अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों ने नए हफ्ते की शुरुआत मजबूती के साथ की है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन हाजिर सोना (XAU/USD) 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज करते हुए $4,100 प्रति औंस के महत्वपूर्ण आंकड़े को पार कर गया। कीमती धातु में आई इस हालिया बढ़त को अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई कमी से बड़ा समर्थन मिला। यह स्थिति तब बनी जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों पर दो दिनों का विराम लगा, जिससे वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत की जोरदार गिरावट देखने को मिली और मुद्रास्फीति की चिंताएं काफी हद तक कम हुईं। हालांकि, इस शुरुआती उछाल के बाद सर्राफा बाजार के खरीदार बेहद सतर्क बने हुए हैं, क्योंकि चालू हफ्ते में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक का फैसला आना है और तकनीकी संकेतक अभी भी मंदी का दबाव दर्शा रहे हैं। ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना फिलहाल $4,103 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।
भू-राजनीतिक राहत और कच्चे तेल में गिरावट से सोने को मिला सहारा
अमेरिका और ईरान के बीच लगभग दो सप्ताह तक चले भारी हमलों के बाद शुक्रवार शाम से शांति का माहौल बना है। लगातार दो रातों तक दोनों देशों की ओर से कोई नया हमला नहीं हुआ, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों को बड़ी राहत मिली है। तनाव कम होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। तेल सस्ता होने से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा कम हुआ है, जिसने मुद्रास्फीति की उम्मीदों पर अंकुश लगाया है।
इसी बीच, कूटनीतिक मोर्चे पर भी सकारात्मक संकेत देखने को मिले हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बगाई ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि मध्यस्थ देश दोनों पक्षों के बीच जारी तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। महंगाई की चिंताएं कम होने से निवेशकों के बीच यह धारणा मजबूत हुई है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जल्दबाजी नहीं करेगा। इसके परिणामस्वरूप अमेरिकी डॉलर दो महीने के उच्चतम स्तर से पीछे हटा है और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है, जिसने सोने के खरीदारों को फिर से खरीदारी का मौका दिया है।
फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले निवेशकों में सतर्कता का माहौल
शुरुआती कारोबार में $4,100 का स्तर पार करने के बावजूद सोने के व्यापारी कोई बड़ा दांव लगाने से बच रहे हैं। बाजार सहभागियों के मन में यह सवाल बना हुआ है कि कूटनीतिक प्रयासों के बीच बना यह शांति का दौर कितना लंबा टिक पाएगा। लगभग दो हफ्तों के भीषण हमलों के बाद मिली यह राहत अगर अस्थायी साबित होती है, तो बाजारों में फिर से उथल-पुथल मच सकती है।
इसके अलावा, व्यापारियों की नजरें पूरी तरह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर टिकी हैं। फेड की दो दिवसीय बैठक मंगलवार से शुरू हो रही है, जबकि ब्याज दरों पर नीतिगत निर्णय की घोषणा बुधवार को की जाएगी। फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले बाजार में किसी भी बड़े जोखिम से बचने के लिए निवेशक नई पोजीशन बनाने में अत्यधिक सावधानी बरत रहे हैं।
तकनीकी विश्लेषण: बेयर क्रॉस और रेजिस्टेंस लेवल दे रहे मंदी के संकेत
सोने के दैनिक तकनीकी चार्ट का अध्ययन करने पर पता चलता है कि हालिया सुधार के बावजूद व्यापक रुझान अभी भी विक्रेताओं के पक्ष में झुका हुआ है। दैनिक चार्ट पर XAU/USD $4,090.11 के आसपास बना हुआ है। कीमती धातु अपने 21-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) $4,069.60 के ठीक ऊपर टिकी हुई है, लेकिन ऊपर की तरफ इसे 50-दिन के SMA यानी $4,221.95 के पास कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है।
लंबे समय के रुझान को मापने वाले मध्यम और दीर्घकालिक मूविंग एवरेज भी सोने की कीमतों पर भारी दबाव बना रहे हैं। 100-दिन का SMA $4,469.47 और 200-दिन का SMA $4,493.66 पर मौजूद हैं, जो ऊपर की ओर एक मजबूत रेजिस्टेंस जोन का निर्माण करते हैं। जब तक सोना इन स्तरों को फिर से हासिल नहीं कर लेता, तब तक मंदी का ढांचा बना रहेगा। इसके अलावा, 22 जुलाई को 100-दिन का SMA 200-दिन के SMA से नीचे चला गया था, जिसने एक 'बेयर क्रॉस' (Bear Cross) की पुष्टि की थी जो मंदी के रुझान को और मजबूत करता है।
दैनिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 48 के आसपास है, जो किसी निर्णायक तेजी के बजाय दायरे में सीमित या थोड़े नकारात्मक रुझान का संकेत देता है। इसके अलावा एडीएक्स (ADX) 31 पर है, जो बाजार में बने ट्रेंड की मजबूती को दर्शाता है। अगर सोने में नीचे की तरफ गिरावट आती है, तो 21-दिन का SMA $4,069.60 पहला तात्कालिक सपोर्ट होगा। इसे तोड़ने पर कीमत $3,963 के स्तर तक गिर सकती है।
केंद्रीय बैंकों की मांग और सोने के दीर्घकालिक बुनियादी पहलू
मानव इतिहास में सोने ने हमेशा मूल्य के संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपनी चमक और आभूषणों में उपयोग के अलावा, इस पीली धातु को दुनिया भर में एक प्रमुख सुरक्षित संपत्ति माना जाता है। अनिश्चितता या संकट के समय में सोना एक बेहतरीन निवेश साधन साबित होता है, क्योंकि यह किसी विशिष्ट सरकार या जारीकर्ता पर निर्भर नहीं रहता और मुद्रास्फीति के साथ-साथ गिरती मुद्राओं के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
दुनिया के केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े धारक हैं। संकट के समय में अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं को सहारा देने और अर्थव्यवस्था की साख बढ़ाने के लिए केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाते हैं और सोना खरीदते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, केंद्रीय बैंकों ने वर्ष 2022 में अपने भंडार में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना जोड़ा था, जिसकी कुल कीमत लगभग $70 अरब थी। यह रिकॉर्ड दर्ज शुरू होने के बाद से किसी भी एक साल में की गई सबसे बड़ी खरीदारी थी। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने स्वर्ण भंडार में तेजी से बढ़ोतरी कर रहे हैं।
मुद्रा, कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार की हलचल
सोने का अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी बिलों के साथ विपरीत संबंध होता है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोने की कीमतें आमतौर पर बढ़ती हैं। इसी तरह, शेयर बाजार में तेजी आने पर सोने की मांग घटती है, जबकि जोखिम भरे परिसंपत्ति बाजारों में बिकवाली होने पर निवेशक सोने का रुख करते हैं। हफ्ते की शुरुआत में अन्य परिसंपत्ति वर्गों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला
- GBP/USD: अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के कारण जीबीपी/यूएसडी जोड़ी तीन सप्ताह के निचले स्तर से उबरते हुए एशियाई सत्र के दौरान 1.3300 के मध्य स्तर के ऊपर चढ़ गई।
- EUR/USD: कूटनीतिक वार्ता से उम्मीदें बढ़ने और डॉलर के नरम पड़ने के कारण यूरो/डॉलर की जोड़ी एशियाई सत्र में उछलकर 1.1400 के स्तर से ऊपर पहुंच गई।
- ऑस्ट्रेलियन डॉलर (AUD): चालू वर्ष की पहली छमाही में चार साल के उच्चतम स्तर को छूने के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में सुधार आया है। मध्य पूर्व के घटनाक्रमों और ब्याज दर के दृष्टिकोण के कारण दूसरी छमाही में इसके लिए अनिश्चितता बनी हुई है।
- कार्डानो (ADA): क्रिप्टोकरेंसी बाजार में कार्डानो दबाव में रहा और $0.165 पर कारोबार करता दिखा। डेरिवेटिव्स डेटा और सुस्त मोमेंटम इंडिकेटर दर्शाते हैं कि इसमें आगे बड़ी तेजी की गुंजाइश सीमित है।



















