17 सितंबर को कन्या राशि में सूर्य का प्रवेश: 7 राशियों का चमकेगा भाग्य, मिलेगी नौकरी और कारोबार में तरक्की2026 का अंत होने से पहले मिथुन, कर्क और वृश्चिक राशि वालों को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ, बढ़ेगी आमदनीबलिया में व्हाट्सएप हैक कर यूपीआई से 75 हजार मांगने का नया साइबर फ्रॉड, पुलिस ने जारी किया अलर्टअमरीकी ट्रेजरी के बायबैक प्लान से डॉलर पर बढ़ा दबाव, बॉन्ड यील्ड में दिखा दुर्लभ पैटर्नस्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज संकट से WTI क्रूड में उबाल, डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बीच $92 तक जा सकती है कीमतमेघालय में तनाव के बीच वेस्ट जयंतिया हिल्स में खुले पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर तुरंत रोकमध्य प्रदेश में पुलिस अफसर पर कड़ी कार्रवाई के तहत हत्या के आरोपी से बेहद सस्ती जमीन लेने के आरोप में सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर FIR और निलंबन का आदेश जारीस्वीडिश रिक्सबैंक ने ब्याज दर 1.75 प्रतिशत पर रखी बरकरार, मध्य पूर्व के तनाव के बीच दिए बढ़ोतरी के संकेतबिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों पर भड़का गुस्सा, 90 प्रतिशत छात्र फेल होने के बाद सड़कों पर उतरेलखनऊ में जापान के राजदूत से मिले अखिलेश यादव, सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीर
नोमुरा के अनुसार मजबूत राजकोषीय स्थिति से यूरो डॉलर, पाउंड और येन से आगे निकलेगाबाज़ार
21 अग॰ 2026, 7:38 pm (2 घंटे पहले)· 2

नोमुरा के अनुसार मजबूत राजकोषीय स्थिति से यूरो डॉलर, पाउंड और येन से आगे निकलेगा

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में नोमुरा का आकलन है कि यूरोप में राजनीतिक अनिश्चितता कम होने और ऋण स्थिति बेहतर रहने से यूरो अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में मजबूत प्रदर्शन करेगा।

वैश्विक मुद्रा बाजार में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जहां जापानी वित्तीय संस्था नोमुरा के रणनीतिकारों ने यूरो के सकारात्मक प्रदर्शन की संभावना जताई है। विश्लेषकों का मानना है कि यूरोपीय संघ में राजनीतिक जोखिम पहले की तुलना में काफी कम हुए हैं, जिससे यूरो मुद्रा अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन के मुकाबले बेहतर स्थिति में आ सकती है। यूरोप के मुख्य देशों में राजकोषीय संतुलन और विदेशी पूंजी के प्रवाह ने यूरो को अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले रणनीतिक बढ़त दिलाई है।

यूरोपीय संघ का राजनीतिक परिदृश्य और राजकोषीय संतुलन

यूरोपीय महाद्वीप में राजनीतिक अनिश्चितता का स्तर बीते वर्षों के मुकाबले कम हुआ है। पहले जब फ्रांस में आरएन और जर्मनी में एएफडी जैसे दक्षिणपंथी और जनवादी दल मजबूत होते थे, तब यूरो क्षेत्र या यूरोपीय संघ से बाहर निकलने की आशंकाएं बढ़ जाती थीं। हालांकि, ये दल अब भी यूरोपीय संघ की नीतियों के आलोचक हैं, लेकिन वे संघ छोड़ने जैसे कठोर कदम उठाने की बात नहीं कर रहे हैं। इस बजह से बाजार में राजनीतिक स्थिरता को लेकर विश्वास बढ़ा है।

ये भी पढ़ें

यूरो क्षेत्र के समग्र परिदृश्य को देखा जाए तो यहां वित्तीय जोखिम अपेक्षाकृत नियंत्रित हैं। हालांकि फ्रांस की राजकोषीय स्थिति को लेकर कुछ चिंताएं जरूर हैं, लेकिन जर्मनी और स्पेन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का बेहतर प्रदर्शन इन चिंताओं को संतुलित कर देता है। यूरो क्षेत्र की चार बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सरकार के ब्याज भुगतान आने वाले वर्षों में बढ़ सकते हैं, लेकिन वे ब्रिटेन और अमेरिका के स्तर से काफी नीचे बने रहने की उम्मीद है। यूरो क्षेत्र के सरकारी बॉन्ड में विदेशी निवेशकों का प्रवाह हाल के महीनों में तेजी से बढ़ा है, क्योंकि निवेशक उच्च प्रतिफल को जोखिम के मुकाबले बेहतर अवसर मान रहे हैं।

ब्रिटिश पाउंड पर दबाव और ब्रिटेन की राजकोषीय चुनौतियां

नोमुरा के अनुसार यूरोप के भीतर ब्रिटिश पाउंड सबसे अधिक जोखिम का सामना कर रहा है। नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के नेतृत्व वाली ब्रिटेन की लेबर सरकार मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखते हुए आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। साथ ही सरकार को अपनी वित्तीय विश्वसनीयता बनाए रखने और खर्च की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की चुनौती का भी सामना करना पड़ रहा है। ब्रिटेन का ऋण और जीडीपी अनुपात यूरो क्षेत्र के औसत से काफी अधिक है और यह तेजी से बढ़ा है। आने वाले वर्षों में शुद्ध ब्याज भुगतान में वृद्धि के कारण ब्रिटेन की राजकोषीय कमजोरियां जल्द समाप्त होने की संभावना नहीं है।

इसके बावजूद, मुद्रा बाजार में GBP/USD जोड़ी में साप्ताहिक तेजी देखी गई है और यह 1.3650 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रही है, जो फरवरी के बाद का उच्चतम स्तर है। सकारात्मक पीएमआई आंकड़ों ने खुदरा बिक्री के कमजोर आंकड़ों के बावजूद पाउंड को सहारा दिया है। वहीं दूसरी ओर EUR/USD भी यूरोपीय सत्र के दौरान 1.1700 के स्तर से ऊपर पहुंच गया, जिसे अमेरिका में डॉलर की कमजोरी का लाभ मिला है।

अमेरिकी ट्रेजरी की तरलता योजना और डॉलर का रुझान

अमेरिकी डॉलर अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले दबाव में है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को 12:32 GMT पर अपने निर्धारित कैलेंडर से हटकर एक घोषणा की। इसके तहत 10 वर्ष से 20 वर्ष और 20 वर्ष से 30 वर्ष की परिपक्वता वाले क्षेत्रों में तरलता सहायता पुनर्खरीद संचालन के आकार को दोगुना करने का निर्णय लिया गया। प्रति संचालन अधिकतम राशि को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक चलेगी।

इस बीच, एसएंडपी ग्लोबल द्वारा अगस्त महीने के प्रारंभिक अमेरिकी क्रय प्रबंधक सूचकांक आंकड़े जारी किए जाने हैं। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि विनिर्माण पीएमआई जुलाई के 53.9 से थोड़ा घटकर 53.8 पर आ सकता है, जबकि सेवा पीएमआई पिछले महीने के 54.6 से घटकर 54.0 पर रहने की संभावना है। अमेरिकी डॉलर पर बने इस दबाव से वैश्विक बाजारों में अन्य संपत्तियों को बल मिला है।

सोना और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में तेजी

अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट का सीधा असर कीमती धातुओं और डिजिटल परिसंपत्तियों पर दिखा है। सोना अपनी बढ़त को कायम रखते हुए $4,600 के प्रतिरोध क्षेत्र को फिर से छूने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो कि पिछले छह महीनों के व्यापारिक दायरे का ऊपरी स्तर है। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद के माध्यम से बाजार में तरलता बढ़ाने की योजना से सोने के खरीदारों को बल मिला है।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी तेजी का रुख बना हुआ है। बिटकॉइन $77,000 के स्तर से ऊपर निकल गया है। बिटकॉइन की इस बढ़त का असर अन्य डिजिटल परिसंपत्तियों पर भी पड़ा है, जहां एथेरियम $2,400 के करीब और रिपल $1.35 के आसपास कारोबार कर रहा है। समग्र रूप से, राजकोषीय गतिकी और केंद्रीय नीतियों के बदलावों से वैश्विक वित्तीय बाजारों में नई हलचल देखने को मिल रही है।

सवाल-जवाब

नोमुरा के अनुसार यूरो के अन्य मुद्राओं से बेहतर प्रदर्शन करने की क्या वजह है?
यूरोपीय संघ में राजनीतिक अनिश्चितता का जोखिम कम हुआ है और जर्मनी व स्पेन की मजबूत स्थिति के कारण यूरो क्षेत्र में राजकोषीय संतुलन बेहतर बना हुआ है।
ब्रिटिश पाउंड पर राजकोषीय दबाव का क्या कारण है?
ब्रिटेन का कर्ज और जीडीपी अनुपात यूरो क्षेत्र से अधिक है तथा प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम की सरकार को बढ़ती ब्याज लागत के बीच वृद्धि और खर्च को संतुलित करने में चुनौती आ रही है।
अमेरिकी ट्रेजरी की नई तरलता योजना क्या है?
अमेरिकी ट्रेजरी ने 10 से 30 वर्ष की परिपक्वता वाले बांड की पुनर्खरीद सीमा 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति संचालन कर दी है, जो 9 सितंबर से 4 नवंबर तक लागू रहेगी।
सोने और बिटकॉइन की कीमतों पर क्या असर पड़ा है?
अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और तरलता में वृद्धि के चलते सोना $4,600 के स्तर की ओर बढ़ रहा है और बिटकॉइन $77,000 के पार पहुंच गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR