अमेरिकी डॉलर में हालिया नरमी और वैश्विक बाजार की अनिश्चितता के बीच ब्रिटिश पाउंड ने डॉलर के मुकाबले जोरदार वापसी की है। GBP/USD मुद्रा जोड़ी 1.3300 के महत्वपूर्ण स्तर की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। यह रिकवरी ऐसे समय में आई है जब निवेशक फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉरश के आगामी भाषण का इंतजार कर रहे हैं। विदेशी मुद्रा बाजार में ट्रेडर्स केंद्रीय बैंकों के बयानों और तकनीकी स्तरों के आधार पर अपनी रणनीतियों को नए सिरे से तय कर रहे हैं।
फेड प्रमुख के भाषण और डॉलर में उतार-चढ़ाव की संभावना
फॉरेक्स मार्केट में इस समय मुख्य ध्यान फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉरश के भाषण पर केंद्रित है। वॉरश अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के साथ एक विशेष चर्चा में भाग ले रहे हैं। 03:30 GMT पर होने वाले इस संवाद को लेकर बाजार प्रतिभागियों के बीच काफी हलचल है। छह प्रमुख विदेशी मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की ताकत को मापने वाला डॉलर इंडेक्स (DXY) 101.90 के आसपास बना हुआ है, जो पिछले दिन की गिरावट के बाद स्थिरता का प्रयास कर रहा है।
केविन वॉरश ने मूल्य स्थिरता बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, लेकिन उन्होंने भविष्य की ब्याज दर नीतियों के संबंध में कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। इस गैर-प्रतिबद्ध रुख के कारण अमेरिकी डॉलर पर बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। इसका सीधा फायदा पाउंड और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी अन्य प्रमुख मुद्राओं को मिला है। ट्रेडर्स इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि क्या अमेरिका में बनी हुई महंगाई दर फेड को लंबे समय तक उच्च दरें बनाए रखने पर मजबूर करेगी या आर्थिक सुस्ती दर कटौती का रास्ता खोलेगी।
बैंक ऑफ इंग्लैंड का रुख और महंगाई पर एंड्रयू बेली के विचार
ब्रिटिश पाउंड के मोर्चे पर बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) के गवर्नर एंड्रयू बेली ने ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था और मुद्रास्फीति पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए हैं। एंड्रयू बेली ने ऊर्जा झटकों के कारण वेतन और व्यापक उपभोक्ता कीमतों में दूसरी पाली की महंगाई फैलने की आशंकाओं को खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में व्यावसायिक संस्थाएं कीमतों में बढ़ोतरी के बजाय लागत कटौती पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
हालांकि, गवर्नर बेली ने माना कि मुद्रास्फीति का स्तर तय लक्ष्य से ऊपर बना हुआ है, जिसे उन्होंने बेहद निराशाजनक करार दिया। एफएक्सएस स्पीचट्रैकर ने बेली के भाषण को 6.2/10 का स्कोर दिया, जो उनके ऐतिहासिक 6.4/10 के औसत से थोड़ा कम है। यह स्कोर दर्शाता है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड का मौजूदा रुख हल्का नरम है, जिससे निकट भविष्य में किसी बड़े कड़े मौद्रिक कदम की संभावना कम हो जाती है। यही वजह है कि पाउंड में आई रिकवरी के बावजूद इसकी ऊपरी बढ़त पर एक सीमित दायरा देखा जा रहा है।
तकनीकी विश्लेषण और मुख्य मूल्य स्तर
तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो GBP/USD का दैनिक ढांचा मामूली रिकवरी के संकेत दे रहा है। मुद्रा जोड़ी 1.3282 और 1.3300 के स्तर के करीब कारोबार कर रही है, जो अपने 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 1.3277 से थोड़ा ऊपर है। यह 20-दिवसीय EMA वर्तमान में जोड़ी के लिए तत्काल ट्रेंड सपोर्ट के रूप में कार्य कर रहा है, जिससे खरीदारों को थोड़े समय के लिए राहत मिली है।
इंडिकेटर्स की बात करें तो रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 48 से 53 के आसपास घूम रहा है, जो न्यूट्रल 50 रेखा के बेहद करीब है। इसका मतलब है कि हालांकि बिकवाली का दबाव रुका है, लेकिन तेजी के लिए ठोस मांग का आना अभी बाकी है। चार्ट पर प्रमुख मूल्य स्तर निम्नलिखित हैं
- तत्काल प्रतिरोध: 30 सितंबर का उच्च स्तर 1.3311 खरीदारों के लिए पहला बड़ा अवरोध है, जिसके पार जाने पर 1.3400 का स्तर देखने को मिल सकता है।
- डायनामिक सपोर्ट: 1.3277 पर स्थित 20-दिवसीय EMA जोड़ी को नीचे गिरने से रोकने के लिए प्राथमिक सुरक्षा कवच बना हुआ है।
- मजबूत निचला स्तर: 10 महीने का निचला स्तर 1.3137 प्रमुख सपोर्ट ज़ोन है। यदि जोड़ी इसे बनाए रखने में विफल रहती है, तो 1.3100 तक गिरावट की संभावना बन सकती है।
अन्य मुद्राएं, सोना और क्रिप्टो बाजार की स्थिति
वैश्विक वित्तीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की चाल का असर अन्य परिसंपत्तियों पर भी साफ देखा जा रहा है। एशियाई सत्र में AUD/USD जोड़ी ने गति पकड़ते हुए 0.6950 के स्तर की तरफ उछाल दर्ज किया। वहीं USD/JPY में ताजा बिकवाली देखी गई और यह 158.00 के स्तर से नीचे आ गया।
कमोडिटी बाजार में, सोना $4,150 प्रति औंस के आसपास देखा गया, जिसमें डॉलर की छिटपुट मांग के कारण हल्की गिरावट दर्ज की गई। वहीं डिजिटल एसेट मार्केट में बिटकॉइन (BTC) और एथेरियम (ETH) अपने प्रमुख सपोर्ट स्तरों को बचाने में सफल रहे, जबकि रिपल (XRP) रेजिस्टेंस स्तर के नीचे संघर्ष करता नजर आया। जिद्दी महंगाई के आंकड़ों ने निवेशकों के जोखिम लेने की क्षमता को थोड़ा प्रभावित किया है।
ट्रेडिंग रणनीति और जोखिम प्रबंधन
विदेशी मुद्रा बाजार के मौजूदा माहौल में ट्रेडर्स को केंद्रीय बैंक के बयानों और आर्थिक आंकड़ों पर बारीक नजर रखनी चाहिए। 1.3300 के धुरी बिंदु और एटीआर (ATR) 0.01 के साथ, उचित स्टॉप-लॉस बनाए रखना बेहद जरूरी है ताकि बाजार में होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव से नुकसान से बचा जा सके।


















