मानसून के आगमन के साथ ही हवा में नमी की मात्रा काफी बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर हमारी सेहत के साथ-साथ त्वचा पर भी नजर आने लगता है। उमस भरे इस मौसम में चेहरा अक्सर बेजान, थका हुआ और चिपचिपा दिखने लगता है। इसके अलावा पिंपल्स, मुंहासे और टैनिंग जैसी समस्याएं भी अचानक बढ़ जाती हैं। जिन लोगों की स्किन ऑयली होती है, उनके लिए यह पूरा सीजन किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता है। बाजार में मिलने वाले महंगे प्रोडक्ट्स और फेशियल पर पैसे बहाने के बजाय अगर आप किसी नेचुरल और असरदार उपाय की तलाश में हैं, तो ब्यूटी और स्किन केयर एक्सपर्ट शहनाज हुसैन के मुताबिक, एलोवेरा जेल और मुल्तानी मिट्टी का मिश्रण इस मौसम में त्वचा के लिए वरदान साबित हो सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन दोनों प्राकृतिक चीजों को चेहरे पर एक साथ लगाने से क्या फायदे मिलते हैं और इसे तैयार करने की सही विधि क्या है।
एलोवेरा जेल और मुल्तानी मिट्टी लगाने के प्रमुख लाभ
जब मानसून के दौरान चेहरा बहुत अधिक ऑयली और चिपचिपा हो जाता है, तब मुल्तानी मिट्टी और एलोवेरा का यह खास मिश्रण स्किन को अंदर से साफ करके तरोताजा बनाए रखता है। इस प्राकृतिक पैक के इस्तेमाल से त्वचा को कई तरह के फायदे मिलते हैं, जो इसे इस सीजन का सबसे बेहतरीन स्किन केयर रूटीन बनाते हैं।
एक्स्ट्रा ऑयल और चिपचिपाहट से राहत
इस मौसम में सीबम का उत्पादन काफी बढ़ जाता है, जिसकी वजह से त्वचा जरूरत से ज्यादा तेलीय हो जाती है। मुल्तानी मिट्टी रोमछिद्रों में गहराई तक जमी गंदगी और अतिरिक्त तेल को बाहर खींचने का काम करती है। वहीं दूसरी ओर, एलोवेरा जेल त्वचा को किसी भी तरह का चिपचिपापन दिए बिना नेचुरल नमी और भरपूर हाइड्रेशन प्रदान करता है, जिससे स्किन बैलेंस रहती है।
पिंपल्स और मुंहासों से बचाव
उमस भरे वातावरण में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपने लगते हैं, जिसके कारण चेहरे पर छोटे-छोटे दाने और पिंपल्स उभरने लगते हैं। एलोवेरा में शक्तिशाली एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो मुंहासों की वजह से पैदा होने वाली सूजन को शांत करने में मदद करते हैं। साथ ही, मुल्तानी मिट्टी ऑयल को कंट्रोल करके पिंपल्स के जोखिम को काफी हद तक कम कर देती है।
चेहरे को मिलती है ठंडक और ताजगी
लगातार उमस और पसीने के कारण चेहरा बुझा-बुझा और थका हुआ नजर आने लगता है। एलोवेरा जेल की तासीर प्राकृतिक रूप से ठंडी होती है, जो चिलचिलाती उमस के बीच चेहरे को तुरंत ठंडक और नई फ्रेशनेस प्रदान करती है। इससे थकान दूर होती है और चेहरा खिला-खिला महसूस होता है।
जिद्दी टैनिंग और दाग-धब्बों से छुटकारा
एलोवेरा के भीतर पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स धूप और प्रदूषण की वजह से होने वाली जिद्दी टैनिंग तथा डार्क स्पॉट्स को हल्का करने में सहायता करते हैं। इसके नियमित इस्तेमाल से चेहरा साफ, बेदाग और प्राकृतिक रूप से चमकदार बनता है, जिससे रंगत में भी निखार आता है.
फेस पैक बनाने और लगाने का सही तरीका
इस शानदार और नेचुरल फेस पैक को घर पर तैयार करना बेहद आसान है। इसे सही विधि से बनाने के लिए सबसे पहले एक साफ बाउल में एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी लें। इसके बाद इसमें एक चम्मच शुद्ध एलोवेरा जेल अच्छी तरह मिला दें। इस पेस्ट को एक समान और स्मूथ बनाने के लिए इसमें कुछ बूंदें गुलाब जल की मिला लें। अब इन सभी सामग्रियों को आपस में अच्छी तरह मिक्स करते हुए एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। इस तैयार किए गए नेचुरल पेस्ट को अपने पूरे चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं। ध्यान रखें कि इस पैक को चेहरे पर पूरी तरह सूखने नहीं देना है। जब यह हल्का गीला और नम हो, तो उंगलियों की मदद से हल्के हाथों से मसाज करते हुए इसे साफ पानी से धो लें। चेहरा धोने के बाद किसी अच्छे मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करना बिल्कुल न भूलें।
इन जरूरी बातों का रखें विशेष ध्यान
इस पैक को लगाते समय कुछ सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि त्वचा को पूरा फायदा मिल सके। मुल्तानी मिट्टी जब चेहरे पर एकदम कड़क और पपड़ी की तरह सूख जाती है, तो वह स्किन की नेचुरल नमी को भी खींच लेती है। इसलिए इस बात का खास ख्याल रखें कि पैक हमेशा हल्का गीला रहते ही धो लिया जाए। अगर आपकी त्वचा बहुत अधिक शुष्क यानी ड्राई है, तो मुल्तानी मिट्टी का उपयोग करने से बचें या फिर इसे बहुत कम मात्रा में इस्तेमाल करें। इसके अलावा चेहरा धोने के तुरंत बाद स्किन को मॉइश्चराइज करना न भूलें। अगर आप पहली बार इस पैक को अपने चेहरे पर ट्राई कर रहे हैं, तो कान के पीछे या हाथ की कलाई पर पैच टेस्ट जरूर कर लें ताकि किसी भी तरह की एलर्जी या रिएक्शन से बचाव हो सके। मानसून के इन दिनों में हफ्ते में सिर्फ 1 से 2 बार इसका इस्तेमाल करना पर्याप्त माना जाता है। इस नियमित देखभाल से आपकी त्वचा हमेशा खिली-खिली, निखरी और ऑयल-फ्री बनी रहेगी।

















