अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग ने अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है और यह प्रमुख सपोर्ट स्तरों के ऊपर कारोबार कर रहा है। हाल ही में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में आई नरमी के कारण यूनाइटेड किंगडम में मुद्रास्फीति को लेकर बनी चिंताएं काफी हद तक शांत हुई हैं। महंगाई के दबाव में कमी आने की वजह से वित्तीय बाजारों ने बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की समयसीमा को आगे बढ़ाकर वर्ष 2027 कर दिया है। इसके बावजूद तकनीकी संकेतकों के आधार पर पाउंड में तेजी का रुख बना हुआ है। दुनिया भर के फॉरेक्स ट्रेडर्स की नजरें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश के जैक्सन होल सम्मेलन में दिए जाने वाले भाषण पर टिकी हैं, जिससे अमेरिकी ब्याज दरों और वैश्विक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार को भविष्य की दिशा मिलेगी।
बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरों की संभावना 2027 तक खिसकी
लंदन स्टॉक एक्सचेंज ग्रुप एलएसईजी के मूल्य निर्धारण आंकड़ों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि वित्तीय बाजार बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा निकट भविष्य में किसी बड़े नीतिगत बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। वायदा बाजार में दिसंबर तक केवल 24 बेसिस पॉइंट्स और फरवरी 2027 तक महज 36 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की संभावना ही आंकी गई है। सितंबर में होने वाली बैंक ऑफ इंग्लैंड की आगामी मौद्रिक नीति बैठक से पहले 4 बेसिस पॉइंट्स से भी कम की बढ़ोतरी की कीमत तय की गई है। इसका सीधा अर्थ यह है कि सितंबर महीने में केंद्रीय बैंक द्वारा मुख्य ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावना केवल 15 प्रतिशत ही बची है।
बाजार विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों का मानना है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड सितंबर की बैठक में अपनी बेंचमार्क नीतिगत ब्याज दर को 3.75 प्रतिशत पर ही स्थिर रखेगा। ब्रेंट क्रूड ऑयल की वैश्विक दरों में गिरावट से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को अस्थायी राहत मिली है, जिससे केंद्रीय बैंक पर तुरंत सख्त मौद्रिक नीतियां लागू करने का दबाव कम हुआ है। ब्याज दरों में स्थिरता की इस संभावना ने बॉन्ड यील्ड और मुद्रा जोड़े के पुनर्मूल्यांकन को जन्म दिया है, लेकिन फिर भी पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा है।
GBP/USD का तकनीकी विश्लेषण और मुख्य सपोर्ट स्तर
दैनिक प्राइस चार्ट पर नजर डालें तो GBP/USD मुद्रा जोड़ा 1.3600 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, यह करेंसी पेयर 9-पीरियड एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA (1.3593) और 50-पीरियड एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (1.3478) दोनों से ऊपर बना हुआ है। इन दोनों महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज से ऊपर बने रहने के कारण पाउंड की हालिया बढ़त को मजबूत तकनीकी सहारा मिल रहा है।
रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI (14) वर्तमान में 61 के स्तर पर स्थित है (तथा लाइव आंकड़ों के अनुसार यह 59 के करीब है), जो सकारात्मक क्षेत्र को दर्शाता है। खास बात यह है कि RSI अभी ओवरबॉट्स क्षेत्र में नहीं पहुंचा है, जिसका अर्थ है कि खरीदारों का नियंत्रण बना रहता है तो पाउंड में आगे और बढ़त दर्ज करने की पूरी गुंजाइश है। नीचे की ओर, पहला तात्कालिक सपोर्ट 9-पीरियड EMA पर 1.3593 के आसपास है। यदि बाजार में कोई सुधारात्मक गिरावट आती है, तो 50-पीरियड EMA के पास 1.3478 पर एक मजबूत डिमांड ज़ोन उभरता है। जब तक GBP/USD दैनिक क्लोजिंग आधार पर इन मूविंग एवरेज सपोर्ट से ऊपर बना रहता है, तब तक व्यापक तेजी का रुख कायम रहेगा और किसी भी गिरावट को ट्रेंड रिवर्सल के बजाय खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जाएगा। इसके अतिरिक्त 52 हफ्तों का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है।
जैक्सन होल सिंपोजियम और फेडरल रिजर्व अध्यक्ष केविन वॉश का संबोधन
वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय सतर्कता का माहौल है, क्योंकि निवेशक फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश के जैक्सन होल सिंपोजियम में होने वाले संबोधन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। केविन वॉश का फेडरल रिजर्व अध्यक्ष के रूप में जैक्सन होल में यह पहला भाषण होगा। बाजार सहभागियों को केवल इस बात की उत्सुकता नहीं है कि सितंबर में अमेरिकी ब्याज दरें बढ़ेंगी या स्थिर रहेंगी, बल्कि वे अमेरिका की भावी आर्थिक नीति के व्यापक रोडमैप को भी समझना चाहते हैं।
स्कॉशियाबैंक के रणनीतिकारों ने ध्यान दिलाया है कि ऐतिहासिक रूप से जैक्सन होल सम्मेलन का बाजार की कीमतों पर गहरा प्रभाव पड़ता रहा है। हालांकि, मौजूदा ऑप्शन मार्केट एक अलग ही संकेत दे रहा है। स्कॉशियाबैंक के अनुसार, 1-वीक इम्प्लाइड वोलेटिलिटी हाल के औसतों से काफी नीचे चल रही है। यह स्थिति दर्शाती है कि वित्तीय बाजार शायद केविन वॉश के भाषण और उसके बाद अमेरिकी डॉलर पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर जरूरत से ज्यादा आश्वस्त या बेपरवाह हो रहे हैं। शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (NFP) के वार्षिक संशोधन और केविन वॉश के भाषण से पहले डॉलर को हल्का समर्थन मिल रहा है।
ऊर्जा बाजार में हलचल: डीजल क्रैक स्प्रेड रिकॉर्ड ऊंचाई पर
यद्यपि ब्रेंट क्रूड ऑयल का बाजार पिछले कुछ महीनों की तुलना में अधिक शांत दिखाई दे रहा है, लेकिन रिफाइंड ईंधन और डीजल बाजार एक अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड के बीच का अंतर, हाल ही में इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया।
इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान यह प्रीमियम बढ़कर 102.00 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। डीजल की कीमतों में इस भारी उछाल से स्पष्ट होता है कि रिफाइनिंग क्षमता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अंतर्निहित दबाव अभी भी बना हुआ है। डीजल की यह रिकॉर्ड महंगाई आने वाले समय में माल ढुलाई और परिवहन लागत को बढ़ाकर मुद्रास्फीति पर फिर से दबाव डाल सकती है, जिस पर केंद्रीय बैंकों की बारीक नजर बनी हुई है।
यूरो-डॉलर जोड़ी और अन्य प्रमुख मुद्राओं की स्थिति
पाउंड के साथ-साथ यूरोप की एकल मुद्रा यूरो में भी अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव का असर देखा जा रहा है। EUR/USD मुद्रा जोड़ा 1.1650 के क्षेत्र के आसपास झूल रहा है, जहां स्पष्ट दिशात्मक रुझान का अभाव है। इससे पहले यह घटकर 1.1630 के निचले स्तर तक चला गया था। यूरो में यह अस्थिरता अमेरिकी डॉलर में आ रहे अनिश्चित उतार-चढ़ाव का सीधा परिणाम है, क्योंकि निवेशक शुक्रवार के दो बड़े घटनाक्रमों- अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के संशोधन और फेड अध्यक्ष के भाषण- से पहले अपनी पोजीशन को संतुलित कर रहे हैं।
पाउंड स्टर्लिंग का इतिहास और वैश्विक फॉरेक्स बाजार में इसकी स्थिति
ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा है, जिसकी शुरुआत वर्ष 886 ईस्वी में हुई थी। यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है। अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार (FX) में पाउंड दुनिया की चौथी सबसे ज्यादा ट्रेड की जाने वाली करेंसी है। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर के रोजाना होने वाले फॉरेक्स लेन-देन में पाउंड की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत है, जो औसतन 630 अरब डॉलर प्रतिदिन के बराबर है।
विदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड के तीन सबसे प्रमुख ट्रेडिंग पेयर्स हैं। इनमें पहला GBP/USD है, जिसे फॉरेक्स की भाषा में केबल (Cable) कहा जाता है और यह कुल वैश्विक फॉरेक्स वॉल्यूम का 11 प्रतिशत हिस्सा कवर करता है। दूसरा GBP/JPY है, जिसे ट्रेडर्स ड्रैगन (Dragon) के नाम से जानते हैं और इसकी हिस्सेदारी 3 प्रतिशत है। तीसरा प्रमुख पेयर EUR/GBP है, जो 2 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। पाउंड स्टर्लिंग को जारी करने और उसके मूल्य को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक, यानी बैंक ऑफ इंग्लैंड की है।
मौद्रिक नीति और आर्थिक आंकड़ों का पाउंड पर प्रभाव
पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति है। बैंक ऑफ इंग्लैंड अपने सभी फैसले अपने प्राथमिक लक्ष्य- कीमत स्थिरता यानी लगभग 2 प्रतिशत की वार्षिक मुद्रास्फीति दर- को ध्यान में रखकर लेता है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्रीय बैंक का मुख्य हथियार ब्याज दरों में समायोजन करना है।
जब ब्रिटेन में महंगाई दर बहुत अधिक हो जाती है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है। इससे नागरिकों और व्यवसायों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है, जिससे अर्थव्यवस्था में मांग घटती है और महंगाई पर लगाम लगती है। ऊंची ब्याज दरें ब्रिटेन को वैश्विक निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाती हैं, जिससे पाउंड स्टर्लिंग की मांग बढ़ती है और मुद्रा मजबूत होती है। इसके विपरीत, जब महंगाई बहुत नीचे गिर जाती है, तो यह आर्थिक सुस्ती का संकेत होता है। ऐसी स्थिति में बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों में कटौती करता है ताकि कर्ज सस्ता हो और कंपनियां निवेश बढ़ाकर विकास को गति दे सकें।
ब्याज दरों के अलावा, देश के आर्थिक स्वास्थ्य को दर्शाने वाले विभिन्न आंकड़े भी पाउंड के उतार-चढ़ाव तय करते हैं। ब्रिटेन का सकल घरेलू उत्पाद (GDP), मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई (PMI) आंकड़े, तथा रोजगार रिपोर्ट पाउंड की दिशा निर्धारित करते हैं। एक मजबूत अर्थव्यवस्था पाउंड को मजबूती देती है क्योंकि वह विदेशी निवेश को आकर्षित करती है और ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना पैदा करती है। वहीं कमजोर आंकड़े पाउंड में गिरावट का कारण बनते हैं।
एक और महत्वपूर्ण संकेतक व्यापार संतुलन (Trade Balance) है, जो किसी देश द्वारा किए जाने वाले निर्यात और आयात के अंतर को मापता है। यदि किसी देश के उत्पादों की दुनिया में भारी मांग होती है, तो विदेशी खरीदारों द्वारा अपनी मुद्रा को उस देश की करेंसी में बदलने के कारण मुद्रा की मांग बढ़ती है। सकारात्मक व्यापार संतुलन पाउंड को मजबूती प्रदान करता है, जबकि नकारात्मक संतुलन इसे कमजोर करता है।



















