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केंद्रीय बैंकों की बैठकों से पहले 185.70 के पास ठहरी यूरो येन जोड़ी, हस्तक्षेप के डर से मजबूत हुआ येनबाज़ार
5 घंटे पहले· 1

केंद्रीय बैंकों की बैठकों से पहले 185.70 के पास ठहरी यूरो येन जोड़ी, हस्तक्षेप के डर से मजबूत हुआ येन

गुरुवार को ECB और अगले हफ्ते बैंक ऑफ जापान की बैठक के इंतजार में EUR/JPY करीब 185.70 पर ठहरी है, जबकि हस्तक्षेप की चेतावनी और मध्य पूर्व का तनाव येन को सहारा दे रहे हैं।

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तकनीकी विश्लेषण21 जुलाई 2026

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

EUR/USD का RSI 45 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

हफ्ते की शुरुआत में यूरो ने जापानी येन के मुकाबले अपनी पकड़ बनाए रखी है। सोमवार को EUR/JPY जोड़ी करीब 185.70 के आसपास कारोबार कर रही थी और इसमें किसी भी दिशा में बड़ी हलचल के आसार नहीं दिखे। हफ्ते की सुस्त शुरुआत के बाद ज्यादातर कारोबारी फिलहाल इंतजार के मूड में हैं और तब तक कोई बड़ा दांव लगाने से बच रहे हैं, जब तक केंद्रीय बैंकों की बैठकों से तस्वीर साफ नहीं हो जाती। इस वक्त यह जोड़ी किसी संकेत का इंतजार कर रहे बाजार की तरह बर्ताव कर रही है, न कि किसी संकेत पर प्रतिक्रिया दे रही है।

क्यों एक सीमित दायरे में फंसी है जोड़ी

इस ठहराव की सबसे बड़ी वजह आने वाली बैठकें हैं। यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) गुरुवार को अपना अगला ब्याज दर फैसला सुनाएगा, जबकि बैंक ऑफ जापान (BoJ) की बैठक अगले हफ्ते होनी है। जब दोनों करेंसी के केंद्रीय बैंक कुछ ही दिनों में अपना रुख साफ करने वाले हों, तो कोई भी निवेशक नई दिशा में दांव लगाकर किसी झटके का शिकार नहीं बनना चाहता। यही सतर्कता EUR/JPY को इतने तंग दायरे में बांधे हुए है।

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यूरोप की बात करें तो उम्मीद है कि ECB गुरुवार को ब्याज दरें जस की तस रखेगा। असली सवाल यह है कि वह आगे के लिए क्या संकेत देता है। महंगाई का दबाव बढ़ने के चलते नीति निर्माता सितंबर में ही ब्याज दर बढ़ाने का इशारा कर सकते हैं। यह महंगाई मध्य पूर्व के तनाव से पैदा हुई ऊर्जा की ऊंची कीमतों की देन है। ब्याज दर बढ़ने की यही संभावना यूरो को कमजोर पड़ने से बचा रही है, भले ही बाकी बाजार में घबराहट बनी हुई है।

हस्तक्षेप का डर येन को सहारा दे रहा है

येन के पक्ष में सबसे बड़ी बात यह है कि जापानी अधिकारी कभी भी करेंसी बाजार में उतर सकते हैं। निवेशक विदेशी मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप को लेकर सतर्क हैं, और सरकार ने भी इस आशंका को कम करने की कोई कोशिश नहीं की है। वित्त मंत्री सत्सुकी कातायामा ने दोहराया कि येन में जरूरत से ज्यादा उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए सरकार किसी भी वक्त "निर्णायक कदम" उठाने के लिए तैयार है। ऐसे बयान करेंसी को नीचे गिरने से थाम लेते हैं, क्योंकि कारोबारी जानते हैं कि येन को बहुत तेजी से बहुत नीचे धकेलना सरकारी दखल को न्योता दे सकता है।

मध्य पूर्व का तनाव बढ़ा रहा सतर्कता

येन को सहारा देने वाली दूसरी ताकत भू-राजनीति है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने कुछ निवेशकों को सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों की ओर मोड़ा है, और घबराहट के माहौल में येन अक्सर फायदे में रहता है। यही हालात यूरो की कहानी से भी जुड़ते हैं, क्योंकि युद्ध के चलते ऊर्जा की महंगी कीमतें ही वह वजह हैं जिनसे ECB को अब महंगाई की चिंता तौलनी पड़ रही है। यानी यह तनाव इस करेंसी जोड़ी के दोनों पलड़ों को एक साथ खींच रहा है।

बाकी करेंसी के मुकाबले कैसा रहा यूरो

येन से अलग, दिन के कारोबार में यूरो अपनी ज्यादातर बड़ी प्रतिद्वंद्वी करेंसी के मुकाबले मजबूत रहा और इसका सबसे दमदार प्रदर्शन स्विस फ्रैंक के सामने देखने को मिला। इन बदलावों को समझने का आसान तरीका करेंसी हीट मैप है, जो हर बड़ी करेंसी का दूसरी हर करेंसी के मुकाबले प्रतिशत बदलाव दिखाता है। बाईं ओर की करेंसी आधार होती है और ऊपर की पंक्ति वाली करेंसी भाव तय करती है। मसलन, यूरो की पंक्ति से चलकर अमेरिकी डॉलर तक जाएं तो वह आंकड़ा यूरो का डॉलर के मुकाबले बदलाव बताएगा। यह एक नजर में यह देखने का आसान जरिया है कि किस दिन कौन सी करेंसी आगे है और कौन पीछे।

बाजार की बड़ी तस्वीर

बाकी करेंसी बोर्ड पर भी यही सतर्क माहौल दिखा। सोमवार को यूरोपीय कारोबार में GBP/USD 1.3450 के ऊपर हल्की बढ़त थामे रहा, जिसे सुस्त पड़े अमेरिकी डॉलर का सहारा मिला। बाजार सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच हुई झड़पों के असर को तौल रहे थे। ब्रिटेन का रोजगार आंकड़ा अगली बड़ी परीक्षा है, जो मंगलवार को बाद में आएगा। वहीं EUR/USD 1.1450 की ओर की अपनी ताजा बढ़त गंवा बैठा, क्योंकि अमेरिका-ईरान तनाव की वही सतर्कता ECB से जुड़ी सख्त उम्मीदों पर भारी पड़ी। लाइव आंकड़ों के मुताबिक EUR/USD करीब 1.14 पर है और इसका RSI 45 के आसपास है, जो इसे अपने 200 दिन के औसत के नीचे एक लंबी अवधि की गिरावट में दिखाता है।

यह घबराहट दूसरी संपत्तियों तक भी फैली। सोना अपनी छोटी सी दिनभर की बढ़त को आगे नहीं बढ़ा सका और करीब 4,000 डॉलर के स्तर पर लगभग सपाट रहा, क्योंकि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीदों ने डॉलर को सहारा दिया और धातु की तेजी पर लगाम लगाई। क्रिप्टो में एथेरियम ने पिछले हफ्ते अपने साथियों को पीछे छोड़ा और दोहरे अंकों की बढ़त दर्ज करते हुए बिटकॉइन, XRP और सोलाना को मात दी, हालांकि गुरुवार को पूरा बाजार नीचे मुड़ गया। इसके बावजूद कई भीतरी आंकड़े बताते हैं कि यह तेजी अब भी कमजोर बुनियाद पर टिकी है। कार्डानो हल्की रिकवरी के बाद 0.165 डॉलर पर ठहर गया। शनिवार को इसका वैन रोसेम हार्ड फोर्क लागू हुआ, जो पूरी तरह ऑनचेन गवर्नेंस से मंजूर हुआ नेटवर्क का पहला अपग्रेड है और इसके साथ प्रोटोकॉल वर्जन 11 आया, जिसमें स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की लागत घटाने वाले बदलाव शामिल हैं।

आंकड़ों के मोर्चे पर, जून का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) महीने दर महीने 0.4% गिरा, जो अप्रैल 2020 के बाद की सबसे बड़ी एक महीने की गिरावट है। इससे सालाना दर मई के 4.2% से घटकर 3.5% पर आ गई और महंगाई के तीन महीने से जारी रफ्तार पकड़ने का सिलसिला टूट गया। कोर कीमतें महीने दर महीने सपाट रहीं और सालाना आधार पर घटकर 2.6% पर आ गईं, दोनों ही आंकड़े अर्थशास्त्रियों के अनुमान से कम रहे। फिलहाल हर किसी की नजर गुरुवार के ECB फैसले और उसके बाद होने वाली BoJ बैठक पर टिकी है, यही दो घटनाएं EUR/JPY को उसके ठहराव से बाहर निकाल सकती हैं।

सवाल-जवाब

सोमवार को EUR/JPY कहां कारोबार कर रही थी?
यह जोड़ी करीब 185.70 के आसपास थी और दिनभर लगभग स्थिर रही।
ECB और BoJ की बैठकें कब हैं?
ECB का फैसला गुरुवार को आएगा और बैंक ऑफ जापान की बैठक अगले हफ्ते होगी।
क्या ECB से ब्याज दर बदलने की उम्मीद है?
उम्मीद है कि गुरुवार को दरें जस की तस रहेंगी, लेकिन ऊर्जा से जुड़ी महंगाई के चलते सितंबर में बढ़ोतरी का इशारा हो सकता है।
येन को सहारा क्यों मिल रहा है?
जापानी अधिकारियों के हस्तक्षेप के डर और मध्य पूर्व के तनाव से येन को समर्थन मिल रहा है।
वित्त मंत्री सत्सुकी कातायामा ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि येन में ज्यादा उतार-चढ़ाव रोकने के लिए सरकार किसी भी वक्त निर्णायक कदम उठाने को तैयार है।
यूरो किस करेंसी के मुकाबले सबसे मजबूत रहा?
दिन के कारोबार में यूरो का सबसे दमदार प्रदर्शन स्विस फ्रैंक के मुकाबले रहा।
सोने का हाल कैसा रहा?
सोना करीब 4,000 डॉलर पर लगभग सपाट रहा, क्योंकि मजबूत डॉलर ने इसकी तेजी पर लगाम लगाई।
जून का CPI आंकड़ा क्या रहा?
जून का CPI महीने दर महीने 0.4% गिरा और सालाना दर मई के 4.2% से घटकर 3.5% पर आ गई।
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