भारतीय सर्राफा बाजार में सोने के भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अब हल्की सुस्ती देखने को मिली है। जब सोने की कीमतें 90,000 रुपये के आंकड़े से ऊपर निकली थीं, उसके तुरंत बाद दरों में नरमी दर्ज की गई है। निवेशक अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि आगे बाजार का रुख किस दिशा में जाएगा, खासकर जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक संकेतक बदल रहे हैं। खरीदारों के लिए यह बदलाव कीमतों में स्थिरता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से लगातार तेजी का रुख बना हुआ था।
विभिन्न शुद्धता वाले सोने के नए भाव
बाजार में 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने का भाव प्रति ग्राम 16,375 रुपये दर्ज किया गया, जिसमें पिछले सत्र के मुकाबले 22 रुपये की गिरावट आई है। अगर बड़ी मात्रा में खरीदारी की बात करें तो 8 ग्राम सोने की कीमत 1,31,000 रुपये और 10 ग्राम की कीमत 1,63,750 रुपये तय की गई है। इसके अलावा, 100 ग्राम 24 कैरेट सोना 16,37,500 रुपये में उपलब्ध रहा, जिसमें कुल 2,200 रुपये की कमी आई है।
वहीं 22 कैरेट सोने की बात करें तो इसका भाव प्रति ग्राम 15,010 रुपये पर आ गया है, जो पिछले मूल्य से 20 रुपये कम है। 8 ग्राम 22 कैरेट सोना 1,20,080 रुपये और 10 ग्राम 1,50,100 रुपये में बिक रहा है। थोक मात्रा में यानी 100 ग्राम के लिए ग्राहकों को 15,01,000 रुपये चुकाने होंगे, जिसमें 2,000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है।
दूसरी ओर, 18 कैरेट सोने के दाम भी नीचे आए हैं और यह प्रति ग्राम 12,281 रुपये पर पहुंच गया है, जिसमें 12 रुपये की कमी आई है। 8 ग्राम 18 कैरेट सोना 98,248 रुपये और 10 ग्राम 1,22,810 रुपये में मिल रहा है। इसके साथ ही 100 ग्राम 18 कैरेट सोने का मूल्य 12,28,100 रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले भाव से 1,200 रुपये कम है।
वैश्विक बाजार और अमेरिकी आंकड़ों का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने के दाम उस समय नीचे आए जब सत्र के शुरुआती दौर में यह तीन महीने से अधिक के सबसे ऊंचे स्तर को छू चुके थे। वैश्विक निवेशक इस समय पूरी तरह से अमेरिका के आगामी मुद्रास्फीति आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के प्रमुख के आने वाले भाषण पर केंद्रित हैं। इन डेटा और बयानों से यह साफ होने की उम्मीद है कि आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर अमेरिकी केंद्रीय बैंक का रुख क्या रहेगा और बहुमूल्य धातुओं की चाल किस तरफ मुड़ेगी।
विशेषज्ञों की राय और तकनीकी विश्लेषण
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक मुद्रास्फीति को लेकर केंद्रीय बैंक की चिंताएं अभी बनी हुई हैं। इस संबंध में रिद्धि सिद्धि बुलियंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड के अध्यक्ष पृथ्वीराज कोठारी ने कहा, फेडरल रिजर्व के मिनट्स से पता चलता है कि महंगाई को लेकर चिंताएं गहरी हैं और यदि महंगाई दो प्रतिशत की ओर नहीं घटती है तो कई नीति निर्माता ब्याज दर बढ़ाने के पक्ष में हैं। तकनीकी तौर पर सोना अपने 4,340 से 4,440 डॉलर के दायरे को तोड़कर 4,500 डॉलर पर पहुंच गया है और अब इसकी नजर 4,600 डॉलर पर है, जबकि चांदी ने अपने 66 डॉलर के डबल टॉप को पार करते हुए 70 से 71 डॉलर की ओर रुख किया है।



















