अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में आपूर्ति की गति और समुद्री मार्गों पर बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के बीच तेज खींचतान देखने को मिल रही है। फारस की खाड़ी से कच्चे तेल की निकासी में क्रमिक सुधार दर्ज होने के बावजूद तेल के दाम नरम पड़ने का नाम नहीं ले रहे हैं। जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों की वजह से परिवहन में रुकावट की आशंका बनी हुई है, जिसके चलते आईसीई ब्रेंट क्रूड का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर टिकने में कामयाब रहा है। इससे पहले कारोबारी सत्र में कीमतों पर भारी दबाव देखा गया था और आईसीई ब्रेंट गिरकर 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया था, मगर खाड़ी क्षेत्र से जुड़े वास्तविक जोखिमों ने निचले स्तरों पर मजबूत खरीदारी आकर्षित की।
फारस की खाड़ी में सुरक्षा संकट और आपूर्ति का संतुलन
ऊर्जा क्षेत्र के विश्लेषक वॉरेन पैटरसन और इवा मैंथी के अनुसार, तेल बाजार वर्तमान में बढ़ते प्रवाह और लगातार बने हुए खतरों के बीच फंसा हुआ है। विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि जब तक इन भू-राजनीतिक खतरों का स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक कीमतों में टिकाऊ गिरावट आना बेहद कठिन है। बाजार में किसी भी समय आपूर्ति बाधित होने की आशंका व्यापारियों को सतर्क बनाए हुए है। जब तक जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित नहीं होती, तब तक जोखिम प्रीमियम बना रहेगा और कीमतों को निचली सीमाओं पर मजबूत सहारा मिलता रहेगा।
मिडिल डिस्टिलेट्स और डीजल क्रैक स्प्रेड में नरमी
कच्चे तेल के मुख्य बेंचमार्क में मजबूती के विपरीत, पेट्रोलियम उत्पादों के एक हिस्से में हाल ही में कमजोरी देखी गई है। मिडिल डिस्टिलेट्स श्रेणी में आईसीई गैसऑयल क्रैक घटकर लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जो सितंबर के दौरान 90 डॉलर प्रति बैरल से कुछ अधिक पर कारोबार कर रहा था। यूरोपीय रणनीतिक भंडारों से अतिरिक्त डीजल जारी किए जाने की संभावना और अमेरिकी डीजल निर्यात प्रतिबंध के टलते जोखिम ने निकट अवधि में दबाव को कम किया है।
हालांकि, यह नरमी केवल वायदा वक्र के शुरुआती हिस्से यानी फ्रंट-एंड तक ही सीमित है, जबकि लंबी अवधि के अनुबंधों पर क्रैक स्प्रेड मजबूत बना हुआ है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि रणनीतिक भंडारों से की जाने वाली निकासी एक तात्कालिक कदम मात्र है, जिससे मिडिल डिस्टिलेट बाजार की बुनियादी तंगी समाप्त नहीं हो सकती। इस संरचनात्मक कमी को पूरी तरह दूर करने के लिए फारस की खाड़ी और रूसी डीजल प्रवाह का सामान्य होना अनिवार्य है, जिसकी निकट भविष्य में कोई स्पष्ट संभावना नजर नहीं आ रही है।
लाइव मार्केट डेटा और तकनीकी परिदृश्य
कच्चे तेल (CL=F) के लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, सत्र के समापन पर भाव 90.23 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया, जो पिछले बंद भाव 89.44 डॉलर की तुलना में 0.88 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इसका दायरा 54.98 डॉलर से 119.48 डॉलर रहा है। वर्तमान ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 0.06 गुना रहा। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय आरएसआई 46 पर है, जबकि एमएसीडी 0.91 के सिग्नल की तुलना में -0.20 पर नकारात्मक हिस्टोग्राम (-1.11) दिखा रहा है। 20-दिवसीय ईएमए 92.28 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 90.15 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 80.98 डॉलर पर स्थित हैं, जो ईएमए50 के ईएमए200 से ऊपर होने के साथ गोल्डन क्रॉस और दीर्घकालिक अपट्रेंड का संकेत देते हैं। 20-दिवसीय बॉलिंजर बैंड का दायरा 85.03 डॉलर से 105.91 डॉलर के बीच है, जिसका मध्य स्तर 95.47 डॉलर है। 14-दिवसीय एडीएक्स 18 पर कमजोर ट्रेंड दर्शाता है, जबकि स्टोकेस्टिक पर फास्ट लाइन 20 और सिग्नल लाइन 15 पर है। दैनिक अस्थिरता एटीआर 4.24 डॉलर दर्ज की गई है, जिसमें 20-दिवसीय सपोर्ट 86.86 डॉलर और रेजिस्टेंस 106.75 डॉलर के करीब है। प्रमुख पिवट स्तर 90.15 डॉलर है, जिसके लिए रेजिस्टेंस R1 90.69 डॉलर व R2 91.14 डॉलर तथा सपोर्ट S1 89.70 डॉलर व S2 89.16 डॉलर पर बने हुए हैं।
विदेशी मुद्रा और व्यापक वित्तीय बाजारों की हलचल
ऊर्जा क्षेत्र के तनाव और बॉन्ड यील्ड में तेजी का असर विदेशी मुद्रा एवं अन्य परिसंपत्तियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। एशियाई कारोबारी सत्र में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आए नए उछाल के बीच अमेरिकी डॉलर को निचली कीमतों पर सहारा मिला। इससे आरबीए के सख्त रुख की उम्मीदों के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) 0.7000 के स्तर से नीचे दबाव में कारोबार करता दिखा, जहां बाजार की नजरें एफओएमसी मिनट्स पर टिकी हैं। दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान की नरम टिप्पणियों और डॉलर की मांग के चलते डॉलर-येन (USD/JPY) 158.50 के करीब डेढ़ सप्ताह के उच्चतम स्तर पर टिका रहा, जहां बुल्स 200-दिवसीय एसएमए बाधा को पार करने का इंतजार कर रहे हैं।
सोना, क्रिप्टोकरेंसी और केंद्रीय बैंकों का संकट
डॉलर की मजबूती के कारण सोने की कीमतों पर भी दबाव बना रहा और यह 4,100 डॉलर प्रति औंस के आसपास दो महीने के निचले स्तर के करीब सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में डॉगकॉइन (DOGE) में लगातार गिरावट जारी रही, जहां शॉर्ट पोजीशन एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंचने के बीच यह 5 प्रतिशत से अधिक गिरकर लगभग 0.090 डॉलर पर आ गया। उधर यूरोप में, ईसीबी मुद्रास्फीति के लक्ष्य से लगभग दोगुने होने के बावजूद असामान्य आर्थिक परिस्थितियों का सामना कर रहा है, जहां बॉन्ड बाजार की पहले से जारी सख्ती के चलते नीति निर्माताओं के सामने दरें बढ़ाने का निर्णय एक जटिल चुनौती बन गया है।























