अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में बुधवार के शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम जापानी येन की विनिमय दर 110.40 के आसपास लगभग स्थिर बनी रही। बाजार प्रतिभागी इस समय केंद्रीय बैंकों के संकेतों और तकनीकी स्तरों के बीच संतुलन तलाश रहे हैं। जापान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर का हालिया संबोधन विश्लेषकों के अनुमान के मुकाबले कम आक्रामक रहा, जिससे स्थानीय मुद्रा पर दबाव देखा जा रहा है। इसके बावजूद तकनीकी चार्ट्स पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी कोई बड़ा उछाल दर्ज करने में विफल रहा है और प्रमुख तकनीकी बाधाओं के नीचे सीमित दायरे में फंसा हुआ है।
केंद्रीय बैंक के रुख से बदली ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें
बाजार में ब्याज दरों को लेकर बन रही धारणा में हाल के दिनों में तेज बदलाव आया है। वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, चालू महीने में बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की संभावना घटकर लगभग 12 प्रतिशत रह गई है। पिछले सप्ताह की शुरुआत में यही अनुमान 40 प्रतिशत तक पहुंच गया था। हालांकि, यदि दिसंबर बैठक को भी शामिल किया जाए, तो दरें बढ़ाए जाने की कुल संभावना अब भी लगभग 90 प्रतिशत के ऊंचे स्तर पर दिखाई दे रही है।
रेबोबैंक के विश्लेषकों का मानना है कि जापानी केंद्रीय बैंक अब ऐसे मुकाम पर पहुंच गया है जहां उसका मुख्य ध्यान मुद्रास्फीति के दबाव को लक्ष्य के करीब स्थिर करने पर केंद्रित हो सकता है। बैंक का यह दृष्टिकोण उसकी मौद्रिक रणनीति में एक अहम बदलाव को दर्शाता है। विश्लेषकों ने साथ ही यह सतर्कता भी जताई है कि केंद्रीय बैंक फिलहाल ऐसी स्थिति में नहीं दिखता जहां लगातार बैठकों में दरों में बढ़ोतरी करना उचित माना जाए।
तकनीकी संकेतकों पर मंदी का दबाव बरकरार
दैनिक मूल्य चार्ट पर इस मुद्रा जोड़ी का रुख निकट अवधि में सुस्त और मंदी की ओर झुका हुआ नजर आ रहा है। हाजिर भाव 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज और बॉलिंजर बैंड की ऊपरी सीमा से नीचे चल रहे हैं। मौजूदा समय में विनिमय दर बॉलिंजर बैंड के मध्य स्तर के ठीक नीचे संघर्ष कर रही है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कीमतों में आने वाली किसी भी तेजी को इस धुरी बिंदु पर कड़ी रुकावट मिल रही है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 43.37 के स्तर पर बना हुआ है, जो इसके तटस्थ दायरे से नीचे होने और तेजी की गति सीमित रहने की पुष्टि करता है।
यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो पहला मजबूत तकनीकी सहारा 110.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर स्थित है। इस स्तर के टूटने पर विनिमय दर 14 सितंबर के निचले स्तर 109.67 की ओर फिसल सकती है, जिसके बाद अगला निचला लक्ष्य लगभग 109.10 के आसपास स्थित बॉलिंजर बैंड की निचली सीमा होगी। इस सीमा से नीचे निर्णायक गिरावट आने पर 1 अक्टूबर का निचला स्तर 108.71 भी दोबारा परीक्षण के दायरे में आ सकता है।
ऊपर की ओर, खरीदारी लौटने की स्थिति में पहला तत्काल प्रतिरोध 110.60 पर स्थित बॉलिंजर बैंड का मध्य बिंदु है। यदि भाव इस बाधा को पार कर लेते हैं, तो अगला बड़ा प्रतिरोध 112.11 पर मौजूद बॉलिंजर बैंड का ऊपरी सिरा होगा। इससे आगे की बढ़त के लिए 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज 112.50 पर स्थित है, जो लंबी अवधि के सुधार के लिए अहम रुकावट बना हुआ है।
जापानी येन की वैश्विक भूमिका और सुरक्षित निवेश का दर्जा
वैश्विक विदेशी मुद्रा कारोबार में जापानी येन दुनिया की सबसे सक्रिय मुद्राओं में शामिल है। इसका मूल्यांकन आमतौर पर जापानी अर्थव्यवस्था की सेहत, केंद्रीय बैंक के नीतिगत फैसलों, अमेरिकी और जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड के अंतर तथा वैश्विक निवेशकों की जोखिम क्षमता से तय होता है। बैंक ऑफ जापान के दायित्वों में मुद्रा की स्थिरता बनाए रखना भी शामिल है, जिसके चलते उसके नीतिगत कदम येन के उतार-चढ़ाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
अतीत में केंद्रीय बैंक ने मुद्रा के अत्यधिक मजबूत होने पर विनिमय बाजार में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप भी किया है, यद्यपि प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक चिंताओं को देखते हुए ऐसा कदम कभी-कभार ही उठाया जाता है। वर्ष 2013 से 2024 के दौरान जारी रही अत्यंत ढीली मौद्रिक नीति के चलते येन को अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में भारी कमजोरी का सामना करना पड़ा था। उस समय दुनिया के अन्य बड़े केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में लगातार इजाफा कर रहे थे। हालांकि, 2024 में इस अत्यंत नरम नीति से धीरे-धीरे बाहर निकलने के फैसले ने येन की कीमतों को सहारा प्रदान किया।
बीते एक दशक में नीतिगत भिन्नता के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व और जापानी केंद्रीय बैंक के रुख में भारी अंतर पैदा हुआ, जिसने 10-वर्षीय अमेरिकी और जापानी बॉन्ड प्रतिफल के फासले को चौड़ा कर दिया था। इस अंतर ने अमेरिकी डॉलर को येन की तुलना में काफी मजबूत बना दिया था। अब नीति में बदलाव और अन्य देशों में संभावित दर कटौतियों के चलते यह यील्ड अंतर लगातार सिमट रहा है। वैश्विक अनिश्चितता और बाजार में तनाव के समय निवेशक जापानी मुद्रा को सुरक्षित विकल्प मानते हैं, जिससे संकट की घड़ियों में जोखिम भरी मुद्राओं के मुकाबले येन में मजबूती देखने को मिलती है।
वैश्विक बाजारों और अन्य मुद्राओं का हाल
बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ियों और संपत्तियों में भी सतर्कता का माहौल देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर 0.7000 के स्तर से नीचे दबाव में कारोबार कर रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ओर से आक्रामक नीति के अनुमानों के बावजूद, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आए उछाल और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते डॉलर की मांग मजबूत बनी हुई है। बाजार प्रतिभागी अब अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक के ब्योरे का इंतजार कर रहे हैं।
अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन 158.50 के करीब डेढ़ सप्ताह के उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा है। निवेशक आगामी फेडरल रिजर्व ब्योरे से पहले 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के पार जाने की प्रतीक्षा में हैं। उधर सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें लगभग 4,100 डॉलर के आसपास दो महीने के निचले स्तर के करीब दबाव में बनी हुई हैं। अमेरिकी डॉलर की वापसी ने कीमती धातुओं की तेजी पर लगाम लगा रखी है।
डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में डॉगकॉइन 0.090 डॉलर के आसपास संघर्ष कर रहा है और चालू सप्ताह में इसमें 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है। मंदी के दांव एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंचने और तकनीकी संकेतकों के कमजोर होने से इसमें आगे भी फिसलन की आशंका जताई जा रही है। वहीं यूरोपीय केंद्रीय बैंक के सामने भी चुनौतियां बढ़ रही हैं, जहां लक्ष्य से लगभग दोगुनी मुद्रास्फीति के बीच बॉन्ड बाजार द्वारा वित्तीय स्थितियां सख्त किए जाने से नीतिगत असमंजस गहरा रहा है।





















