जापानी येन में अभी और मजबूती की गुंजाइश बची हुई दिख रही है। बैंक ऑफ जापान की आगे की नीति को लेकर बाजार की उम्मीदें धीरे-धीरे येन के पक्ष में झुक रही हैं, और ठीक इसी वक्त जापान से महंगाई के ताजा आंकड़े आने वाले हैं।
जापान में महंगाई बढ़ने के आसार
आने वाले आंकड़े बता रहे हैं कि कीमतों का दबाव हर मोर्चे पर तेज हो रहा है। हेडलाइन महंगाई दर सालाना आधार पर 1.7% रहने का अनुमान है, जो मई में 1.5% थी। ताजा खाद्य पदार्थों को हटाकर देखी जाने वाली कोर महंगाई दर पिछले महीने के 1.4% से बढ़कर 1.6% रहने का अनुमान है। वहीं ताजा खाद्य और ऊर्जा दोनों को हटाकर निकाली जाने वाली दर, जिसे महंगाई की सबसे साफ तस्वीर माना जाता है, लगातार दूसरे महीने सालाना 1.8% पर टिकी रहने की उम्मीद है।
इन सबको मिलाकर देखें तो साफ है कि जापान में महंगाई घट नहीं रही, बल्कि और फैल रही है। यह बदलाव केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढ़ाते रहने की और वजह देता है।
बाजार दरों को कहां जाता देख रहा है
ब्याज दर बाजार पहले से ही और बढ़ोतरी के लिए तैयार बैठा है। स्वैप कर्व के मुताबिक बैंक ऑफ जापान इस साल के अंत तक ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है, और अगले बारह महीनों में कुल 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिससे मुख्य दर 1.50% तक पहुंच जाएगी।
इसके बाद भी नीति अपेक्षाकृत नरम ही रहेगी। 1.50% की दर केंद्रीय बैंक की अनुमानित न्यूट्रल रेंज 1.10% से 2.50% के निचले सिरे के करीब बैठती है, यानी वह स्तर जहां ब्याज दरें न तो अर्थव्यवस्था को गति देती हैं और न रोकती हैं। दूसरे शब्दों में, नीति के सख्त होने से पहले अभी काफी लंबा रास्ता बाकी है।
जोखिम येन के पक्ष में क्यों
येन के मजबूत होने की सबसे बड़ी दलील एक असंतुलन पर टिकी है। एक तरफ जापान की अर्थव्यवस्था अपनी क्षमता से ऊपर चल रही है, दूसरी तरफ मौद्रिक नीति अभी भी ढीली बनी हुई है। जब कोई अर्थव्यवस्था अपनी टिकाऊ क्षमता से आगे दौड़ रही हो और ब्याज दरें नीची रहें, तो महंगाई बढ़ती जाती है और केंद्रीय बैंक पर दरें बढ़ाने का दबाव तेज होता है। यही हालात बैंक ऑफ जापान की दरों को लेकर उम्मीदें ऊपर की ओर बदलने की आशंका बढ़ाते हैं, और ऐसा होने पर आमतौर पर येन को फायदा मिलता है।
अभी कहां है येन
लाइव बाजार आंकड़ों के मुताबिक इस समय एक डॉलर 162.68 येन पर मिल रहा है, जो पिछले बंद भाव 162.51 से करीब 0.10% ऊपर है और अपनी 52 हफ्ते की रेंज 146.22 से 162.84 के ऊपरी छोर से थोड़ा ही नीचे है। मोमेंटम के संकेत खिंचे हुए हैं, 14 दिन का RSI करीब 64 पर है और यह जोड़ी अपने बॉलिंजर बैंड्स के भीतर कारोबार कर रही है, जबकि लंबी अवधि का रुझान मजबूती से ऊपर की ओर बना हुआ है। बैंक ऑफ जापान के थोड़ा भी सख्त रुख अपनाने पर यही जोड़ी नीचे आ सकती है और येन को मजबूती मिल सकती है।
बाकी करेंसी बाजार का हाल
येन की यह कहानी एक सतर्क वैश्विक माहौल के बीच चल रही है। सोमवार को यूरोपीय कारोबार में ब्रिटिश पाउंड डॉलर के मुकाबले 1.3450 के ऊपर हल्की बढ़त बचाए हुए था, क्योंकि डॉलर में सुस्ती छाई रही। निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच सप्ताहांत की झड़पों के असर को तौल रहे थे। अगले दिन आने वाली ब्रिटेन की रोजगार रिपोर्ट पर सबकी नजर रहेगी।
वहीं यूरो 1.1450 की ओर अपनी ताजा तेजी गंवा बैठा, क्योंकि अमेरिका-ईरान तनाव ने कारोबारियों को सतर्क बनाए रखा और यूरोपियन सेंट्रल बैंक के सख्त रुख की उम्मीदों को दबा दिया। माना जा रहा है कि ECB गुरुवार की बैठक में ब्याज दरें स्थिर रखेगा, हालांकि युद्ध के चलते ऊर्जा कीमतों पर बढ़ते दबाव के बीच वह सितंबर में दर बढ़ाने का संकेत दे सकता है।
सोना दिन के हल्के उछाल को आगे नहीं बढ़ा पाया और मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 4,000 डॉलर के स्तर के आसपास लगभग स्थिर कारोबार करता रहा। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में ऊंची ब्याज दरों की आशंका ने डॉलर को सहारा दिया है, जिससे सोने की तेजी पर लगाम लगी है और बिकवाली करने वालों को बल मिला है।
क्रिप्टो में मिले-जुले संकेत
बीते हफ्ते बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में एथेरियम सबसे दमदार प्रदर्शन करने वाला रहा, जो इस बात का संकेत है कि वह अपने साथियों के मुकाबले मजबूती हासिल कर रहा है। पिछले हफ्ते से बुधवार के बीच ETH ने दो अंकों में बढ़त दर्ज की और बिटकॉइन, XRP तथा सोलाना को पीछे छोड़ दिया, इससे पहले कि गुरुवार को पूरा बाजार गिरावट में फिसल जाए। हालांकि सतह के नीचे कई अहम आंकड़े इशारा कर रहे हैं कि यह तेजी अभी भी कमजोर बुनियाद पर खड़ी है।
कार्डानो की कहानी कुछ ठंडी रही, जो पिछले हफ्ते हल्की रिकवरी के बाद 0.165 डॉलर के आसपास ठहर गया। शनिवार को नेटवर्क ने अपना वैन रोसेम हार्ड फोर्क सक्रिय किया, जो पूरी तरह ऑनचेन गवर्नेंस के जरिए मंजूर हुआ कार्डानो का पहला प्रोटोकॉल अपग्रेड है। इस अपडेट के साथ प्रोटोकॉल वर्जन 11 आया, जिसमें स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की लागत घटाने के मकसद से सुधार किए गए हैं।
एक जगह महंगाई नरम भी पड़ी
हर महंगाई का संकेत ऊपर की ओर नहीं है। जून में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक महीने-दर-महीने 0.4% गिरा, जो अप्रैल 2020 के बाद एक महीने की सबसे बड़ी गिरावट है। इससे सालाना दर मई के 4.2% से घटकर 3.5% रह गई और लगातार तीन महीने की तेजी का सिलसिला टूट गया। कोर कीमतें जहां की तहां रहीं, महीने के आधार पर सपाट और सालाना घटकर 2.6% पर, दोनों ही अनुमानों से कम रहीं।
कुल मिलाकर तस्वीर
फिलहाल बैंक ऑफ जापान को लेकर जोखिमों का पलड़ा सख्त नीति और मजबूत करेंसी की ओर झुका है, भले ही भू-राजनीति और अलग-अलग केंद्रीय बैंकों की राहें बाकी बाजार को बेचैन रखे हों। अगर जापान के महंगाई आंकड़े उम्मीद के मुताबिक आते हैं, तो वे इस दलील को और मजबूत करेंगे कि येन की अगली बड़ी चाल नीचे नहीं, बल्कि ऊपर की ओर होने की संभावना ज्यादा है।




















