अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजार में कीमती धातुओं की चमक नए हफ्ते के पहले कारोबारी सत्र में और मजबूत हुई है। हाजिर सोने के भाव लगातार तीसरे सत्र में अपनी बढ़त का दायरा बढ़ाते हुए 4,200 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गए। ठीक इसी समय हाजिर चांदी की कीमतों में भी लगभग 1 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला और यह धातु 61 डॉलर प्रति औंस के पार टिकने में सफल रही। कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा ईंधनों में आई ताजा गिरावट ने वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर बनी चिंताओं को कुछ हद तक शांत किया है, जिससे सर्राफा बाजार को मजबूत सहारा मिला है।
ऊर्जा बाजार में कमजोरी और भू-राजनीतिक गतिविधियां
कमोडिटी कारोबारियों की नजर हालिया वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े घटनाक्रमों पर टिकी हुई है। शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन ने रूस के साथ सैकड़ों हजार टन डीजल की आपूर्ति हासिल करने को लेकर एक समझौता किया है। यह कदम मॉस्को द्वारा डीजल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध को आंशिक रूप से हटाने का संकेत देता है। इसके अतिरिक्त डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि रूस और यूक्रेन तत्काल प्रभाव से एक ऊर्जा युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। इन घोषणाओं से वैश्विक स्तर पर ईंधन की संभावित किल्लत दूर होने की उम्मीद जगी, जिसके चलते ऊर्जा उत्पादों के दामों में तेज बिकवाली देखी गई।
दूसरी ओर पश्चिम एशिया के तनाव ने भी सुरक्षात्मक खरीदारी को बनाए रखा है। सऊदी अरब के मुख्य हवाई अड्डे को रविवार को ईरान समर्थित हुती उग्रवादियों द्वारा फिर से निशाना बनाया गया। यह हमला एक दिन पहले हुए उस हमले के ठीक बाद हुआ जिसमें 12 लोगों की जान चली गई थी और 300 से अधिक लोग घायल हुए थे। सऊदी अरब पर लगातार हो रहे इन हमलों को देखते हुए डोनाल्ड ट्रंप यमन में हुती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब के साथ मिलकर जवाबी सैन्य कार्रवाई में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और अन्य धातुओं की चाल
रूस से डीजल आपूर्ति की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में 1 प्रतिशत से 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स टूटकर 91 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। ऊर्जा क्षेत्र के अन्य घटकों में भी भारी गिरावट रही, जहां प्राकृतिक गैस और गैसोलीन दोनों के भाव में 2-2 प्रतिशत का क्रैश देखा गया। ऊर्जा उत्पादों से अलग औद्योगिक धातुओं में मिलाजुला रुझान देखने को मिला, जिसमें वैश्विक बाजार में तांबे की कीमत में 1 प्रतिशत की तेजी आई।
बॉन्ड यील्ड, डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़े
वित्तीय बाजारों में बॉन्ड यील्ड और विदेशी मुद्रा बाजार भी संतुलित चाल दिखा रहे हैं। अमेरिका की 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.24 प्रतिशत के आसपास स्थिर बनी हुई है, जबकि लंबी अवधि की 30 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड घटकर 5.60 प्रतिशत पर आ गई। इस बीच दुनिया की प्रमुख मुद्राओं की बास्केट के मुकाबले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स कमजोर होकर 102.12 के स्तर तक फिसल गया है। डॉलर में आई इस नरमी से भी गैर-अमेरिकी मुद्रा रखने वाले निवेशकों के लिए सोना और चांदी खरीदना अपेक्षाकृत सस्ता हुआ है।
अब बाजार के जानकारों और निवेशकों का पूरा ध्यान चालू हफ्ते में जारी होने वाले प्रमुख अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों पर टिका है। महंगाई के ये ताजा आंकड़े फेडरल रिजर्व के आगामी ब्याज दर फैसलों और मौद्रिक नीति की भावी दिशा के बारे में स्पष्ट संकेत दे सकते हैं। यदि महंगाई के आंकड़े उम्मीद के अनुरूप या नरम रहते हैं, तो कीमती धातुओं को आगे भी सहारा मिल सकता है, जबकि सख्त आंकड़ों के चलते केंद्रीय बैंक के कड़े रुख की आशंका सर्राफा बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती है।




















