अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भू-राजनीतिक तनाव का असर साफ दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में गहराते संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए कच्चे तेल की ढुलाई को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर टिकी हुई हैं। बाजार में एक तय ढर्रा देखने को मिल रहा है, जहां कारोबारी सत्र की शुरुआत में कीमतों में गिरावट आती है, लेकिन सत्र समाप्त होते-होते तेल के दाम लगभग पूरा नुकसान पाटकर मजबूत स्थिति में बंद होते हैं। कारोबारियों का मानना है कि इस पूरे क्षेत्र में आपूर्ति को लेकर बड़ा जोखिम प्रीमियम पहले से कीमतों में शामिल हो चुका है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिका-ईरान समीकरण
फारस की खाड़ी से होने वाले तेल प्रवाह की निरंतरता को लेकर बाजार लगातार सतर्क बना हुआ है। विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि अगर इस समुद्री मार्ग से आपूर्ति सामान्य बनी रहती है, तो आने वाले समय में कीमतों में जुड़ा जोखिम प्रीमियम धीरे-धीरे कम हो सकता है। हालांकि, इस जोखिम प्रीमियम को पूरी तरह समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच किसी औपचारिक समझौते या सहमति की दरकार होगी। जब तक दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक बाजार खाड़ी क्षेत्र से निर्बाध आपूर्ति को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो पाएगा।
रणनीतिक भंडार से 10 करोड़ बैरल तेल निकालने की तैयारी
वैश्विक ऊर्जा संकट को थामने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी यानी आईईए के सदस्य देशों ने अपने आपातकालीन रणनीतिक भंडार से शेष 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जताई है। यह कदम उस 40 करोड़ बैरल की मूल योजना का हिस्सा है, जिसे सदस्य देशों ने मार्च महीने में फारस की खाड़ी से होने वाली आपूर्ति में आई कमी को पाटने के लिए मंजूरी दी थी। अब तक के आंकड़ों के अनुसार, सदस्य देश लगभग 33 करोड़ बैरल तेल बाजार में वितरित कर चुके हैं।
आने वाले दिनों में जारी होने वाले 10 करोड़ बैरल में से 2 करोड़ बैरल डीजल होगा, जिसे जल्द से जल्द बाजार में उतारा जाएगा। हालांकि, डीजल की इस सीमित मात्रा को लेकर अमेरिका में असंतोष की स्थिति बन सकती है। शुरुआती चर्चाओं में यह उम्मीद जताई जा रही थी कि रणनीतिक भंडार से लगभग 5 करोड़ बैरल डीजल जारी किया जाएगा, लेकिन वास्तविक मात्रा 2 करोड़ बैरल तक सीमित रहने से ईंधन बाजार की तंग आपूर्ति पूरी तरह सुलझना मुश्किल नजर आ रहा है।
अमेरिकी क्रूड भंडार में भारी गिरावट और तूफान का असर
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन यानी ईआईए के ताजा आंकड़ों ने भी आपूर्ति की तंगी को और पुख्ता किया है। अमेरिका के वाणिज्यिक कच्चे तेल के भंडार में पिछले हफ्ते 85.6 लाख बैरल की भारी गिरावट दर्ज की गई। फरवरी के बाद से एक हफ्ते के भीतर यह अमेरिकी क्रूड स्टॉक में आई सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है।
इस भारी गिरावट के पीछे मेक्सिको की खाड़ी में सक्रिय तूफानी मौसमी स्थितियां प्रमुख वजह रहीं, जिसके चलते तटवर्ती और गहरे समुद्र में स्थित तेल उत्पादन प्लेटफॉर्मों को बंद करना पड़ा था। अनुमान के मुताबिक, तूफान के चलते अमेरिकी उत्पादन में सप्ताह-दर-सप्ताह आधार पर 3 लाख बैरल प्रतिदिन की कमी दर्ज की गई है। इस आपूर्ति व्यवधान ने वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों को नीचे आने से रोक रखा है।
मुद्रा बाजार और फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों का प्रभाव
ऊर्जा बाजार के साथ-साथ मुद्रा और कीमती धातुओं के बाजारों में भी खासी उठापटक देखी जा रही है। शुक्रवार को एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी बढ़त जारी रखी और 0.6950 के स्तर की ओर बढ़ गया। इस बीच यूएस डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिसका असर यूएसडी/जेपीवाई पर भी पड़ा और यह जोड़ी फिसलकर 158.00 के स्तर से नीचे आ गई।
डॉलर की इस कमजोरी के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श के हालिया बयान को मुख्य कारण माना जा रहा है। बैंकॉक में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के साथ हुई चर्चा के दौरान केविन वॉर्श ने ब्याज दरों के भावी मार्ग पर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। उन्होंने केवल इतना दोहराया कि वह मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मौद्रिक नीति को लेकर उनके इस तटस्थ रुख ने निवेशकों को डॉलर से दूर किया है।
सोने की कीमतों में सुधार और क्रिप्टोकरेंसी का मिलाजुला रुख
फेड प्रमुख के तटस्थ बयानों के बाद यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में सोने की कीमतों में सुधार देखने को मिला और भाव फिर से 4,200 डॉलर प्रति औंस की ओर अग्रसर हुए। निवेशक मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
दूसरी ओर, डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है। प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी जैसे बिटकॉइन (BTC) और एथेरियम (ETH) अपने महत्वपूर्ण समर्थन स्तरों के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहे हैं, जबकि रिपल (XRP) अहम प्रतिरोध स्तर के नीचे संघर्ष करता नजर आया। लगातार ऊंची बनी हुई मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने जोखिम उठाने की क्षमता को प्रभावित किया है। शीर्ष तीनों क्रिप्टोकरेंसी के तकनीकी संकेतकों में कमजोरी दर्ज की गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यदि मौजूदा समर्थन स्तर टूटे तो डिजिटल संपत्तियों में और गहरी गिरावट आ सकती है।



















