अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यूरो बनाम जापानी येन में नरमी दर्ज की गई, जहां यह जोड़ी 178.00 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसलकर 177.90 के आसपास कारोबार करती दिखी। इससे ठीक पिछले सत्र में मामूली बढ़त दर्ज करने के बाद यह गिरावट सामने आई है। दैनिक चार्ट का विस्तृत तकनीकी ढांचा यह साफ संकेत दे रहा है कि मुद्रा जोड़ी एक अवरोही चैनल के भीतर बनी हुई है, जो बाजार में बिकवाली के निरंतर पूर्वाग्रह को रेखांकित करता है।
तकनीकी संकेतकों में मंदी के स्पष्ट संकेत
दैनिक समय-सीमा पर यूरो और येन की चाल नौ-अवधि और 50-अवधि के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए के नीचे बनी हुई है। जब अल्पावधि ईएमए दीर्घावधि ईएमए के नीचे स्थित होता है और कीमतें इस दायरे को पार करने में विफल रहती हैं, तो बाजार में आने वाली किसी भी तरह की तेजी केवल सुधारात्मक मानी जाती है। इसके साथ ही, 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 36.36 पर बना हुआ है, जो स्पष्ट रूप से कमजोर दायरे में है। पिछले हफ्ते के निचले स्तरों से हालिया स्थिरता के बावजूद यह दर्शाता है कि बाजार पर विक्रेताओं का नियंत्रण अब भी हावी है। लाइव डेटा के अनुसार आरएसआई 36 के आसपास है और एमएसीडी भी -1.21 पर मंदी की दिशा बनाए हुए है।
प्रमुख समर्थन और रुकावट के स्तर
नीचे की ओर देखते हुए, यूरो बनाम जापानी येन के लिए तत्काल सुरक्षा स्तर गिरते चैनल की निचली सीमा पर लगभग 176.50 के आसपास स्थित है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है और यह दायरा टूटता है, तो बाजार का अगला ध्यान नवंबर 2025 में दर्ज 11 महीने के निचले स्तर 175.70 पर जाएगा। इस अहम समर्थन संगम के टूटने पर 14 महीने का निचला स्तर 169.72 भी परीक्षण के दायरे में आ सकता है।
दूसरी तरफ, यदि कोई ऊपर की ओर सुधार होता है, तो पहला प्रमुख प्रतिरोध स्तर 178.25 पर स्थित नौ-दिवसीय ईएमए है। इसके ऊपर निकलने पर 181.10 का 50-दिवसीय ईएमए अगला रुकावट स्तर बनेगा। यदि तेजी और आगे बढ़ती है, तो अवरोही चैनल का ऊपरी सिरा 184.20 के करीब चुनौती पेश करेगा, जिसके पार 17 अप्रैल को बना 187.95 का सर्वकालिक उच्च स्तर स्थित है।
मुद्रा बाजार का व्यापक परिदृश्य
विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मिले-जुले रुझान के बीच अमेरिकी डॉलर के सामने सबसे कमजोर साबित हुआ। मुद्रा हीटमैप पर आधार मुद्रा और कोट मुद्रा की तुलना दर्शाती है कि डॉलर की मजबूती से यूरो पर दबाव बना हुआ है।
अन्य प्रमुख जोड़ियों में, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7000 के स्तर से नीचे दबाव में बना हुआ है, जहां ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक की सख्त मौद्रिक नीति संबंधी उम्मीदों के बावजूद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर खरीदारों को आकर्षित कर रही है। वहीं, डॉलर और येन की जोड़ी एशियाई कारोबार में 158.50 के करीब डेढ़ सप्ताह के उच्चतम स्तर के पास टिकी रही, जहां ट्रेडर्स 200-दिवसीय एसएमए से आगे बढ़ने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस जोड़ी को बैंक ऑफ जापान के नरम बयानों और अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में तेजी का सहारा मिला है।
सोने के बाजार में भी पिछले सुधार की रफ्तार धीमी पड़ी है और यह 4,150 डॉलर प्रति औंस के आसपास संघर्ष कर रहा है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी की बैठकों के विवरण से पहले अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में एक साथ उछाल आया है, जिससे सोने पर अल्पावधि में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है।
केंद्रीय बैंक के सामने नीतिगत असमंजस
यूरोपीय सेंट्रल बैंक यानी ईसीबी के सामने सामान्य परिस्थितियों में मुद्रास्फीति से निपटने का सीधा रास्ता ब्याज दरों को बढ़ाना होता है, खासकर जब महंगाई लक्ष्य से लगभग दोगुनी चल रही हो। परंतु मौजूदा आर्थिक परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं। इस समय बॉन्ड बाजार पहले से ही वित्तीय सख्ती का एक हिस्सा खुद ही लागू कर रहा है, जिससे यूरोपीय नीति निर्माताओं के लिए आगामी निर्णय लेना अधिक जटिल और चुनौतीपूर्ण बन गया है। ट्रेडर्स आने वाले संकेतों के लिए एफओएमसी कार्यवृत्त और आगामी आर्थिक आंकड़ों पर पैनी नजर रखे हुए हैं।






















