अमेरिकी श्रम बाजार के चौंकाने वाले आंकड़ों के सामने आने के बाद शुरुआती दबाव से उबरते हुए चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। अगस्त महीने के दौरान अमेरिकी नियोक्ताओं ने बाजार के अनुमान से काफी अधिक 162K नौकरियां जोड़ीं, जिससे वित्तीय बाजारों में भारी हलचल मच गई। इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के तुरंत बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) और बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेज उछाल आया, जिसके कारण चांदी पर बिकवाली का भारी दबाव बना और कीमतें短暂 रूप से 65 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गईं। हालांकि, डॉलर और बॉन्ड यील्ड की इस तेजी में जल्द ही कमजोरी आ गई, जिससे इस कीमती धातु को अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने में मदद मिली।
श्रम बाजार के मजबूत आंकड़े और मुद्रास्फीति के संकेत
अगस्त के रोजगार आंकड़ों ने बाजार की सभी उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया, जहां विश्लेषकों ने केवल 56K नई नौकरियों का अनुमान लगाया था। इसके अलावा, जुलाई के आंकड़ों को संशोधित कर 21K की बढ़ोतरी कर दिया गया, जो कि पहले 23K की गिरावट के रूप में दर्ज किया गया था, जबकि जून के पेरोल आंकड़ों को भी बढ़ाकर 31K कर दिया गया। इन मजबूत आंकड़ों के बीच बेरोजगारी दर 4.1% पर स्थिर बनी रही। इन आंकड़ों का तात्कालिक असर यह हुआ कि निवेशकों ने मौद्रिक नीति के कड़े रुख की संभावनाओं को दोबारा तौलना शुरू कर दिया। डॉलर इंडेक्स उछलकर 99.36 के उच्च स्तर पर पहुंच गया और 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.81% के आसपास ट्रेड करने लगी।
मूल्यवान धातुओं के बाजार पर इसका सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ा क्योंकि मजबूत अमेरिकी मुद्रा के कारण विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर में बिकने वाली चांदी अधिक महंगी हो गई। साथ ही, बढ़ती हुई बॉन्ड यील्ड ने बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों को रखने के अवसर लागत को बढ़ा दिया। हालांकि, यह तेजी ज्यादा लंबी नहीं टिक पाई और डॉलर इंडेक्स तथा ट्रेजरी यील्ड दोनों में ही ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली देखी गई। डॉलर इंडेक्स गिरकर 99.10 के करीब आ गया और 10-वर्षीय यील्ड नरम होकर 4.77% पर आ गई, जिसके चलते चांदी ने अपने intraday निचले स्तर से 1 डॉलर से अधिक की रिकवरी दर्ज की।
ब्याज दरों और मौद्रिक नीति का प्रभाव
मौजूदा आर्थिक परिदृश्य में फेडरल रिजर्व के रुख और महंगाई के आंकड़ों पर बाजार की पैनी नजर बनी हुई है। अधिकारियों की टिप्पणियों के अनुसार, अर्थव्यवस्था में कुछ हिस्सों में मुद्रास्फीति के धीमे होने के संकेत मिल रहे हैं और वर्तमान ब्याज दर का ढांचा महंगाई को फेड के 2% के लक्ष्य की ओर वापस लाने में सक्षम हो सकता है। हालांकि, यदि अगस्त के मुद्रास्फीति के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा गर्म रहते हैं, तो ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी पर विचार किया जा सकता है। इसी अनिश्चितता के बीच चांदी एक तरफ कड़े मौद्रिक रुख की आशंकाओं और दूसरी तरफ डॉलर तथा यील्ड में आई शुरुआती तेजी के थमने के बीच झूलती नजर आ रही है।
तकनीकी मोर्चे पर, चांदी के वन-घंटे के चार्ट में भाव 66.35 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, कीमत अब 66.94 डॉलर पर है जो पिछले बंद 66.97 डॉलर से थोड़ी नीचे (-0.04%) है। तकनीकी संकेतकों में 14-अवधि का RSI 56 के आसपास है, जो मध्यम गति को दर्शाता है। एमएसीडी (MACD) में हिस्टोग्राम -0.28 पर है जो मंदी का संकेत देता है, जबकि बोलिंगर बैंड्स के बीच कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि तात्कालिक प्रतिरोध स्तर 68.06 डॉलर (R1) और 69.17 डॉलर (R2) पर हैं, जबकि समर्थन स्तर 65.58 डॉलर (S1) और 64.22 डॉलर (S2) पर बने हुए हैं।
व्यापक बाजार और अन्य कमोडिटीज की स्थिति
इस बीच, वैश्विक बाजारों में अन्य प्रमुख संपत्तियों और मुद्राओं में भी हलचल देखी जा रही है। एशियाई सत्र के दौरान जापानी येन में मजबूती के चलते USD/JPY जोड़ी अपने अगस्त के मासिक निचले स्तर के आसपास बनी हुई है, जो बैंक ऑफ जापान की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों और संभावित सरकारी हस्तक्षेप को दर्शाती है। इसके अलावा, AUD/USD जोड़ी 0.7200 के ऊपर मजबूती से टिकी हुई है, जबकि सोने (XAU/USD) की कीमतों में शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जो मजबूत एनएफपी आंकड़ों के बाद अपने दो दिनों की रिकवरी को गंवा बैठा। ऊर्जा बाजार में, अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाकर 102.00 डॉलर के रिकॉर्ड इंट्राडे स्तर को छू चुका है, जो कमोडिटी बाजार में जारी अलग-अलग रुझानों को उजागर करता है।


















