स्ट्रेट ऑफ होरमुज से होकर गुजरने वाले कच्चे तेल की वास्तविक मात्रा को लेकर स्थिति कई मोर्चों पर उलझन भरी बनी हुई है। विभिन्न ऊर्जा एजेंसियों की ओर से आ रही बाजार रिपोर्ट्स और चीन के आगामी सप्ताह में जारी होने वाले व्यापार संतुलन के आंकड़े इस असमंजस को दूर करने में मददगार साबित हो सकते हैं। इस रास्ते से प्रतिदिन कितना तेल समुद्र के रास्ते आगे बढ़ रहा है, इस बारे में अभी भी विरोधाभासी आकलन सामने आ रहे हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में सतर्कता का माहौल है।
अमेरिकी ऊर्जा एजेंसी की नई उम्मीदें और शिप-टू-शिप ट्रांसफर
एक महीने पहले अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) ने स्ट्रेट ऑफ होरमुज से होने वाले शिपमेंट को लेकर अपने अनुमानों में कटौती की थी। यह एजेंसी बुधवार को इस पर अपनी ताज़ा रिपोर्ट पेश करने जा रही है, जिससे स्थिति पर कुछ रोशनी पड़ने की उम्मीद है। एजेंसी ने पहले तीसरी तिमाही के लिए गल्फ क्षेत्र में जुलाई की तुलना में बड़े पैमाने पर उत्पादन नुकसान की आशंका जताई थी। हालांकि, अब इस क्षेत्र में जहाज से जहाज पर तेल ट्रांसफर करने जैसे वैकल्पिक तरीकों की बढ़ती रिपोर्टों को देखते हुए एजेंसी अपना रुख अधिक सकारात्मक कर सकती है। इसी के साथ अमेरिकी तेल उत्पादन के मोर्चे पर भी अगले साल के लिए पूर्वानुमान को थोड़ा बढ़ाया गया है, जिसकी मुख्य वजह तेल की ऊंची कीमतें मानी जा रही हैं।
वैश्विक मांग और चीनी ऊर्जा बाजार का बदलता परिदृश्य
यदि यह रुझान आगे भी जारी रहता है, तो इससे कम से कम यह बात पुख्ता हो जाएगी कि स्ट्रेट ऑफ होरमुज का रास्ता अब अधिक सुगम होता जा रहा है। ऐसी स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने की संभावना अधिक बन जाएगी। इसके अलावा, ओपेक देशों के बाहर के बाजारों में इन्वेंट्री के विकास और वैश्विक स्तर पर तेल की मांग के रुझान पर भी निवेशकों की विशेष नजर बनी हुई है। खासकर चीन की बात करें तो वहां मौजूदा ऊर्जा संकट ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव की रफ्तार को काफी तेज कर दिया है, जिसके कारण चीनी बाजार में कच्चे तेल की मांग लगातार कम होती जा रही है।
विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजार में अन्य बड़े हलचल
ब्रेंट क्रूड से जुड़े इन घटनाक्रमों के बीच वैश्विक वित्तीय बाजारों में अन्य मुद्राओं और धातुओं की चाल भी खासी चर्चा में है। जापानी येन में मजबूती और बैंक ऑफ जापान की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के बीच USD/JPY जोड़ी एशियाई सत्र के दौरान अपने अगस्त महीने के निचले स्तर के आसपास कारोबार करती नजर आई। डॉलर के मुकाबले येन में यह तेजी संदिग्ध हस्तक्षेप और मौद्रिक नीति को लेकर सख्त रुख के कारण देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर भी पिछले सत्र के भारी नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि कमजोर बॉन्ड यील्ड और आगामी अमेरिकी एनएफपी रिपोर्ट का इंतजार बाजार के कारोबारियों को है।
सोने और डॉलर की चाल पर नॉनफ्राम पेरोल रिपोर्ट का असर
दूसरी ओर, सोने यानी XAU/USD की कीमतों में शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले दो दिनों से जारी उसकी रिकवरी पर विराम लग गया। अमेरिकी नॉनफ्राम पेरोल (NFP) रिपोर्ट के आंकड़े उम्मीद से काफी मजबूत आने के बाद यह उठापटक देखने को मिली। इससे पहले गुरुवार को सोने की यह कीमती धातु थोड़े समय के लिए 4,500 डॉलर के ऊपर निकल गई थी और इसमें करीब 2 प्रतिशत की तेजी आई थी, लेकिन ताजा आंकड़ों के बाद उस बढ़त का बड़ा हिस्सा धुल गया। उधर, ऑस्ट्रेलियन डॉलर यानी AUD/USD जोड़ी 0.7200 के स्तर के ऊपर मजबूती से टिकी हुई है, जो कि मई के मध्य के बाद से इसका सबसे उच्चतम स्तर है।
डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड उछाल
कच्चे तेल का बाजार भले ही पिछले कुछ महीनों की तुलना में शांत नजर आ रहा हो, लेकिन डीजल का बाजार बिल्कुल विपरीत संकेत दे रहा है। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम, हाल ही में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया। कारोबार के दौरान यह रिकॉर्ड स्तर छूते हुए 102.00 डॉलर प्रति बैरल के थोड़ा ऊपर तक पहुंच गया, जो ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती विसंगतियों और रिफाइनिंग margins के तनाव को साफ तौर पर दर्शाता है।


















