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जापानी मुद्रा में सीमित हलचल के बीच डॉलर के सामने सतर्क दिखे निवेशकबाज़ार
12 अक्तू॰ 2026, 7:27 am (47 मिनट पहले)· 0

जापानी मुद्रा में सीमित हलचल के बीच डॉलर के सामने सतर्क दिखे निवेशक

जापान में सार्वजनिक अवकाश और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में नरमी के चलते विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत के साथ जापानी मुद्रा एक सीमित दायरे में कारोबार करती नजर आ रही है। एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन 158.10 के स्तर के आसपास बना रहा, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में डॉलर ने मामूली बढ़त दर्ज की थी। जापान में 'स्पोर्ट्स डे' के सार्वजनिक अवकाश के चलते घरेलू वित्तीय बाजार बंद रहे, जिसके कारण बाजार में तरलता काफी कम रही और ट्रेडिंग वॉल्यूम सामान्य दिनों के मुकाबले बेहद सीमित दर्ज किया गया। अवकाश के माहौल में निवेशक किसी बड़े आक्रामक दांव से बचते दिखाई दिए, जिससे विनिमय दरों में स्थिरता का रुख बना रहा।

केंद्रीय बैंक की बैठक और नीतिगत दर पर नजरें

बाजार के सहभागियों का ध्यान अब बैंक ऑफ जापान की 29 और 30 अक्टूबर को प्रस्तावित मौद्रिक नीति बैठक पर टिका हुआ है। इस आगामी समीक्षा बैठक से पहले नीति निर्माता तीसरी तिमाही के ताजा आर्थिक आंकड़ों का व्यापक मूल्यांकन करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले आंकड़े निर्यात क्षेत्र में मजबूती के साथ-साथ घरेलू कारोबारी इकाइयों और आम परिवारों पर बढ़ते लागत के दबाव को प्रदर्शित करेंगे। हालांकि, नीतिगत जानकारों का मानना है कि सितंबर के महीने में की गई ब्याज दर बढ़ोतरी के तुरंत बाद अक्टूबर की इस बैठक में लगातार दूसरी बार दर वृद्धि का फैसला लिए जाने की संभावना बेहद कम है। बैंक द्वारा दरों को स्थिर रखे जाने के इन संकेतों ने येन की तेजी को थाम कर रखा है।

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अमेरिकी आंकड़ों की नरमी और डॉलर पर दबाव

दूसरी तरफ अमेरिकी मुद्रा को अपने घरेलू आर्थिक संकेतकों से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन द्वारा जारी कंज्यूमर सेंटीमेंट इंडेक्स अक्टूबर में गिरकर 46.3 पर आ गया, जबकि सितंबर में यह 48.1 के स्तर पर दर्ज हुआ था। यह गिरावट बाजार के 47.6 के अनुमान से कहीं अधिक कमजोर साबित हुई है। उपभोक्ता धारणा में आई इस कमजोरी ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की उम्मीदों को ठंडा किया है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बहु-वर्षीय उच्च स्तरों से नीचे आने के कारण डॉलर पर दबाव देखा गया। विदेशी मुद्रा कारोबारी अब बुधवार को आने वाले सितंबर के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) और गुरुवार को आने वाले प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) मुद्रास्फीति आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वास्तविक दिशा तय करेंगे।

जापानी येन का वैश्विक आधार और ऐतिहासिक रुख

वैश्विक मुद्रा व्यापार के मंच पर जापानी येन दुनिया की सबसे सक्रिय और अधिक कारोबार वाली मुद्राओं में शामिल है। इसका बाजार मूल्य व्यापक रूप से जापानी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन, केंद्रीय बैंक के नीतिगत रुख, अमेरिका और जापान के सरकारी बॉन्ड यील्ड के अंतर तथा निवेशकों की वैश्विक जोखिम धारणा पर निर्भर करता है। केंद्रीय बैंक के प्राथमिक दायित्वों में मुद्रा का स्थिरीकरण भी शामिल है, जिसके चलते उसके नीतिगत कदमों का असर सीधे विनिमय दरों पर पड़ता है। बैंक ऑफ जापान ने आवश्यकता पड़ने पर मुद्रा बाजार में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप भी किया है, मुख्य रूप से येन के अत्यधिक अवमूल्यन को नियंत्रित करने के लिए, हालांकि प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण ऐसे हस्तक्षेप लगातार नहीं किए जाते।

वर्ष 2013 से लेकर 2024 तक के दौर में बैंक ऑफ जापान ने लंबे समय तक अत्यंत उदार मौद्रिक नीति अपनाए रखी थी। इस अवधि के दौरान अन्य प्रमुख वैश्विक केंद्रीय बैंकों के साथ नीतिगत अंतर लगातार बढ़ता चला गया, जिसके परिणामस्वरूप जापानी मुद्रा में अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले भारी कमजोरी आई। विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान के बीच के नीतिगत फासले ने अमेरिकी और जापानी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के अंतर को काफी चौड़ा कर दिया, जिससे डॉलर को येन की तुलना में मजबूती मिली। वर्ष 2024 में जापान द्वारा अपनी बेहद ढीली मौद्रिक नीति से धीरे-धीरे पीछे हटने के फैसले और अन्य प्रमुख बैंकों में दरों में कटौती के सिलसिले ने इस अंतर को पाटने में मदद की है, जिससे येन को बुनियादी सहारा मिला है।

सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में येन की साख

वैश्विक वित्तीय संकट या बाजार में उथल-पुथल के समय जापानी येन को पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश का साधन माना जाता रहा है। जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तनाव या अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक अपनी पूंजी को जोखिम भरी संपत्तियों से निकालकर येन जैसी स्थिर मानी जाने वाली मुद्रा में लगाना पसंद करते हैं। भू-राजनीतिक मोर्चे पर पश्चिम एशिया में गहराते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनातनी ने व्यापक मैक्रोइकॉनॉमिक अनिश्चितता को बढ़ाया है। जहां एक ओर यह तनाव सुरक्षित ठिकाने के तौर पर डॉलर और येन दोनों को समर्थन दे रहा है, वहीं बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

अन्य मुद्राओं और सराफा बाजार की स्थिति

वैश्विक मुद्रा बाजार के अन्य वर्गों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) सोमवार को एशियाई सत्र में 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंचा और शुरुआती मंदी के अंतर को भरने में सफल रहा। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में नरमी ने इस जोड़ी को समर्थन दिया, लेकिन फेडरल रिजर्व के आक्रामक नजरिए और नवंबर में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा दर वृद्धि की घटती संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित रखा। उधर सराफा बाजार में सोने की कीमतें सोमवार को 4,200 डॉलर प्रति औंस से ऊपर निकल गईं और एक सप्ताह से अधिक के उच्च स्तर को छू गईं। हालांकि, बिना ब्याज देने वाली इस पीली धातु पर फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और फेड चेयरमैन केविन वार्श के आगामी भाषण से पहले बढ़त पर लगाम लगने के आसार हैं। इस बीच येन के मामले में भी सटोरियों को यह डर सता रहा है कि मुद्रा में तेज गिरावट होने पर जापानी अधिकारी बाजार में सीधा दखल दे सकते हैं, जिससे 158.00 के इर्द-गिर्द डॉलर-येन में दोनों तरफ की हलचल बंधी हुई है।

सवाल-जवाब

सोमवार को USD/JPY किस स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था?
सोमवार को एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान यह मुद्रा जोड़ी 158.10 और 158.00 के स्तर के आसपास कारोबार कर रही थी।
ट्रेडिंग वॉल्यूम में कमी का मुख्य कारण क्या था?
जापान में 'स्पोर्ट्स डे' के उपलक्ष्य में सार्वजनिक अवकाश होने के कारण वित्तीय बाजार बंद थे, जिससे तरलता कम रही।
बैंक ऑफ जापान की अगली बैठक कब आयोजित होगी?
बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक 29 और 30 अक्टूबर को निर्धारित है।
अमेरिकी कंज्यूमर सेंटीमेंट इंडेक्स के ताजा आंकड़े क्या रहे?
यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन का कंज्यूमर सेंटीमेंट इंडेक्स अक्टूबर में गिरकर 46.3 रहा, जो सितंबर में 48.1 था।
सोने की कीमतों ने सोमवार को क्या स्तर हासिल किया?
सोना सोमवार को बढ़कर 4,200 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया, जो एक सप्ताह से अधिक का उच्च स्तर है।
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