अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में नया व्यावसायिक सप्ताह शुरू होते ही कीमती धातुओं की मांग में अचानक तेजी दर्ज की गई है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य आक्रामकता में अस्थायी ठहराव की खबरों के बाद वैश्विक निवेशकों का रुझान एक बार फिर से सुरक्षित संपत्तियों की ओर देखा जा रहा है। एशियन ट्रेडिंग सेशन के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतें 2 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल दर्ज करते हुए 60.00 डॉलर प्रति औंस के बेहद करीब पहुंच गईं। मध्य पूर्व में तनाव घटने के शुरुआती संकेतों के चलते अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई, जिससे कीमती धातुओं के बाजार को अपनी बढ़त मजबूत करने का अवसर मिला।
कूटनीतिक प्रयास और फेडरल रिजर्व के फैसले का इंतजार
मध्य पूर्व में पिछले पांच महीनों से जारी भू-राजनीतिक संघर्ष में विराम आने के साथ ही निवेशकों का ध्यान अब आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर केंद्रित हो गया है। वित्तीय बाजारों के हितधारक इस सप्ताह बुधवार को होने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति ऐलान पर बारीक नजर रखे हुए हैं। व्यापक बाजार अनुमानों के अनुसार, अमेरिकी केंद्रीय बैंक इस बार बेंचमार्क ब्याज दरों में कोई बदलाव न करते हुए उन्हें पूर्व स्तर पर ही बनाए रख सकता है।
ब्याज दर परिदृश्य और भू-राजनीतिक हलचलों के बीच चांदी यानी XAG/USD का भाव तकनीकी रूप से एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। हालिया तेजी के साथ चांदी अपनी 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA20 से ऊपर जाने का प्रयास कर रही है, जो वर्तमान में 59.35 डॉलर से 59.70 डॉलर के स्तर के आसपास बना हुआ है। इस तकनीकी रेखा के ऊपर बने रहने से बाजार में तात्कालिक बिकवाली का दबाव कम होने की संभावना जताई जा रही है।
तकनीकी संकेत और प्रमुख समर्थन व प्रतिरोध स्तर
चांदी के दैनिक मूल्य चार्ट का गहन विश्लेषण करने पर कई महत्वपूर्ण तकनीकी संकेत सामने आते हैं। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI वर्तमान में 48 के स्तर पर मंडरा रहा है, जो यह दर्शाता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव अब धीरे-धीरे थम रहा है और खरीदारी की गति में सुधार हो रहा है। यदि मूल्य 20-दिवसीय EMA के ऊपर दैनिक क्लोजिंग देने में सफल रहता है, तो चांदी में आगे और मजबूत रिकवरी देखी जा सकती है।
तकनीकी नजरिये से नीचे की ओर 17 जुलाई का निचला स्तर 54.77 डॉलर एक बेहद अहम और मजबूत सपोर्ट लेवल बना हुआ है। इसके अलावा वर्तमान सत्र के अनुसार पहला तात्कालिक प्रतिरोध स्तर R1 60.43 डॉलर और दूसरा प्रतिरोध स्तर R2 60.91 डॉलर पर स्थित है, जबकि नीचे की ओर तात्कालिक समर्थन S1 59.43 डॉलर और S2 58.92 डॉलर पर देखा जा रहा है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान चांदी का दायरा 36.35 डॉलर के निचले स्तर से लेकर 121.30 डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर के बीच रहा है।
निवेश साधन के रूप में चांदी की भूमिका
चांदी ऐतिहासिक रूप से मूल्य के संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली एक प्रमुख कीमती धातु रही है। यद्यपि वैश्विक निवेशकों में सोने की लोकप्रियता अधिक रही है, लेकिन अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने, आंतरिक मूल्य को सुरक्षित रखने और उच्च मुद्रास्फीति के दौर में बचाव के लिए चांदी को एक उत्कृष्ट विकल्प माना जाता है। निवेशक चांदी में कई माध्यमों से निवेश करते हैं, जिनमें सिक्कों और छड़ों के रूप में भौतिक चांदी की खरीदारी के अलावा एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ETF प्रमुख हैं, जो अंतरराष्ट्रीय हाजिर कीमतों को ट्रैक करते हैं।
चांदी पर ब्याज नहीं मिलता, इसलिए बिना उपज वाली संपत्ति होने के कारण ब्याज दरों में गिरावट के समय इसके दाम आमतौर पर चढ़ते हैं। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर यानी USD के साथ चांदी का संबंध विपरीत देखा जाता है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी कीमत डॉलर में तय होती है। जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो चांदी की कीमतों पर दबाव पड़ता है, जबकि डॉलर के कमजोर होने पर चांदी के भाव में तेजी देखने को मिलती है। इसके साथ ही खदानों से आपूर्ति, पुनर्चक्रण दरें और वैश्विक निवेश मांग भी इसके मूल्य को तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
औद्योगिक मांग और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं का असर
अन्य कीमती धातुओं की तुलना में चांदी की सबसे बड़ी खासियत इसकी विशाल औद्योगिक मांग है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सौर ऊर्जा जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में इसका व्यापक उपयोग होता है क्योंकि चांदी की विद्युत चालकता तांबे और सोने की तुलना में भी सबसे अधिक मानी जाती है। जब वैश्विक औद्योगिक उत्पादन बढ़ता है, तो चांदी की मांग में उछाल आने से इसके दाम मजबूत होते हैं।
अमेरिका, चीन और भारत की अर्थव्यवस्थाएं चांदी के वैश्विक बाजार को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित करती हैं। अमेरिका और विशेष रूप से चीन के बड़े औद्योगिक क्षेत्र विनिर्माण प्रक्रियाओं में भारी मात्रा में चांदी का उपभोग करते हैं। दूसरी ओर, भारत में आभूषणों और पारंपरिक वस्तुओं के लिए उपभोक्ता मांग अत्यधिक रहती है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
गोल्ड-सिल्वर रेश्यो और अन्य वित्तीय बाजारों की स्थिति
चांदी आमतौर पर सोने की चाल का अनुसरण करती है। जब सोने के भाव में तेजी आती है, तो सुरक्षित निवेश की प्रकृति के कारण चांदी भी उसी दिशा में कदम बढ़ाती है। दोनों धातुओं के सापेक्ष मूल्यांकन को समझने के लिए विशेषज्ञ गोल्ड-सिल्वर रेश्यो का उपयोग करते हैं। यह रेश्यो बताता है कि एक औंस सोना खरीदने के लिए कितने औंस चांदी की आवश्यकता होगी। अनुपात का अधिक होना यह दर्शाता है कि चांदी की कीमत सोने के मुकाबले सस्ती है, जबकि कम अनुपात सोने की तुलना में चांदी के महंगे होने का संकेत देता है।
चांदी के अलावा अन्य वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में भी इस हफ्ते की शुरुआत में हलचल देखी गई है। डॉलर की कमजोरी के बल पर GBP/USD जोड़ी 1.3350 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रही है, जबकि EUR/USD भी चढ़कर 1.1400 के स्तर को पार कर गया है। सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4,100 डॉलर प्रति औंस के स्तर के पास संभलने का प्रयास कर रहा है। क्रिप्टो बाजार में कॉर्डानो यानी ADA पर बिकवाली का दबाव है और यह 0.165 डॉलर के आसपास बना हुआ है, वहीं ऑस्ट्रेलियाई डॉलर मध्य पूर्व संघर्ष के असर और मुद्रास्फीति के रुझानों के कारण अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।



















