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क्रिप्टो धोखाधड़ी में ईडी की बड़ी कार्रवाई, बॉलीवुड सितारों के नाम पर ठगे गए 40 करोड़ रुपये और दो आरोपी गिरफ्तारभारत
4 सित॰ 2026, 9:22 pm (19 मिनट पहले)· 2

क्रिप्टो धोखाधड़ी में ईडी की बड़ी कार्रवाई, बॉलीवुड सितारों के नाम पर ठगे गए 40 करोड़ रुपये और दो आरोपी गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय ने करीब 40 करोड़ रुपये के क्रिप्टोकरेंसी घोटाले में चेन्नई, कोयंबटूर और कोलकाता में छापेमारी कर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बॉलीवुड हस्तियों के जरिए प्रचार करवाकर निवेशकों को फंसाया था।

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर भारी भरकम मुनाफे का झांसा देकर लगभग 40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की परतें टटोलते हुए केंद्रीय एजेंसी ने चेन्नई, कोयंबटूर और कोलकाता में कुल 11 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद मामले के दो प्रमुख आरोपियों इमरान बाशा और हितेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुडुचेरी पुलिस की एफआईआर से खुली पोल

प्रवर्तन निदेशालय के चेन्नई जोनल ऑफिस-2 ने 1 सितंबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत यह व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस जांच की नींव पुडुचेरी साइबर क्राइम पुलिस की तरफ से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर पड़ी थी, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से मामले की फाइल खोली। शुरुआती जांच-पड़ताल में यह खुलासा हुआ कि हितेश कुमार, इमरान बाशा और सैयद उस्मान उर्फ बाबू ने अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर हैपशे नाम से एक सुनियोजित फर्जी निवेश जाल बिछाया था।

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फर्जी प्लेटफॉर्म और टीसीएक्स कॉइन का झांसा

रचे गए षड्यंत्र के तहत आम लोगों को यह विश्वास दिलाया गया कि हैपशे एक आधुनिक क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, जहां टीसीएक्स नामक डिजिटल मुद्रा में पैसा लगाकर बंपर रिटर्न कमाया जा सकता है। निवेशकों की भारी भीड़ जुटाने के लिए आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से आक्रामक विज्ञापन अभियान शुरू किया था। केंद्रीय एजेंसी के अनुसार इस फर्जीवाड़े को प्रचारित करने के लिए कई बड़े प्रमोशनल इवेंट रखे गए और बॉलीवुड सेलिब्रिटीज को भी इस एडवरटाइजिंग कैंपेन के साथ जोड़ा गया ताकि लोग आसानी से झांसे में आ जाएं।

सोशल मीडिया पर प्रचार और कृत्रिम रूप से दाम बढ़ाना

लोगों का विश्वास और ज्यादा मजबूत करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी बड़े पैमाने पर कैंपेन चलाए गए। एजेंसी की जांच में यह बात सामने आई कि निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए हैपशे टोकन की कीमत में कृत्रिम रूप से उछाल दिखाया गया। जब निवेशकों ने टोकन के दाम आसमान छूते देखे तो उन्हें लगा कि उनकी संपत्ति में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसके लालच में आकर कई लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा इस फर्जी योजना में झोंक दिया।

निकासी पर रोक और शेल कंपनियों का खेल

पूरा मामला तब उजागर हुआ जब निवेशकों ने अपनी जमा पूंजी वापस निकालने की कोशिश की। आरोप है कि इसके बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पैसों के विड्राल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। एजेंसी की जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि निवेशकों से ऐंठी गई पूरी रकम को पहले फर्जी शेल कंपनियों में भेजा गया और बाद में इसे आरोपियों के करीबी रिश्तेदारों तथा सहयोगियों के बैंक खातों में डायवर्ट कर दिया गया।

आलीशान जीवनशैली और गिरफ्तारी

बैंक खातों के रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि इस ठगी के जरिए कुल 40 करोड़ रुपये जुटाए गए थे, जिन्हें कई लेयर वाले खातों के जरिए घुमाकर ठिकाने लगाया गया। इस अवैध रकम का एक बहुत बड़ा हिस्सा इमरान बाशा और हितेश कुमार के पर्सनल खातों, उनकी व्यावसायिक फर्मों और पारिवारिक संस्थानों तक पहुंचा था। आरोपियों ने जनता के पैसों से अपनी जिंदगी को बेहद आलीशान बनाया और भारी मात्रा में नई प्रॉपर्टी खरीदी। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर 3 सितंबर को दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत में पेश करने के बाद उन्हें पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।

सवाल-जवाब

इस क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी में कुल कितने रुपयों की ठगी हुई है?
इस मामले में लगभग 40 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है।
प्रवर्तन निदेशालय ने किन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
ईडी ने इस मामले में इमरान बाशा और हितेश कुमार को गिरफ्तार किया है।
यह पूरा मामला सबसे पहले कहां सामने आया था?
इस मामले की शुरुआत पुडुचेरी साइबर क्राइम पुलिस की तरफ से दर्ज की गई एफआईआर से हुई थी।
छापेमारी की कार्रवाई किन-किन शहरों में की गई?
ईडी ने चेन्नई, कोयंबटूर और कोलकाता में कुल 11 ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत से क्या सजा या रिमांड मिली है?
दोनों आरोपियों को विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की ईडी हिरासत में भेजा गया है।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·5 मिनट पहले

यह घोटाला दर्शाता है कि कैसे डिजिटल आस्तियों की आड़ में भोले-भाले नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। बॉलीवुड हस्तियों के नाम का दुरुपयोग कर जनता का विश्वास जीतने की यह रणनीति गंभीर चिंता का विषय है। केंद्रीय एजेंसी द्वारा शेल कंपनियों और बैंक खातों की लेयरिंग की तहकीकात से यह साफ हो जाता है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और बड़े चेहरे और वित्तीय मददगार कानून के शिकंजे में आ सकते हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·2 मिनट पहले

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि अनियंत्रित डिजिटल एसेट्स स्पेस में निवेशकों की सुरक्षा के लिए कड़े विनियामक ढांचे की कितनी सख्त जरूरत है। जब तक वर्चुअल डिजिटल करेंसी के विज्ञापनों और मार्केटिंग पर पारदर्शी दिशा-निर्देश लागू नहीं होते, तब तक शेल कंपनियों के जरिए होने वाले ऐसे मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट आम जनता की गाढ़ी कमाई को निशाना बनाते रहेंगे। इस पूरी जांच में फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट की भूमिका और बैंक खातों की लेयरिंग का पर्दाफाश होना यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में वित्तीय धोखाधड़ी के इस नेक्सस से जुड़े हवाला चैनल्स और डिजिटल वॉलेट्स पर भी केंद्रीय एजेंसियों का शिकंजा कस सकता है।

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