॉइन में नुकसान का दायरा बढ़ गया है, जो सप्ताह के दौरान 5% से अधिक गिरकर 0.090 डॉलर के आसपास कारोबार करता नजर आया। डॉगकॉइन में शॉर्ट पोजीशन एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंचने और ओवरहीटेड परिस्थितियों के बीच तकनीकी संकेतक आगे और नुकसान की ओर इशारा कर रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंकों के सामने भी पेचीदा हालात बने हुए हैं। यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) के मामले में, यदि मुद्रास्फीति अपने लक्ष्य से लगभग दोगुनी गति से बढ़ रही हो, तो सामान्य परिस्थितियों में सीधा उपाय ब्याज दरों में बढ़ोतरी करना होता है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियां असामान्य हैं; बॉन्ड बाजार पहले ही ईसीबी के लिए मौद्रिक सख्ती का कुछ हिस्सा पूरा कर रहा है, जिससे यूरोपीय नीति-निर्माता एक अत्यंत कठिन असमंजस का सामना कर रहे हैं। इन तमाम अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं और विभिन्न केंद्रीय बैंकों की नीतियों के बीच, निवेशक अमेरिकी डॉलर को सबसे सुरक्षित और आकर्षक विकल्प मानकर उस पर अपना दांव बनाए हुए हैं।























