अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत बढ़त दर्ज करते हुए 1.3400 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया है। अमेरिकी डॉलर में आई व्यापक कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के चलते स्टर्लिंग को मजबूत सहारा मिला है। वैश्विक बाजारों में निवेशकों का ध्यान ऊर्जा कीमतों में आए अचानक बदलाव, केंद्रीय बैंकों के आगामी फैसलों और प्रमुख आर्थिक संकेतकों पर टिका हुआ है।
मुद्रा बाजार में स्टर्लिंग की तेजी और डॉलर पर दबाव
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में GBP/USD की जोड़ी 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1.3423 के स्तर पर पहुंच गई। अमेरिकी डॉलर में आई नरमी ने स्टर्लिंग की इस तेजी को गति देने का काम किया। प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड आज के कारोबार में जापानी येन के मुकाबले सबसे मजबूत प्रदर्शन करता नजर आया।
तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से दैनिक चार्ट पर GBP/USD 1.3418 के आसपास कारोबार कर रहा है और इसका निकट अवधि का रुख सकारात्मक बना हुआ है। यह मुद्रा जोड़ी 1.3376 के पास स्थित अपने नवीनतम कंपोजिट सिंपल मूविंग एवरेज क्लस्टर से ऊपर टिकी हुई है। इसके अलावा, पहले के ट्रेंड-लाइन अवरोधों को पार करने के बाद बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिल रहा है। 1.3653 के स्तर से टूटी हुई निचली रुकावट अब 1.3387 के पास समर्थन प्रदान कर रही है, जबकि 1.3869 के पिछले उच्च स्तर से जुड़ी पुरानी प्रतिरोध रेखा 1.3244 के पास आधार दे रही है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 59 के करीब है, जो यह दर्शाता है कि खरीदारी का मोमेंटम मजबूत है लेकिन अत्यधिक खिंचाव की स्थिति में नहीं है।
गिरावट की स्थिति में तात्कालिक सहारा 1.3418 के मौजूदा मूल्य क्षेत्र पर देखा जा रहा है। इसके बाद 1.3387 का ट्रेंड-लाइन फ्लोर और 1.3376 के करीब स्थित सिंपल मूविंग एवरेज क्लस्टर अहम बचाव स्तर हैं, जबकि गहरा सहारा 1.3244 के पिछले ब्रेक जोन पर मौजूद है। दूसरी ओर, ऊपर की तरफ GBP/USD के लिए अगली प्रमुख रुकावट 1.3668 के पास टूटी हुई बढ़ती सपोर्ट ट्रेंड लाइन पर होगी, जिसके बाद 1.3842 के आसपास एक मजबूत प्रतिरोध स्तर उभर सकता है जहां बिकवाल दोबारा दबाव बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
कच्चे तेल में तेज फिसलन और ऊर्जा बाजार की स्थिति
अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में दर्ज की गई मजबूती के बावजूद कच्चे तेल के बाजार में तेज बिकवाली देखी गई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में 5.60 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार क्रूड ऑयल (CL=F) का भाव 96.86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि पिछला बंद भाव 104.12 डॉलर था, जो 6.97 प्रतिशत की दैनिक गिरावट दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 54.98 डॉलर से 119.48 डॉलर के बीच रहा है और इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 0.80 गुना दर्ज हुआ।
तकनीकी संकेतकों के मुताबिक कच्चे तेल का 14-दिवसीय RSI 49 पर आ गया है, जबकि MACD 2.20 पर है जो 2.26 के सिग्नल लाइन से नीचे रहकर नकारात्मक हिस्टोग्राम (-0.06) दिखा रहा है। मूविंग एवरेजेज में 20-दिवसीय EMA 98.70 डॉलर, 50-दिवसीय EMA 94.84 डॉलर और 200-दिवसीय EMA 84.48 डॉलर पर है, जहां 50-दिवसीय SMA 94.83 डॉलर और 200-दिवसीय SMA 86.53 डॉलर के साथ गोल्डन क्रॉस बना हुआ है। 20-दिवसीय बॉलिंजर बैंड 88.08 डॉलर से 107.53 डॉलर के बीच फैला है और मूल्य बैंड के भीतर बना हुआ है। इसका पिवट पॉइंट 98.74 डॉलर पर है, जबकि पहला प्रतिरोध R1 100.87 डॉलर और दूसरा प्रतिरोध R2 104.88 डॉलर पर है। नीचे की ओर पहला समर्थन S1 94.73 डॉलर और दूसरा समर्थन S2 92.60 डॉलर पर स्थित है।
अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और कूटनीतिक घटनाक्रम
अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े हालिया आंकड़ों में इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) मैन्युफैक्चरिंग सूचकांक में सुधार दर्ज किया गया, जो 54.5 से बढ़कर 55.5 पर पहुंच गया और 54.6 के अनुमान को पार कर गया। हालांकि इस रिपोर्ट में रोजगार के आंकड़े में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जबकि प्राइसेज पेड सूचकांक 77.9 से घटकर 75.2 पर आ गया। अमेरिकी अर्थव्यवस्था वार्षिक 3.4 प्रतिशत की दर से बढ़ी है, फिर भी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई और नैस्डैक ने मार्च 2025 के बाद का अपना सबसे खराब मासिक प्रदर्शन समाप्त किया। निवेशक अब पूंजीगत व्यय के वास्तविक नकदी प्रवाह और पूंजी लागत से अधिक रिटर्न पर जोर दे रहे हैं।
कूटनीतिक मोर्चे पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जानकारी दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कूटनीतिक समाधान का समर्थन करते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर सकारात्मक सुर्खियों के बाद तेल की कीमतों में आई नरमी ने जोखिम धारणा को सहारा दिया है। आने वाले दिनों में अमेरिकी मध्यावधि चुनाव बाजार की गतिविधियों को दिशा दे सकते हैं, जिसके बाद निवेशकों की निगाहें शुक्रवार को जारी होने वाली नॉन-फार्म पेरोल्स (NFP) रिपोर्ट, फैक्ट्री ऑर्डर्स और जॉब ओपनिंग्स एंड लेबर टर्नओवर सर्वे (JOLTS) पर होंगी।
ब्रिटेन में नीतिगत फैसले और अन्य वैश्विक मुद्राओं का हाल
ब्रिटेन में बाजार प्रतिभागी ऑटम बजट के प्रभावों का आकलन कर चुके हैं और अब बैंक ऑफ इंग्लैंड के आगामी मौद्रिक नीति निर्णय की तैयारी कर रहे हैं। बाजार में यह व्यापक उम्मीद है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों को बढ़ाकर 4 प्रतिशत तक ले जा सकता है। ब्रिटेन के आर्थिक कैलेंडर में फिलहाल कोई बड़ा स्थानीय डेटा जारी नहीं होना है, जिससे नीतिगत घोषणाएं ही बाजार के रुख को तय करेंगी।
अन्य वैश्विक बाजारों में, ईरान पर कूटनीतिक उम्मीदों के चलते जोखिम संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) ने एशियाई सत्र की गिरावट की भरपाई की, हालांकि व्यापारी रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के फैसले से पहले सतर्क बने रहे। जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) बैंक ऑफ जापान के हालिया स्तरों से उबरकर 158.00 के करीब पहुंचा, जिस पर जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा की हस्तक्षेप चेतावनियों का सीमित असर दिखा। वहीं सोने की कीमतों ने शुक्रवार के 3,870 डॉलर के वार्षिक निचले स्तर और अक्टूबर में आई 6.87 प्रतिशत की मासिक गिरावट के बाद अमेरिकी सत्र में सीमित सुधार दर्ज किया।















